Allahabad | Last updated on: December 15, 2012 5:30 AM IST
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए पिछले वर्ष आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। शासन ने सभी अभ्यर्थियों का आवेदन शुल्क लौटाने का आदेश जारी कर दिया है। यानी टीईटी पास जिन अभ्यर्थियों ने उस समय भर्ती के लिए जितने भी जिलों से आवेदन किया था, पूरा शुल्क उन्हें मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक महेंद्र सिंह ने शुल्क वापसी के लिए सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को पत्र लिख दिया है। रकम किस रूप में कैसे वापस होगी, यह जल्द ही घोषित किया जाएगा। बताया गया कि सभी जिलों में डायट में काउंटर लगाकर शुल्क वापस करने की तैयारी है। निदेशक के मुताबिक जल्द ही यह बताया दिया जाएगा कि अभ्यर्थियों को उनकी रकम कहां मिलेगी।
वर्ष 2011 में 270806 अभ्यर्थियों ने प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। भर्ती का विज्ञापन जारी होने पर सभी ने कई-कई जिलों से आवेदन किया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने बीस से 25 जिलों से आवेदन किया था जबकि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिन्होंने 70 जिलों से आवेदन किया था। बाद में विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद नए सिरे से विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन के लिए भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की नाराजगी थी कि पहले हुए आवेदन में खर्च रकम सरकारी खाते में चली गई। अभ्यर्थियों ने यह मामला शासन तक पहुंचाया था। विचार केबाद शासन ने पूर्व के आवेदन की पूरी रकम वापस करने का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि डेढ़ लाख से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनके पांच हजार या इससे अधिक रकम फंसी है। इसके अलावा फॉर्म भरने, जमा करने में अतिरिक्त खर्च हुआ सो अलग। अभ्यर्थियों ने तय किया था कि पुराने आवेदन की फीस वापस न हुई तो नए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद न्यायालय की शरण लेंगे लेकिन अब इस मामले में एससीईआरटी की पहल से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए पिछले वर्ष आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। शासन ने सभी अभ्यर्थियों का आवेदन शुल्क लौटाने का आदेश जारी कर दिया है। यानी टीईटी पास जिन अभ्यर्थियों ने उस समय भर्ती के लिए जितने भी जिलों से आवेदन किया था, पूरा शुल्क उन्हें मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक महेंद्र सिंह ने शुल्क वापसी के लिए सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को पत्र लिख दिया है। रकम किस रूप में कैसे वापस होगी, यह जल्द ही घोषित किया जाएगा। बताया गया कि सभी जिलों में डायट में काउंटर लगाकर शुल्क वापस करने की तैयारी है। निदेशक के मुताबिक जल्द ही यह बताया दिया जाएगा कि अभ्यर्थियों को उनकी रकम कहां मिलेगी।
वर्ष 2011 में 270806 अभ्यर्थियों ने प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। भर्ती का विज्ञापन जारी होने पर सभी ने कई-कई जिलों से आवेदन किया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने बीस से 25 जिलों से आवेदन किया था जबकि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिन्होंने 70 जिलों से आवेदन किया था। बाद में विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद नए सिरे से विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन के लिए भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की नाराजगी थी कि पहले हुए आवेदन में खर्च रकम सरकारी खाते में चली गई। अभ्यर्थियों ने यह मामला शासन तक पहुंचाया था। विचार केबाद शासन ने पूर्व के आवेदन की पूरी रकम वापस करने का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि डेढ़ लाख से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनके पांच हजार या इससे अधिक रकम फंसी है। इसके अलावा फॉर्म भरने, जमा करने में अतिरिक्त खर्च हुआ सो अलग। अभ्यर्थियों ने तय किया था कि पुराने आवेदन की फीस वापस न हुई तो नए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद न्यायालय की शरण लेंगे लेकिन अब इस मामले में एससीईआरटी की पहल से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।

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