Monday, 3 December 2012

टीईटी पर मुख्य सचिव से मांगा हलफनामा

इलाहाबाद । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के परिषदीय विालयों एवं जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों के लिए टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के मामले में सरकार के रवैये पर खेद जताया है। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अदालत ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो वह अदालत में अगली सुनवाई की तिथि सात दिसम्बर 2012 को उपस्थित हो। न्यायालय ने मुख्य सचिव से स्पष्ट करने को कहा है कि राज्य सरकार इस बावत अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों कर रही है तथा क्या नियमावली में संशोधन की आवश्यकता है। 
यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन ने याची इन्द्रासन सिंह की याचिका पर दिया है। अदालत ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा देने का वर्ष 09 में कानून पारित किया गया। इसके तहत प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 बनाया है। इसमें यह प्राविधान है कि प्राथमिक विालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की अर्हता टीईटी है। कार्यरत शिक्षकों को अधिसूचना जारी हेाने के पांच साल के अंदर टीईटी पास करना अनिवार्य है। 

Source : daily news activist

No comments:

Post a Comment