Tuesday, 4 December 2012

UPTET-2011 : परीक्षाफल की खामियां बेशुमार

चार हजार अभ्यर्थी लगा रहे माशिप का चक्कर
नहीं सामने आया मुख्य सचिव की जांच का परिणाम
डेली न्यूज नेटवर्क
इलाहाबाद। वर्ष 2011 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का परीक्षाफल सही कराने तथा गलतियों को सुधरवाने को लेकर लगभग चार हजार अभ्यर्थी आज भी माध्यमिक शिक्षा परिषद का चक्कर लगा रहे हैं। हाल यह है कि परिषद में उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है। परिषद सचिव स्वयं यह कहकर अपना हाथ झटक देते हैं। चूंकि मुझे इस मामले में कोई कागजात नहीं प्राप्त हुआ है इसलिए परीक्षाफल में हुई कोई त्रुटि या खामी को हमारे स्तर से सही नहीं हो सकती है। फिर भी प्रतिदिन दर्जनों अभ्यर्थी परिषद का चक्कर लगा रहे हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा 2011 की परीक्षा कराने की जिम्मेदारी शासन की ओर से परिषद को दी गई थी। तत्कालीन परिषद चेयरमैन तथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन तथा परिषद सचिव प्रभा त्रिपाठी शिक्षक पात्रता परीक्षा को अपने स्तर पर ही आयोजित कराया था। परिषद कार्यालय को इस मामले में अलग रखा गया जबकि नियमानुसार परीक्षा का सारा कार्य परिषद मुख्यालय द्वारा ही सम्पन्न होना चाहिए था। तत्कालीन बेसिक शिक्षा सचिव व माध्यमिक शिक्षा सचिव की भी सहमति थी। परीक्षा 9 जुलाई 2011 को संपन्न हुई थी। एक वर्ष से अधिक का समय गुजर गया फिर भी अभ्यर्थियों की परेशानी दूर नहीं की गई
परिषद के सूत्रों के अनुसार जिस कम्प्यूटर कंपनी ने टीईटी 2011 का परीक्षाफल तैयार किया था। उसके सारे कागजात अनियमित किए जाने के आरोप में सील हो गए हैं इसलिए समस्या निदान नहीं हो पा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि सरकार इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं करती है तो हजारों अभ्यर्थी ऐसे ही परिषद का चक्कर लगाते रहेंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य सचिव को इस मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी किन्तु जांच में क्या हुआ यह अभी तक सामने नहीं आ पाया है।

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