Monday, 17 December 2012

अजब फंडा: तैनाती में दूर भेजो, तबादले में रकम सहेजो

कानपुर,शिक्षा संवाददाता: माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की तैनाती प्रक्रिया में शिक्षकों को 'तैनाती में दूर भेजो, वापसी के बदले रकम सहेजो' की सोची समझी नीति चल रही है। विधान परिषद में सवाल उठने के बावजूद शिक्षक शिक्षिकाओं को इस संकट से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
पिछली सरकार ने प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एलटी व प्रवक्ता के रिक्त पदों पर लगभग तीन हजार शिक्षक शिक्षिकाओं की नियुक्ति की थी। उनकी तैनाती वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई। तैनाती के लिये ऐसी प्रक्रिया अपनाई गयी कि शिक्षक परेशान हैं। पिछले दिनों चेत नारायण सिंह,राज बहादुर सिंह चंदेल व जगेंद्र स्वरूप (सभी एमएलसी) ने विधान परिषद में सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित जिलों व मंडल के कालेजों में पद रिक्त होने बाद भी शिक्षक शिक्षिकाओं को दूर दराज के जिलों में भेजा गया। बाद में संशोधन के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही है। कई शिक्षकों को ऐसे कालेजों में भेज दिया गया जहां पहले से ही शिक्षक काम कर रहे थे। उन्हें कार्यभार नहीं मिला।
जन प्रतिनिधियों ने यह भी जानकारी रखी कि सामान्य शिक्षक शिक्षिकाओं से हर कदम पर वसूली की कोशिश की जाती है। पूरब के शिक्षक को पश्चिम व पश्चिम में रहने वाले को पूरब भेजने की नियुक्ति व स्थानांतरण को लेकर स्थिति इतनी विस्फोटक है कि कई मंडलों में शिक्षक धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

ये हैं कुछ उदाहरण
माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रमाशंकर तिवारी ने शासन को भुक्तभोगी शिक्षकों की सूची मुहैया कराई है। मसलन गाजीपुर के कामर्स प्रवक्ता राज कुमार,यहां भारतीय विद्यालय कालेज, इलाहाबाद मंडल की मीना सिंह, झांसी मंडल की माधवी व इलाहाबाद मंडल की नेहा मौर्या यहां केके कालेज, वाराणसी मंडल के मनोज कुमार यहां फेयर कमेटी मकनपुर व कौशांबी के त्रिलोक सिंह बीएनएसडी कालेज में काम कर रहे हैं।
हर काम के खुले रेट
नियुक्ति पत्र लेने : 25,000
संबंधित बाबू के लिए : 5,000
कार्यभार पाने के लिए : 2.0 लाख
स्थानांतरण की एनओसी : 50,000
कार्यभार देने की एनओसी : 1.50 लाख
चयनित को ज्वाइन कराने : 2 से 3 लाख
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चयन से लेकर कार्यभार ग्रहण करने तथा स्थानांतरण में दोनों कालेजों से अनापत्ति प्रणाणपत्र (एनओसी) लेने तथा विभाग में फाइल आगे बढ़वाने के रेट खुल गये हैं। पद खाली होने पर मंडल के शिक्षकों की मंडल में ही तैनाती का सख्त नियम बना कर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करा दी जाये तो संकट खत्म हो सकता है।
- राज बहादुर सिंह चंदेल, एमएलसी
Updated on: Fri, 14 Dec 2012 10:34 PM (IST)

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