इलाहाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परिणाम में नए सिरे से फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। जालसाजों ने यूपीटीईटी की फर्जी वेबसाइट बनाकर पूरा रिजल्ट मनमानी जारी कर दिया है। शिक्षक भर्ती का आवेदन कर रहे हजारों युवकों ने वेबसाइट से अंकपत्र डाउनलोड किए तो उनके होश उड़ गए। बड़ी संख्या में पास अभ्यर्थी फेल दिखाए गए जबकि हजारों फेल अभ्यर्थियों को पास दिखा दिया गया। पास अभ्यर्थी नई मार्कशीट लेकर बोर्ड पहुंचे तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। यूपी बोर्ड का कहना है कि टीईटी की वेबसाइट लॉक है और कई महीनों से उस पर कुछ भी अपडेट नहीं किया गया। वेबसाइट पूरी तरह फर्जी है। जांच के बाद अब बोर्ड एफआईआर कराने की तैयारी में है।
जांच में सामने आया कि शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद जालसाजों ने यूपीटीईटी 2011 डाट कॉम नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर जाली अंकपत्र डाउनलोड कर दिए। एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि पहले वह पास थे लेकिन वर्तमान में वेबसाइट पर फेल दिखा रहा है जबकि बड़ी संख्या में फेल अभ्यर्थी पास हो गए।
बोर्ड के सचिव उपेंद्र कुमार ने साफ किया कि 2011 में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का परीक्षाफल जो बोर्ड की वेबसाइट यूपी टीईटी 2011 डॉट कॉम पर उपलब्ध कराया गया था, यह वेबसाइट वर्तमान में बंद कर दी गई है। बोर्ड की ओर से इस समय टीईटी का अंकपत्र किसी भी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अन्य वेबसाइट से टीईटी का डाउनलोड किया गया परीक्षाफल पूर्णतया फर्जी है। फर्जी वेबसाइट के जरिए डाउनलोड अंकपत्र लेने वाले परीक्षार्थी पर कोई कानूनी कार्रवाई होती है तो परीक्षार्थी इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा। सचिव ने बताया कि वह फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराएंगे।
•अमर उजाला ब्यूरो

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