Monday, 31 December 2012
बेसिक शिक्षा विभाग को मिलेंगे 1.3 लाख शिक्षक
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : शिक्षकों की जबर्दस्त कमी से जूझ रहे बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित स्कूलों के लिए नया साल कुछ राहत लेकर आयेगा। 2013 में परिषदीय स्कूलों को 1.3 लाख शिक्षक मिलेंगे। इनमें से 72,825 वे शिक्षक होंगे जिनकी भर्ती के लिए चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं दूरस्थ शिक्षा विधि से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 58 हजार स्नातक शिक्षामित्रों का पहला बैच भी 2013 में ही अपनी ट्रेनिंग पूरी कर स्थायी शिक्षक बनने की कतार में खड़ा होगा।
परिषदीय स्कूल लंबे समय से शिक्षकों की किल्लत का सामना कर रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों के करीब सवा दो लाख पद खाली हैं। उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान और गणित के शिक्षकों की जबर्दस्त कमी है। नये साल में परिषदीय स्कूलों को समस्या से कुछ निजात मिलेगी। प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के 72,825 रिक्त पदों को भरने के लिए जो मशक्कत पिछले साल से जारी है, वह नये साल में ही फलीभूत होगी। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को विभाग ने पहले प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर नियुक्त करने का फैसला किया है। जैसे-जैसे प्रशिक्षु शिक्षक प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र में छह माह का विशेष प्रशिक्षण पूरा करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। फिलहाल परिषदीय स्कूलों को 2013 के शैक्षिक सत्र से 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे।
शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 जनवरी तक
-5 जनवरी तक जमा कर सकेंगे ई-चालान
-22 जनवरी को जारी होगी मेरिट लिस्ट, 28 जनवरी से होगी काउन्सिलिंग
-अभ्यर्थियों की दिक्कतों को देखते हुए शासन ने बढ़ायी तारीख
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों में अध्यापकों के 72,825 रिक्त पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख को शासन ने बढ़ाकर सात जनवरी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी पांच जनवरी तक ई-चालान जमा कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन की तारीख को सात दिन बढ़ाये जाने से सफल अभ्यर्थियों की मेरिट सूची अब 15 के बजाय 22 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। वहीं सफल अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग अब 28 जनवरी से शुरू होगी।
शासन ने इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और ऑनलाइन आवेदन के लिए सॉफ्टवेयर संचालित करने वाले नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) को संशोधित विज्ञप्ति जारी कर दी है। सर्वर मंद पड़ जाने के कारण जहां अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत हो रही थी। वहीं उन्हें बैंक से चालान बनवाने में भी समस्या हो रही थी। अभ्यर्थियों की दिक्कतों को देखते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने ई-चालान जमा करने और ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख को बढ़ाने का निर्देश दिया था। मंत्री के निर्देश पर विभाग ने ऑनलाइन आवेदन और ई-चालान जमा करने की अंतिम तारीखें बढ़ा दी हैं। पांच दिसंबर को जारी शासनादेश में ऑनलाइन आवेदन के लिए अंतिम समयसीमा 31 दिसंबर की रात 12 बजे तक निर्धारित की गई थी।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए ई-चालान जमा करने की पूर्व निर्धारित समयसीमा बीतने तक 63.5 लाख ई-चालान जमा हो चुके थे। वहीं 31 दिसंबर को शाम चार बजे तक 59 लाख ऑनलाइन आवेदन जमा किये जा सके थे। जमा किये गए ई-चालानों की संख्या के सापेक्ष 4.5 लाख ऑनलाइन आवेदन और किये जाने बाकी थे। उधर सर्वर पर अचानक लोड बढ़ने से ऑनलाइन आवेदन करने में अभ्यर्थियों को दिक्कत हो रही थी। अभ्यर्थियों की दिक्कतों के मद्देनजर शासन को यह फैसला करना पड़ा।
Updated on: Mon, 31 Dec 2012 07:31 PM (IST)
UPTET NOV-2011
यूपी बोर्ड की ओर से नवंबर 2011 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 270806 और जूनियर स्तर की परीक्षा में 209789 उत्तीर्ण हुए थे।
72825 प्रशिक्षु सहायक अध्यापक भर्ती
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रशिक्षु सहायक अध्यापक भर्ती के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 7 जनवरी की गई | फार्म भरने की साइटhttp://upbasiceduboard.gov.in/ पर बोझ अधिक होने के कारण यह सुचारु रूप से काम नहीं कर रही थी। इससे आवेदकों को खासी दिक्कत आ रही थी | बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने NIC को सर्वर ठीक करने का निर्देश दिया |
Sunday, 30 December 2012
बेचारे शिक्षामित्र !
BTC-2010 बैच में प्रशिक्षित शिक्षामित्र दोबारा शिक्षामित्र बनने को मजबूर है | सरकार ने उन्हें दोबारा शिक्षामित्र के रूप में नियुक्त करने का आदेश दिया है | शिक्षामित्रो के साथ ये कैसा धोखा है ? बेचारे शिक्षामित्रो ने ढाई साल में अपनी BTC ट्रेनिंग पूरी की और अपना ढाई साल का मानदेय गंवाया जो कि 3500 रूपये प्रति माह था और अब बेचारे शिक्षामित्र पुनः शिक्षामित्र बनने को मजबूर है | ये सभी शिक्षामित्र अब BSA ऑफिस के चक्कर काट रहे है और शिक्षामित्र के रूप में पुनः नियुक्ति के लिए रिश्वत देने को मजबूर है | बुरा हाल तो उन शिक्षामित्रो का है जिन्होंने प्राइवेट कॉलेज से BTC की है और हज़ारो लाखो रूपये फीस जमा की है और अब फिर से रिश्वत देकर शिक्षामित्र बनने जा रहे है। आप ही बताएं इन्हें बेचारे ना कहूँ तो क्या कहूं।
बड़ा सवाल : क्या BTC प्रशिक्षित शिक्षामित्रो को पुनः शिक्षामित्रो के रूप में नियुक्त होना चाहिये या
सरकार के खिलाफ कोर्ट जाकर अपना अधिकार मांगना चाहिये ?
सरकार के खिलाफ कोर्ट जाकर अपना अधिकार मांगना चाहिये ?
मेरे शिक्षामित्र भाइयो / बहनों बेचारा मत बनो और अपने अधिकार के लिए लड़ो|
शिक्षक भर्ती में आवेदन का आखिरी मौका आज
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने का अंतिम मौका सोमवार की रात 12 बजे तक है। फार्म भरने की अंतिम तिथि करीब होने के बाद भी शिक्षा विभाग का सरवर बैठा हुआ है। फार्म भरने के लिए साइवर कैफे पर लंबी लाइनें लगी हुई हैं। इक्का-दुक्का फार्म ही बड़ी मुश्किल से भरे जा रहे हैं। इसके बाद भी विभाग का दावा है कि प्रत्येक मिनट 300 फार्म भरे जा रहे हैं। अब तक 58 लाख आवेदक फार्म भर चुके हैं। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार का कहना है कि 63 लाख लोगों ने ई-चालान बनवाए हैं और 58 लाख फार्म भर चुके हैं। सरवर पर अचानक भार बढ़ने की वजह से थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि फार्म ही नहीं भरे जा रहे हैं।
शिक्षक भर्ती के लिए 63 लाख कतार में
-आज आन लाइन फार्म भरे जाने का अंतिम दिन
-प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए 63.5 लाख ई-चालान जमा
-58 लाख ऑनलाइन आवेदन हुए
-गुजरे 24 घंटों में सात लाख आवेदन, हर मिनट 486 एप्लीकेशन
-प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए 63.5 लाख ई-चालान जमा
-58 लाख ऑनलाइन आवेदन हुए
-गुजरे 24 घंटों में सात लाख आवेदन, हर मिनट 486 एप्लीकेशन
जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के 72,825 रिक्त पदों पर प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती आवेदनों के लिहाज से एक नया कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। अभ्यर्थियों की ओर से 63.5 लाख ई-चालान जमा किये जा चुके हैं जिसके सापेक्ष रविवार शाम छह बजे तक 58 लाख ऑनलाइन आवेदन किये जा चुके थे। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम समयसीमा 31 दिसंबर की रात 12 बजे तक है। वहीं ई-चालान जमा करने की समयसीमा बीत चुकी है। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के बीच मारामारी का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार शाम छह बजे से रविवार शाम छह बजे तक सात लाख ऑनलाइन आवेदन किये गए। ऑनलाइन आवेदनों की जबर्दस्त रफ्तार का आलम यह है कि गुजरे 24 घंटों के दौरान प्रति मिनट 486 ऑनलाइन आवेदन किये गए।
शनिवार शाम छह बजे तक 51 लाख ऑनलाइन आवेदन किये जा चुके थे। अगले 24 घंटे में इसमें सात लाख का इजाफा हो गया। आजीविका की खातिर नौकरी के लिए जिद्दोजहद का आलम यह है कि नवीनतम आंकड़े प्राप्त होने तक एक पद के लिए औसतन 80 अभ्यर्थी कतार में हैं। प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को ऐच्छिक जिलों में आवेदन की छूट है। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना है। इसके बाद उन्हें ई-चालान जमा करना है। ई-चालान जमा करने के दो बैंकिंग कार्यदिवस बाद वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐच्छिक जिलों में आवेदन की छूट के कारण ही अभ्यर्थी मनमाफिक जिलों के लिए आवेदन कर रहे हैं।
जैसे-जैसे ऑनलाइन आवेदन की अंतिम समयसीमा नजदीक आ रही है, आवेदनों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक आवेदनों की जो रफ्तार पिछले 24 घंटे में रही है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि 31 दिसंबर रात 12 बजे तक ई-चालान जमा करने वाले सभी अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सर्वर को लगी 'ठंड', उम्मीदों पर तुषारापात
-हजारों अभ्यर्थी नहीं भर सके शिक्षक भर्ती फार्म
-सर्वर बैठने से निराश हुए अभ्यर्थी
-विक्रांत रविवार को आइटी चौराहा स्थित साइबर कैफे पर शिक्षक भर्ती फार्म भरने के लिए जुगत करते रहे, लेकिन फार्म नहीं भरा जा सका।
-हुसैनगंज स्थित साइबर कैफे में निर्भय व सुमेधा भी फार्म भरने में माथापच्ची करते रहे, लेकिन सर्वर दगा दे गया और उन्हें निराश होना पड़ा।
-गायत्री भी आइटी चौराहा स्थित साइबर कैफे में पूरा दिन फार्म भरने की जिद्दोजहद करती रहीं। सर्वर डाउन होने से वह फार्म न भर सकीं। वह 32 जिलों से आवेदन करना चाहती थीं, लेकिन 20 जगह से ही आवेदन कर सकी हैं।
शिक्षक भर्ती फार्म भरने वाले आवेदकों को रविवार को सर्वर ने खूब रुलाया। अंतिम तिथि सोमवार को होने के कारण दिन भर अभ्यर्थी जुटे रहे, लेकिन उनकी कोई भी कोशिश काम न आ सकी। रविवार को फार्म भरने की साइट http://upbasiceduboard.gov.in/ पर बोझ अधिक होने के कारण यह सुचारु रूप से काम नहीं कर रही थी। इससे आवेदकों को खासी दिक्कत हुई। हजारों आवेदक फार्म भरने से रह गए, जिससे उनकी उम्मीदों पर तुषारापात हो गया।
आवेदकों को डर है कि यदि सोमवार को भी सर्वर का भी यही हाल रहा तो फार्म भरने का मौका भी उनके हाथ से जाएगा और पैसे बर्बाद होंगे सो अलग। आवेदन करने की अंतिम तिथि के एक दिन पहले राजधानी के हर साइबर कैफे में शिक्षक भर्ती फार्म भरने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ रही। वह फार्म भरने का प्रयास करते रहे, लेकिन फार्म भर न सके। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि आवेदन की तारीख बढ़ाई जाए, जिससे कि वह फार्म भर सकें।
संवाद सूत्र, लखनऊ
Saturday, 29 December 2012
शिक्षक भर्ती : हजारों होंगे वंचित, लाखों रुपये डूबे
नहीं खुली परिषद की वेबसाइट, साइबर कैफे वालों ने भी खड़े किए हाथ
इलाहाबाद(ब्यूरो)। टीईटी पास हजारों प्रतियोगियों के सामने प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन से वंचित होने का खतरा बन गया है। लोड बढ़ने के कारण शनिवार को परिषद की वेबसाइट पूरी तरह से जाम रही। जबकि पहले से दबाव होने के कारण अधिकतर साइबर कैफे वालों ने भी फार्म भरने से मना कर दिया है। आवेदन के लिए अब सिर्फ दो दिन शेष बचे हैं। ऐसे में साइट नहीं खुलने और साइबर कैफे वालों के इस रुख के बाद प्रतियोगियों की परेशानी और बढ़ गई है। खास यह कि इनमें से हजारों ऐसे प्रतियोगी हैं जिन्होंने कई-कई जिलों के चालान भी बनवा लिए हैं।
टीईटी-2013 के लिए एससीईआरटी से मांगा संशोधित प्रस्ताव
लखनऊ (ब्यूरो)। राज्य सरकार इस बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। नवंबर 2011 में आयोजित टीईटी की गड़बड़ियों को देखते हुए इस बार सारी खामियां दूर कराने की मशक्कत चल रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी स्वयं इस पर नजर रखे हैं।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से पुन: संशोधित प्रस्ताव मांगा गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था हो कि फरवरी 2013 में टीईटी परीक्षा में कोई कमी न रहे। टीईटी की जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी को दी गई है। ऐसे अधिकारियों की तैनाती दी जाए जिससे गड़बड़ी की आशंका न रहे। एससीईआरटी से एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव देने को कहा गया है।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी कराई गई। इसमें गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार 2011 की परीक्षा में गड़बड़ी के डर से 2012 में टीईटी आयोजित नहीं कर सकी। एससीईआरटी से टीईटी कराने के लिए कई बार प्रस्ताव मांगे गए, हर बार संशोधन कराया गया। शासन स्तर पर हुई बैठक में फरवरी 2013 में टीईटी आयोजित कराने की तैयारी थी, लेकिन यह तय किया गया कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी में कुछ अच्छे अधिकारियों को तैनात करने के बाद ही टीईटी आयोजित कराई जाए।
Friday, 28 December 2012
CTET Eligibility Criteria for UP
If a person belonging to SC/ST, OBC, differently abled etc. scored 83 (i.e 55%) marks in CTET then He/She would be treated as quallified in UP according to the declaration by CBSE for Eligibility criteria of CTET.
For more info Visit this LINK :
http://ctet.nic.in/ ctetnovwebsite/ qualifying_marks.html
For more info Visit this LINK :
http://ctet.nic.in/
Thursday, 27 December 2012
29 दिसंबर को लखनऊ में धरना देंगे बीटीसी 2010 प्रशिक्षु शिक्षक
रायबरेली, नगर संवाददाता: बीटीसी 2010 के प्रशिक्षित शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त न किए जाने के कारण जिले के प्रशिक्षु शिक्षक आक्रोशित हैं। नौकरी की खातिर प्रदेश भर के दस हजार प्रशिक्षु शिक्षक 29 दिसंबर को विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।
बीटीसी समन्वयक समिति के अध्यक्ष आशीष त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सिर्फ योजनाएं बनाई जाती है। लेकिन जब उनको सफल बनाने की बारी आती है, तब सरकार अपने पैर पीछे कर देती है। ऐसी स्थिति में पढाई में लाखों रुपये खर्च चुके युवाओं को नौकरी मिलने की हसरत पर कुठाराघात हो जाता है। अगर प्रदेश सरकार ने बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षकों को जल्द प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात नहीं किया, तो विरोध प्रदर्शन और तेज कर दिया जाएगा। इस मौके पर विपिन, दिलीप, सुनील गुप्ता, रमन सिंह, अभिषेक पाल, विवेक पाल, वीरेंद्र समेत कई अन्य बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।
Source : Dainik Jagran
शिक्षक भर्ती : पुराने आवेदकों के पैसे वापस होंगे
•डायट से आवेदकों को स्वयं जाकर लेने होगा चेक
लखनऊ। राज्य सरकार शिक्षक भर्ती के पुराने आवेदकों के पैसे वापस करने जा रही है। आवेदन करने वालों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर स्वयं जाना होगा। वहां पर उसे फार्म के साथ लगाए गए डिमांड ड्राफ्ट की फोटो कापी दिखाने के बाद ही चेक दिया जाएगा। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को निर्देश दे दिया है। इसके आधार पर एससीईआरटी शीघ्र ही विज्ञापन प्रकाशित कराने की तैयारी में है। आवेदकों को चेक लेने की तारीख अभी 2 से 5 जनवरी 2013 के बीच रखी गई है, लेकिन इसमें परिवर्तन भी हो सकता है। उधर, पुराने आवेदन को मान्य करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अपील करने पर सहमति बन गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2011 में 72 हजार 825 शिक्षकों के पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था। उस समय पांच जिले में आवेदन करने की छूट दी गई थी। पहले पांच जिलों के लिए अलग-अलग बैंक ड्राफ्ट लगाने थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर एक जिले में मूल ड्राफ्ट लगाने के बाद शेष चार जिलों में ड्राफ्ट की फोटो कापी लगाने की छूट दे दी गई थी। उस समय करीब 7 लाख आवेदकों ने फार्म भरे थे, लेकिन इसमें से करीब 2.75 लाख छात्रों के बैंक ड्राफ्ट ही बैंकों से कैश कराए गए थे। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया विवादों के चलते उस समय पूरी नहीं हो पाई थी। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा (पंद्रहवां संशोधन) नियमावली जारी करने के बाद उक्त विज्ञापन को रद कर दिया था।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने इस संबंध में सबसे पहले 31 अगस्त 2012 को आवेदकों के पैसे वापस करने के निर्देश दिए थे। एससीईआरटी द्वारा पैसे वापस न किए जाने पर प्रमुख सचिव ने इस संबंध में पुन: निदेशक को आवेदकों के पैसे वापस करने का निर्देश दिया। इसके आधार पर एससीईआरटी शीघ्र ही विज्ञापन प्रकाशित कराने जा रहा है। इसमें शिक्षक भर्ती के लिए पुराने आवेदनकर्ता 2 से 5 जनवरी के बीच अपने जिले के डायटों पर जाकर शुल्क वापस ले सकते हैं। डायटों से आवेदकों को एकाउंटपेयी चेक के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
• अमर उजाला ब्यूरो
Wednesday, 26 December 2012
Tuesday, 25 December 2012
शिक्षक भर्ती में बीएड विशेष और डीएड वाले भी मान्य
लखनऊ। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बीएड विशेष शिक्षा और डीएड वालों को भी शामिल करने का निर्णय किया है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय किया गया। इस संबंध में संशोधित शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। बैठक में पुराने आवेदन को मान्य करने पर सहमति नहीं बन पाई है, इस संबंध में न्याय विभाग से राय लेने के बाद की कोई निर्णय किया जाएगा।
राज्य सरकार 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसके लिए मौजूदा समय आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से 5 दिसंबर को जारी शासनादेश में बीएड विशेष शिक्षा और डीएड करने वालों को शामिल नहीं किया गया था, जबकि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से जारी अधिसूचना में इन दोनों डिग्रियों को भी शिक्षक बनने के लिए पात्र माना गया है। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल न किए जाने के खिलाफ बीएड विशेष शिक्षा और डीएड डिग्रीधारकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने इन डिग्रीधारकों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने इसके आधार पर विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर बीएड विशेष शिक्षा और डीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय किया गया है। इस संबंध में संशोधित विज्ञापन शीघ्र ही प्रकाशित करा दिया जाएगा। इसके बाद बीएड विशेष शिक्षा और डीएड डिग्रीधारक भी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा दिसंबर 2011 में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन करने वालों को मान्य करने पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। बेसिक शिक्षा विभाग न्याय विभाग से राय लेने के बाद ही इस पर कोई निर्णय करेगा।
•पुराने आवेदकों पर नहीं हो सका फैसला
•इस मामले में न्याय विभाग से राय लेने के बाद ही कोई निर्णय किया जाएगा
• अमर उजाला ब्यूरो
Monday, 24 December 2012
शिक्षक भर्ती: पुराने आवेदकों के मुद्दे पर आज होगा फैसला
लखनऊ। राज्य सरकार प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पुराने आवेदकों को शामिल करने या फिर विशेष अपील करने पर मंगलवार को फैसला करेगी। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इसके लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें विचार किया जाएगा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन यदि किया जाएगा तो कैसे संभव है और यदि पुराने आवेदकों का पैसा वापस किया जाना है, तो इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रदेश में मौजूदा समय 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश में इसके पहले दिसंबर 2011 में भी इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे।
उस समय भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। राज्य सरकार ने इस बार ऑनलाइन आवेदन मांगा है। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को सभी जिलों में आवेदन की छूट दी गई है। पुराने आवेदकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खट-खटाते हुए पुराने आवेदन को मान्य करने की गुहार लगाई थी।
हाईकोर्ट ने इस पर राज्य सरकार को पुराने आवेदन को मान्य करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार पुराने विज्ञापन को पूर्व में रद करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से आवेदकों के पैसे वापस करने का निर्देश दे चुकी है। इसलिए इनकों पुन: शामिल करने को लेकर तकनीकी पेंच है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा ने विभागीय अधिकारियों की मंगलवार को बैठक बुलाई है। इसमें विशेष रूप से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव शामिल होंगे।
शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की संभावनाएं बढ़ीं
जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शारीरिक शिक्षक के रूप में बीपीएड धारकों की नियुक्ति की संभावनाएं नजर आने लगी हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस संबंध में दाखिल याचिका पर सरकार को चार माह में एनसीटीई से सलाह कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति वीके शुक्ला ने धीरेंद्र प्रताप यादव की ओर दाखिल एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस संबंध में एक पत्र एनसीटीई को पूर्व में लिखा जा चुका है। एनसीटीई की ओर से भी राज्य सरकारों को एक परिपत्र जारी किया गया है। अदालत ने इस पर सचिव बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया कि वह संबंध लोगों से राय कर इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई करें।
गौरतलब है कि इसके पहले 1998 से लेकर 2008 तक प्राथमिक स्कूलों में बीडीएड धारकों की विशिष्ट बीटीसी के तहत सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति होती रही है। इसे देखते हुए ही यह याचिका दायर की गई थी।
यह आदेश न्यायमूर्ति वीके शुक्ला ने धीरेंद्र प्रताप यादव की ओर दाखिल एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि इस संबंध में एक पत्र एनसीटीई को पूर्व में लिखा जा चुका है। एनसीटीई की ओर से भी राज्य सरकारों को एक परिपत्र जारी किया गया है। अदालत ने इस पर सचिव बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया कि वह संबंध लोगों से राय कर इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई करें।
गौरतलब है कि इसके पहले 1998 से लेकर 2008 तक प्राथमिक स्कूलों में बीडीएड धारकों की विशिष्ट बीटीसी के तहत सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति होती रही है। इसे देखते हुए ही यह याचिका दायर की गई थी।
Updated on: Mon, 24 Dec 2012 09:09 AM (IST)
Sunday, 23 December 2012
Writ Info : VBTC-72825 vacency
[ New hearing date is 09 Jan. 2013]
Case Status - Allahabad
| Pending | |
| Writ - A : 39674 of 2012 [Allahabad] | |
| Petitioner: | AKHILESH TRIPATHI & OTHERS |
| Respondent: | STATE OF U.P. & OTHERS |
| Counsel (Pet.): | SIDDHARTH KHARE |
| Counsel (Res.): | C.S.C. |
| Category: | Service-Writ Petitions Relating To Secondary Education (teaching Staff) (single Bench)-Miscellaneous |
| Date of Filing: | 09/08/2012 |
| Last Listed on: | 21/12/2012 in Court No. 38 |
| Next Listing Date (Likely): | 09/01/2013 |
Saturday, 22 December 2012
पुराने आवेदनों के आधार पर अब कैसे करें आवेदन
Intrim Measure by Hon'ble HIGH COURT for candidates who are reapplying
How to apply on the bases of Demand Drafts photo copy
STEP 2: Click on
STEP 3: Click on
STEP 4: Click on marked area in snapshot

STEP 5: Download Application Form Format ( Page No. 2 & 3 )
STEP 6: Fill this Application Form by hand and do self attest i.e do Signature
at the last of page-2 with date and time.
STEP 7: Paste your photo on the first page of the Application Form.
STEP 8: Attach the Demand Draft Photo copy with this Application Form.
(The DD photo copy is through which you have applied earlier in a district)
STEP 9: Do the same for all 5 Demand Drafts Photo copy through which you have
applied earlier in 5 districts.
STEP 9: Do the same for all 5 Demand Drafts Photo copy through which you have
applied earlier in 5 districts.
STEP 10: Make a List of 5 districts for which you have applied earlier
and attach it with the Application Forms and Demand Drafts.
STEP 11: Dispatch these documents to the following address by Speed Post
so that it will reach by 31 Dec. 2012.
The Director
State Council of Educational Research and Training, Uttar Pradesh
JBTC Campus,
Nishatganj,
Lucknow - 226007
Note 1: If you want to apply more than five districts then you have to deposit
E-Challan of Rs. 500 for each district you want to apply.
Note 2: If you have already deposit E-Challan for these districts
then there is no more concern about this.
then there is no more concern about this.
Friday, 21 December 2012
पिछले आवेदन का रिकार्ड नहीं तो डूबेगा पैसा
पूर्व में फार्म भरने वालों को दोबारा आवेदन से छूट देने का मामला
• अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अधिक फीस को लेकर परेशान टीईटी पास अभ्यर्थियों को राहत जरूर मिल गई है लेकिन इसका लाभ सभी को मिल पाएगा इसे लेकर संशय है। पिछले साल से लेकर अब तक भर्ती में कई विभागों के शामिल हो जाने के कारण पूर्व में आवेदन करने वालों के रिकार्ड को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। अधिकतर आवेदकों ने इस बार उन जिलों का चालान भी बनवा लिया है, जिनके लिए उन्होंने पूर्व में आवेदन किया था, अब यह रकम कैसे वापस होगी, किसी को नहीं पता। इतना ही नहीं ऑनलाइन आवेदन के फार्मेट में भी इसको लेकर कोई प्रावधान नहीं है।
प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है। इसमें अभ्यर्थियों से हर जिले के लिए अलग-अलग 500 रुपए का चालान भी मांगा गया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कई जिलों के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मोटी रकम फीस में ही खर्च हो जा रही है। इससे राहत के लिए अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका डाल रखी थी। कोर्ट से उन्हें राहत भी मिल गई है लेकिन आवेदन की प्रक्रिया जितनी जटिल है, उसमें कितने लोगों को लाभ मिलेगा, यह कहना मुश्किल है।
दरअसल परिषद की ओर से निर्धारित ऑनलाइन आवेदन के प्रारूप में पुराने आवेदन का कहीं जिक्र नहीं है। अभ्यर्थी कहां दर्ज करे कि उसने पिछले साल किन किन जिलों से आवेदन किया था। आवेदन न करे और प्रारूप में कोई सुधार भी न हो तो क्या होगा।
बात यहीं समाप्त नहीं हो जाती। अधिकतर अभ्यर्थी इस बार भी आवेदन कर चुके हैं या चालान बनवा चुके हैं। दारागंज के अंचिन्त्य, ऊंचवागढ़ी की ज्ञानमयी का कहना है कि उन्होंने उन्हीं जिलों के लिए दोबारा चालान बनवा लिया है, जहां पिछले साल किया था। अब उन्हें कौन भुगतान करेगा। ऊंचवागढ़ी के ही रिंकू का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के फार्मेट में भी अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में नई व्यवस्था के तहत दावेदारी कैसे करें।
टीईटी मतलब टेंशन ही टेंशन
शिक्षक भर्ती के ऑनलाइन फार्म के हर कालम में दुविधा
इलाहाबाद। प्राथमिक शिक्षकों बनने के लिए लाइन में खड़े टीईटी पास अभ्यर्थियों का टेंशन कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। फार्म के फार्मेंट के हर कालम को लेकर अभ्यर्थियों में दुविधा है। डिग्री क्रम संख्या, अंक पत्र संख्या समेत कई कालम हैं जिन्हें भरने से पहले अभ्यर्थियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। ऊपर से सर्वर डाउन से समस्या और बढ़ गई है। स्थिति का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि अभ्यर्थी रात-रात भर फार्म भर रहे हैं।
क्रम संख्या बना मुसीबत
ऑनलाइन आवेदन में अभ्यर्थियों से स्नातक और बीएड की डिग्री संख्या तथा अंकपत्र संख्या भी मांगी गई है। इसके विपरीत अधिकतर विश्वविद्यालय डिग्री और अंकपत्र पर इसे अंकित ही नहीं करते। ऐसे में अभ्यर्थियों को इन नंबरों के लिए विवि का चक्कर काटना पड़ रहा है।
ग्रेडिंग से भी आफत
कई विश्वविद्यालयों में बीएड की डिग्री में प्रायोगिक परीक्षा में ग्रेडिंग का प्रावधान है। इसके विपरीत फार्म में परीक्षा में मिले अंक का विवरण भरने को कहा गया है। अभ्यर्थियाें को अब अंक के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है।
‘कोर्ट के आदेश की कापी अभी मिली नहीं है। उसके अध्ययन के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में सरकार ही कोई फैसला लेगी।’
संजय सिन्हा
सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद
टीईटी में गड़बड़ी के कारण कई बार संशोधित रिजल्ट जारी किया गया लेकिन अंकपत्र की फाइनल सूची जारी नहीं की गई। अभ्यर्थियों के पास एक ही परीक्षा के कई रिजल्ट हैं तथा उनके सामने समस्या है कि कौन से अंकपत्र लगाएं। फार्म में एक बार गलती पर सुधार का कोई मौका भी नहीं मिल रहा है। नाम, पिता का नाम तथा जन्मतिथि का विवरण भरने पर रजिस्ट्रेशन हो रहा है। यदि अभ्यर्थी से रजिस्ट्रेशन के दौरान गलती हुई तो फार्म भरते समय उसमें संशोधन नहीं होगा।
लोड बढ़ने के कारण सर्वर भी डाउन हो गया है। दिन में तो आवेदन करना काफी कठिन हो गया है। एक फार्म भरने में ही अभ्यर्थियों को एक घंटे से अधिक समय लग जा रहा है। इतना ही नहीं बीच में लिंक भी टूट जा रहा है।
टीईटी अभ्यर्थी अब कर सकेंगे ई-चालान
इलाहाबाद (विधि सं.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीईटी अर्ह आवेदकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने पिछले भर्ती विज्ञापन के आधार पर आवेदन किया था उनसे न तो नया आवेदन लिया जाएगा और न ही शुल्क। पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थी इस संबंध में एक पत्र निदेशक एससीईआरटी लखनऊ को स्पीड पोस्ट अथवा रजिस्टर्ड डाक से 31 दिसंबर 2012 से पूर्व भेज दे। कोर्ट ने निदेशक को कहा है कि वह ऐसे आवेदनों को निकाल ले एवं उसी के आधार पर कार्यवाही करे। (शेष पेज-2 पर)इलाहाबाद (डीएनएन)। टीईटी अभ्यर्थियों को चालान फार्म भरने के लिए घंटों बैंक में कतारबद्ध नहीं होना पड़ेगा। आवेदक घर बैठे ही नेट बैंकिंग या एटीएम का प्रयोग ई-चालान जमा कर सकेंगे। यह राहत स्टेट बैंक के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को नेट-बैंकिंग की सुविधा प्रदान कर दी है। इसके लिए बैंक अधिकारियों ने शासन की सहमति प्राप्त कर ली है। यह सूचना स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को पत्र के माध्यम से दे दी है। गौरतलब हो कि बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की 72,825 रिक्त पदों को भरने की मंशा से आवेदन भरे जा रहे हैं।
टीईटी अर्ह बीएड डिग्रीधारियों को 31 दिसम्बर तक आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पते पर भेजने का निर्देश जारी किया गया है। प्रति अभ्यर्थी पांच सौ रुपये (एससी-एसटी आवेदकों के लिए दो सौ रुपये) शुल्क निर्धारित किया गया। अभ्यर्थी स्टेट बैंक के माध्यम से चालान फार्म बनाकर आवेदन कर रहे हैं। इस निर्देश के चलते बैंकों में टीईटी अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जमा होने लगी और चालान बनाने के दौरान बैंकों में मार-पीट व अराजकता का माहौल बन गया। इस स्थिति को गंभीरता पूर्वक लेते हुए बैंक अधिकारियों ने ई-बैंकिंग के माध्यम से ई-चालान जमा कराने का निर्णय लिया है। विलंब से शुरू की गयी इस प्रक्रिया को साकार रूप देने के लिए बैंक अधिकारियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखकर ई-बैंकिग केजरिये सीधे आवेदन करने की सूचना प्रेषित की। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बताया कि स्टेट बैंक की ई-बैंकिंग के माध्यम से चालान फार्म जमा करने सूचना सूबे सभी जनपदों को भेज दी गई है। कहा कि अभ्यर्थियों की सुविधा और बैंकों लग रही भारी भीड़ के चलते किया गया है। श्री सिन्हा ने बताया कि कोई अभ्यर्थी ई-बैंकिंग की सुविधा का प्रयोगकर बैंक की किसी भी शाखा में आवेदन कर सकतें है।
पिछले विज्ञापन का आवेदन मान्य
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस बार अभ्यर्थी पिछली बार से अधिक जिलों में आवेदन करना चाहते हैं तथा उन जिलों के लिए नये नियम के अनुसार आवेदन कर सकते है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन ने अखिलेश त्रिपाठी व अन्य लोगो की याचिकाओं पर दिया है।
यह सावधानी भी बरतें
यह सावधानी भी बरतेंऑनलाइन ट्रांजैक्शन से पहले लॉगइन करें और काम खत्म होने के बाद लॉगआउट या साइनआउट करना न भूलें और ब्राउजर की सभी खुली विंडोज को बंद कर दें। ऑनलाइन कीबोर्ड न होने पर, क्रेडिट कार्ड का नंबर आदि टाइप करने ही हों तो उन्हें उल्टे-पुल्टे क्रम में टाइप करें। जैसे 5463 को टाइप करते समय पहले चार, फिर टैब बटन से पीछे जाकर पांच, फिर स्पेस बटन से आगे जाकर छह और तीन टाइप करें। अपने पासवर्ड को भी तुरंत बदल लें। समय-समय पर बदलते रहें और इसे जटिल और लंबा रखने की कोशिश करें। अपने कंप्यूटर में अच्छा एंटीवायरस, एंटीस्पाइवेयर जरूर इस्तेमाल करें और ब्राउजर में फिशिंग अलर्ट सक्रिय करके रखें।उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विशिष्ट बीटीसी, बीएड और टीईटी के चालान जमा करने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए अलग काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा एसबीआई की मुख्य शाखा में भीड़ कम करने के लिए कुछ काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
शिखा ओहरी, डीजीएम, एसबीआईडेली न्यूज नेटवर्क
Source : dailynewsactivist
शिक्षक भर्ती फीस का भुगतान एटीएम से भी
•अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के 72 हजार, 825 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अब फीस जमा कराने के लिए बैंकों में चक्कर नहीं लगाना होगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने आवेदकों की सुविधा को ध्यान रखते हुए एसबीआई के बैंक एटीएम और ई पेमेंट से फीस जमा कराने की सुविधा मुहैया कराने का फैसला किया है। ऑनलाइन आवेदन करने के साथ-साथ अब आवेदक ऑनलाइन परीक्षा फीस भी जमा करा सकते हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि आवेदकों को अब तीन तरह से फीस जमा कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस संबंध में शासन ने परिषद को विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया है।
उधर, हाईकोर्ट में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर होने वाले सुनवाई के संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की। इस दौरान विचार-विर्मश किया गया कि हाई कोर्ट का आदेश मिलने के बाद ही 2011 के आवेदकों के मामले में कोई निर्णय किया जाएगा।
•आवेदकों को ई पेमेंट से भी फीस जमा कराने की सुविधा भी होगी उपलब्ध
सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थियों को राहत
इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में अभ्यर्थियों को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों ने दिसंबर 2011 में निकाले गए विज्ञापन के क्रम में जिन जिलों के लिए आवेदन किया था उन जिलों में फिर से फाॅर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। न ही शुल्क देना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी इस बार और अधिक जिलों के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे नए जिलों में सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार आवेदन करना होगा। कोर्ट ने कहा है कि अभ्यर्थी पहले किए गए आवेदन का ब्यौरा 31 दिसंबर तक निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ (एससीईआरटी) को भेज दें।
कोर्ट ने एससीईआरटी को निर्देश दिया है कि वह अभ्यर्थियों का ब्यौरा तैयार करे। न्यायालय ने अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए अन्य तमाम मुद्दों पर सुनवाई के लिए नौ जनवरी 2013 की तिथि नियत की है। अगली तारीख पर महिला-पुरुष श्रेणी, आयु सीमा मामले और टीईटी को मेरिट मानने आदि मुद्दों पर सुनवाई होनी है।
Amar Ujala
शिक्षक भर्ती में पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को राहत
-जिन जिलों में आवेदन कर चुके हैं, वहां दोबारा शुल्क की जरूरत नहीं
-ऐसे जिलों में पुराने आवेदन-पत्र ही मान्य किए जाएंगे
जागरण ब्यूरो, इलाहाबाद
उच्च न्यायालय ने सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत दी है। न्यायालय ने कहा है कि जिन्होंने पिछली भर्ती विज्ञापन के तहत आवेदन जमा किया था, उनसे न तो उन जिलों के लिए न नए आवेदन लिए जाए और न ही शुल्क लिया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टण्डन ने अखिलेश त्रिपाठी व अन्य की याचिका पर दिया है। अदालत के सामने यह तथ्य लाया गया कि पिछली बार निकाले गए शिक्षक भर्ती आवेदन में अभ्यर्थियों को पांच जिलों में आवेदन की छूट दी गई थी। इसमें हजारों ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने पांचों जिलों में आवेदन शुल्क जमा करके फार्म भरा था। बाद में अदालत ने आदेश दिया था कि एक ही जिले में आवेदन शुल्क जमा किया जाए, डिमांड ड्राफ्ट की फोटोकॉपी अन्य जिलों में लगाई जाए। तब सरकार ने आश्वस्त किया था कि जो छात्र पांच जिलों में आवेदन शुल्क जमा कर चुके हैं, उनका पैसा वापस किया जाएगा। यह पैसा आज तक वापस नहीं किया गया है। सरकार की और से बताया गया कि अभ्यर्थियों को वह पैसा वापस किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि वापसी की जरूरत ही क्या है, जिन जिलों में अभ्यर्थियों ने आवेदन शुल्क जमा किया है, उनसे अब शुल्क लिया ही न जाए। उनका पुराना आवेदन ही मान्य किया जाए। न्यायालय ने यह भी कहा है कि पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थी निदेशक एससीईआरटी लखनऊ को आवेदन भेज कर 31 दिसम्बर से पहले जानकारी दे दें। न्यायालय ने अन्य मुद्दों पर सुनवाई के लिए अगली तिथि 9 जनवरी नियत की है। सुनवाई की अगली तिथि पर आयु सीमा में छूट आदि मुद्दों पर विचार किया जायेगा।
न्यायालय ने निदेशक एनसीआरटी को आदेश दिया है कि पहले आवेदन जमा कर चुके अभ्यर्थियों की सूचना मिलने पर पुराने आवेदन निकालकर अभ्यर्थिता स्वीकार करें। यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अभ्यर्थी अतिरिक्त जिलों में आवेदन करना चाहते हैं तो नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक लगभग ढाई लाख अभ्यर्थी टीईटी उत्तीर्ण हुए थे, जिन्होंने पांच जिलों में आवेदन शुल्क जमा किया था। उन्हें इस आदेश से राहत मिलेगी।
72825 Teachers Vacancy : Writ info regarding Application Fee
Case :- WRIT - A No. - 65811 of 2012
Petitioner :- Ashish Mishra
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Siddharth Khare,Ashok Khare
Respondent Counsel :- C.S.C.,Pankaj Kumar Singh
Hon'ble Arun Tandon,J.
Learned Standing Counsel may file reply enclosing the letter of the NCTE, if any, approving of the six months' basic training course.
Heard learned counsel for the parties.
Mr. Neeraj Upadhyay, Advocate, has produced the letter of the State Government dated 20.12.2012 wherein it has been mentioned that the State Government has taken a conscious decision in the matter of charging of fee at the rate of Rs. 500/- per district as well as in the matter of determination of minimum and maximum age. Meaning thereby that the State Government is not in a position to dilute any of the said conditions as on date.
Having regard to the order passed by this Court on 20.12.2012, the fact that the last date for submission of the application is 31.12.2012 and that the Court shall close tomorrow i.e. 22.12.2012 till 2.1.2013 for winter break, it has become necessary for this Court to make the following interim arrangement:
All those candidates who had submitted their application in respect of the various districts in response to advertisement dated 30.11.2011, may file their application in response to the current advertisement dated 7.12.2012 by speed post without enclosing any bank draft addressed to the Director, State Educational Research and Training Council, Lucknow on or before 31.12.2012 in the proforma prescribed by speed post. The candidate shall disclose all necessary information as per the format provided for on the web site in respect of the current selections. They shall also specifically indicate the number of districts with their names for which they had submitted the application earlier in response to the advertisement of 2011.
The Director, State Educational Research and Training Council, Lucknow shall accept all these applications and shall maintain a record in respect of each of the candidates along with the districts applied for. The issue as to whether these applications be considered along with the other applications received on-line in response to the advertisement in question dated 07.12.2012 shall be adjudicated on the next date.
It is made clear that if any petitioner/candidate wants to make an application in respect of any other districts for which he had not applied in response to the advertisement of 2011 he is at liberty to do so after complying with all the conditions mentioned in the advertisement dated 7.12.2012. To be precise, it is clarified that the applications of all such candidates who had applied in response to the advertisement of 2011 shall be considered only in respect of the districts for which they had applied earlier. They have an independent right to apply afresh in terms of the advertisement in question for other districts.
List on 9.1.2013.
Order Date :- 21.12.2012
डिग्री होने के बाद भी दर-दर भटक रहे अभ्यर्थी
रायबरेली, नगर संवाददाता: प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के नियुक्ति के लिए बीटीसी तथा टीईटी होना अनिवार्य है। प्रदेश में लगभग दस हजार प्रशिक्षित शिक्षक है। सरकार उक्त योग्यताधारी अभ्यर्थियों का अभाव दिखाकर अप्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती दिखा रहा है। जिसको लेकर बीटीसी व टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने विधायक रामलाल अकेला को ज्ञापन सौंपा।
बीटीसी 2010 समन्वयक समिति का कहना है कि शासन ने दस अक्टूबर के शासनादेश में बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों के लगभग दस हजार पद सृजित किए थे। लेकिन बीटीसी 2004 व विशिष्ट बीटीसी 2008 के अधिकांश अभ्यर्थी टीईटी में अनुत्तीर्ण होने के कारण लगभग छह हजार से अधिक पद रिक्त है। उक्त नियुक्तियों की मांग को लेकर प्रशिक्षित शिक्षकों ने सपा विधायक रामलाल अकेला को नियुक्ति के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में विधायक ने कहा कि बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर मामले को अवगत कराया जायेगा। साथ ही बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति जल्द से जल्द कराई जायेगी। इस मौके पर आशीष त्रिवेदी, विपिन, आलोक सिंह, रमन सिंह, वीरेंद्र पाल, सुनील गुप्ता, राम बालक, मुकेश ओझा, अमित त्रिवेदी, विजय विक्रम सिंह समेत कई बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थी मौजूद रहे।
Dainik Jagran Updated on: Fri, 21 Dec 2012 07:20 PM (IST)
Dainik Jagran Updated on: Fri, 21 Dec 2012 07:20 PM (IST)
Thursday, 20 December 2012
Now Deposit Application Fee Online : 72825 Teachers Vacancy
Now no need to stand in the queue at SBI for deposit Application Fee of 72825 Teachers Vacancy.Just go to the SBI website and deposit the Fee Online using SBI ATM cum Debit Card/Internet Banking
Note : It will take 10 Rs. Extra.
आवेदन शुल्क कम करने पर अपना पक्ष बताए सरकार
इलाहाबाद। प्रदेश में टीईटी उत्तीर्ण 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आवेदन शुल्क कम करने पर अपना पक्ष बताने का निर्देश दिया है। सरकार को शुक्रवार को इस पर अपना पक्ष साफ कर देना है ताकि अभ्यर्थियों के लिए कोई निर्णय दिया जा सके। न्यायालय ने आयु सीमा के कारण बाहर हुए छात्रों को भी शामिल करने पर सरकार को फैसला लेने का निर्देश दिया है।
अभिषेक त्रिपाठी और सैकड़ों अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा कि शनिवार से न्यायालय शीत अवकाश के लिए बंद हो रहा है। इसलिए अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए सरकार शुक्रवार को अपना जवाब दाखिल कर दे ताकि इस मसले पर फैसला हो सके।
याचिका पर सुनवाई के दौरान याचियों के वकीलों ने हर जिले के लिए पांच सौ रुपए का बैंक ड्राफ्ट लेने का मामला उठाया। कोर्ट को बताया गया कि 72 जिलों से आवेदन करने में करीब 37,500 रुपए खर्च हो जाएंगे। बेरोजगार अभ्यर्थियों के हित में सरकार नया आवेदन लेने के बजाए पिछले आवेदन को ही स्वीकार कर ले। जिन लोगों को नए जिलों से आवेदन करना है वह वर्तमान दर पर शुल्क अदा करें। इसी प्रकार से इस बार आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष कर दी गई है। बहुत से अभ्यर्थी जो 18 से 20 वर्ष के हैं आवेदन नहीं कर सकें गे। इसी प्रकार से ऐसे अभ्यर्थी जो पिछले वर्ष आवेदन के समय अर्ह थे और इस बार 40 वर्ष से अधिक के हो गए हैं उनको भी मौका दिया जाए।
कोर्ट ने याचियों की सभी बातें सुनने के बाद इन सुझावों पर सरकार से दिशा निर्देश प्राप्त कर शुक्रवार को बताने को कहा है। सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन के लिए समय सीमा 31 से दिसंबर से बढ़ाने पर भी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करने को कहा है।
Allahabad | Last updated on: December 21, 2012 5:30 AM IST
Tuesday, 18 December 2012
बीटीसी 2012 की चयन सूची जारी करने पर निर्णय आज!
बीटीसी- 2012 चयन की अंतिम सूची जारी करने को लेकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों की बैठक बेनतीजा रही। इस दौरान 1.90 लाख आवेदकों द्वारा ऑनलाइन किए गए आवेदन संबंधित चूक को सुधारने के लिए डायट प्राचार्यों और एससीईआरटी निदेशक के बीच हुई विचार-विमर्श का अंतिम निर्णय प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार पर छोड़ने की सहमति बनी। अब बुधवार को निदेशक प्रमुख सचिव से वार्ता के बाद दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
लखनऊ (ब्यूरो)।
हद है! टीईटी में एक और फर्जीवाड़ा नकली वेबसाइट बना जारी किए हजारों अंकपत्र
इलाहाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परिणाम में नए सिरे से फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। जालसाजों ने यूपीटीईटी की फर्जी वेबसाइट बनाकर पूरा रिजल्ट मनमानी जारी कर दिया है। शिक्षक भर्ती का आवेदन कर रहे हजारों युवकों ने वेबसाइट से अंकपत्र डाउनलोड किए तो उनके होश उड़ गए। बड़ी संख्या में पास अभ्यर्थी फेल दिखाए गए जबकि हजारों फेल अभ्यर्थियों को पास दिखा दिया गया। पास अभ्यर्थी नई मार्कशीट लेकर बोर्ड पहुंचे तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। यूपी बोर्ड का कहना है कि टीईटी की वेबसाइट लॉक है और कई महीनों से उस पर कुछ भी अपडेट नहीं किया गया। वेबसाइट पूरी तरह फर्जी है। जांच के बाद अब बोर्ड एफआईआर कराने की तैयारी में है।
जांच में सामने आया कि शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद जालसाजों ने यूपीटीईटी 2011 डाट कॉम नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर जाली अंकपत्र डाउनलोड कर दिए। एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि पहले वह पास थे लेकिन वर्तमान में वेबसाइट पर फेल दिखा रहा है जबकि बड़ी संख्या में फेल अभ्यर्थी पास हो गए।
बोर्ड के सचिव उपेंद्र कुमार ने साफ किया कि 2011 में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का परीक्षाफल जो बोर्ड की वेबसाइट यूपी टीईटी 2011 डॉट कॉम पर उपलब्ध कराया गया था, यह वेबसाइट वर्तमान में बंद कर दी गई है। बोर्ड की ओर से इस समय टीईटी का अंकपत्र किसी भी वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अन्य वेबसाइट से टीईटी का डाउनलोड किया गया परीक्षाफल पूर्णतया फर्जी है। फर्जी वेबसाइट के जरिए डाउनलोड अंकपत्र लेने वाले परीक्षार्थी पर कोई कानूनी कार्रवाई होती है तो परीक्षार्थी इसके लिए स्वयं जिम्मेदार होगा। सचिव ने बताया कि वह फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराएंगे।
•अमर उजाला ब्यूरो
Delhi Municipal Corporation (MCD) Primary Teachers Recruitment 2012-2013
Delhi Municipal Corporation, invites applications for the post of Primary Teacher (North DMC)
www.freshersworld.com
| Job Id | Name of Post | Qualification | No. of Post |
10320
|
Teacher
| Qualified Senior Secondary (10+2) or intermediate or its equivalent from a recongnised Board / University / Institute, Passed Hindi as subject at Secondary Level, Passed English as subject at Secondary Level or Senior Secondary Level, Two years Diploma / Certificate course in ETE / JBT or equivalent or B. El.Ed from recognized Institution, Qualified Central Teacher Eligibility Test (CTET) conducted by CBSE |
641
|
Online applications are available on the MCD website www.mcdonline.gov.in
It is advisable to use Mozilla Fire Fox Browser to make the online application.
Step 1- Open the site by typing www.mcdonline.gov.in
Step 2- Click on North Delhi Municipal Corporation
Step 3- Click on the button marked Jobs @ MCD
which shall open the page showing all jobs of MCD to which online application
can be made.
which shall open the page showing all jobs of MCD to which online application
can be made.
• Against the post, Two Buttons namely.
a. View Job Profile : check on the button to read the Job Profile
b. Apply: Click on the button to apply.
72825 Teachers Vacancy : साइंस संकाय(Science Group) के अभ्यर्थियों का बनेगा दबदबा ।
कानपुर। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक ही मेरिट लिस्ट जारी होने की घोषणा ने अभ्यर्थियों को चिंता में डाल दिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी अनुमान है कि एक मेरिट लिस्ट होने से साइंस संकाय के अभ्यर्थियों का दबदबा बनेगा जबकि आर्ट्स के अभ्यर्थियों को लो रैंक पर आना पड़ सकता है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पहली बार साइंस, आर्ट्स, महिला और पुरुष की एक ही मेरिट सूची बनाए जाने का आदेश आया है। इस निर्णय से अभ्यर्थियों में खलबली मच गई है। ‘अमर उजाला’ कार्यालय में सोमवार को दिनभर अभ्यर्थियों की कॉल आती रहीं। साकेत नगर निवासी रानी ने कॉल करके बताया कि साइंस में तो प्रेक्टिकल और स्कोरिंग सब्जेक्ट होते हैं। ऐसे में अच्छे नंबर होने पर उनकी मेरिट हाई जाएगी। वहीं, उन्नाव के अजय ने कहा कि महिला और पुरुष की एक सूची बनने से भी मेरिट में फर्क पड़ेगा। हर बार लड़कियों के अच्छे अंक रहते हैं और कही इसमें भी वे बाजी न मार जाएं। रावतपुर के राहुल ने कहा कि इस निर्णय से कई मेधावी इस बार टीचर बनने से वंचित रह जाएंगे। फैजाबाद के अमरेंद्र ने कहा कि हर वर्ग में मेधावी स्टूडेंट होते होता है। साइंस और आर्ट्स की कोई तुलना नहीं है।
फिर दोनों की मेरिट सूची एक करने का क्या मतलब। आवास विकास निवासी रामजी, महोबा के दिनेश, कारवालो नगर की प्रीति, बर्रा की कीर्ति, बिधनू के पुष्पेंद्र ने भी एक मेरिट लिस्ट पर चिंता जताई। वहीं, उप बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राम स्वरूप विश्वकर्मा ने कहा कि फिलहाल तो साइंस संकाय का ही मेरिट लिस्ट में दबदबे का अनुमान है। क्योंकि इसमें प्रेक्टिकल और स्कोरिंग सब्जेक्ट होते हैं। बाकी तो लिस्ट आने के बाद ही क्लियर होगा।
News Source : AMAR UJALA (18.12.12)
2011-12 में बीएड करने वालों का आवेदन मान्य : 72825 Teachers Vacancy
•शिक्षक भर्ती में एक ही मेरिट लिस्ट पर अभ्यर्थियों ने जताई चिंता
•आर्ट्स के अभ्यर्थियों को लो रैंक पर आना पड़ सकता है
कानपुर । वर्ष 2011-12 में बीएड में एडमिशन लेकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने वाले अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती में आवेदन कर सकते हैं। यह बात बेसिक शिक्षा सचिव आईपी शर्मा ने ‘अमर उजाला’ को आ रहीं सैकड़ों ‘पब्लिक कॉल’ के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि टीईटी और बीएड पास करने वाले अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए योग्य हैं। वहीं, सिविल लाइंस निवासी राधा ने से ‘अमर उजाला’ कार्यालय में फोन करके पूछा कि उन्होंने इग्नू से बीएड किया है। क्या वह शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं, इसके जवाब में आईपी शर्मा ने कहा कि वैसे रेगुलर बीएड मान्य है लेकिन फिर भी वेबसाइट में जाकर शासनादेश देख लें। यही बात उन्होंने निवास और आय प्रमाण पत्र के बारे में भी कही। महोबा से जितेंद्र सिंह ने पूछा कि गलती से आपराधिक रिकार्ड पर यस क्लिक हो गया और फार्म सबमिट हो गया है। इस पर उन्होंने कहा कि यह फार्म कैंसल हो जाएगा, अब दोबारा फार्म भरना होगा। अगर काउंसिलिंग के समय इसे बारे में पूछा जाए तो अपनी समस्या बता दें। वहीं, फजलगंज से आए महेंद्र ने पूछा कि बीएड में 672 नंबर थे लेकिन फार्म पर 72 लिख दिया है। इस पर आईपी शर्मा ने कहा कि नया आवेदन करें, मान्य होगा।
News Source : AMAR UJALA (18.12.12)
मार्कशीट का इंतजार, कैसे आवेदन करें यार
कानपुर। अमर उजाला की पब्लिक कॉल पर टीईटी अभ्यर्थियों ने अपनी परेशानी साझा की। किसी ने मार्कशीट नहीं मिलने की दिक्कत बताई तो किसी ने उम्र को लेकर संशय जताया। कई स्टूडेंट्स अंक और ग्रेडिंग को लेकर कंफ्यूज हैं।
शिप्रा ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि संशोधित मार्कशीट के लिए चक्कर लगाकर थक चुकी हूं, अभी तक डिग्री नहीं मिली है। अनिल कुमार मौर्य ने बताया कि 2 नंबर से पहले फेल हो गए थे, लेकिन संशोधित परिणाम जारी होने पर वे पास हो गए। पर अभी तक मार्कशीट नहीं मिली है। ऐसे में समस्या यह है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कैसे करूंगा। कामिनी की मार्कशीट में जन्मतिथि गलत है। जय सिंह भी मार्कशीट का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इन छात्रों का परेशान होना स्वाभाविक है। स्टूडेंट्स ने बताया कि इस संबंध में जब इलाहाबाद बोर्ड गए तो बोर्ड के सचिव उपेंद्र कुमार ने बताया कि टीईटी घोटाले में जब माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक गिरफ्तार हुए थे, उसी समय पुलिस ने कई दस्तावेज सीज किए थे। इनमें संशोधित परिणाम के अंक शामिल थे। संशोधित परिणाम बोर्ड नहीं भेजे जाने से नई मार्कशीट नहीं जारी हो पाई है। बेसिक शिक्षा सचिव आईपी शर्मा ने कहा कि ऐसे स्टूडेंट्स शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। उधर रतनलाल नगर निवासी एसपी पांडे के अंक पत्र में क्रमांक नहीं होने की शिकायत की। इस पर सचिव आईपी शर्मा ने बताया कि जिसमें अंक पत्र क्रमांक नहीं हो वे अंग्रेजी में ‘एनए’(नॉट एप्लीकेब्ल) लिख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 40 साल से ऊपर वाले अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकते है। वहीं बीएचयू से पास आउट स्टूडेंट्स की समस्या ग्रेडिंग को लेकर है। गोरखपुर निवासी रवि कुमार ने बताया कि बीएचयू में ग्रेडिंग सिस्टम काम करता है। ऐसे में दुविधा है कि प्राप्तांक, पूर्णांक के कालम को कैसे भरा जाए। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा सचिव आईपी शर्मा ने इसका हल बताया कि स्टूडेंट्स विवि से संपर्क करके ग्रेड को अंक में तब्दील करवाएं। इसके अलावा कोई उपाय नहीं है।
Kanpur | Last updated on: December 15, 2012 5:30 AM IST
हजारों बीएड छात्रों पर भारी लखनऊ विश्विद्यालय की चूक
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के लगभग 8000 बीएड छात्रों पर लखनऊ विवि प्रशासन के जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ रही है। सही डाटा न भेजे जाने के कारण जहां बीएड की एक सत्र की डिग्री छपने से रह गई वहीं बाद के सत्रों में भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। फिलहाल छात्र केवल प्रोविजनल डिग्री लेकर छात्र काम चला रहे हैं लेकिन अगले महीने से शुरू होने शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग के समय मूल प्रमाणपत्र न होने पर उनके भविष्य पर संकट मंडराने के आसार है।
लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएड के 35 संबद्ध कॉलेज हैं। इनमें लगभग 4000 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। सत्र 2008-09 में इन छात्रों की डिग्री एजेंसी को छपने को भेजी गयी लेकिन उसमें थ्योरी एवं प्रैक्टिकल के अंकों का विवरण सही ढंग से नहीं भेजा गया। इसके चलते डिग्री नहीं छप सकी। सत्र 2009-10 को शासन ने शून्य घोषित कर दिया। 2010-11 की बीएड की डिग्री छपवाने पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते दो सत्रों के लगभग 8000 बीएड छात्र-छात्राओं को समय से डिग्री नहीं मिल सकी। अब जब शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई और छात्रों ने लखनऊ विवि की ओर रुख किया तो हकीकत सामने आई। फिलहाल लखनऊ विवि प्रशासन जल्द से जल्द डिग्री छपवाकर वितरित कराने का आश्वासन दे रहा है।
कोट्स डाटा भेजने में कुछ चूक होने के चलते बीएड के पुराने सत्र की डिग्री नहीं छप सकी थी। कार्यभार संभालने के बाद मैंने डिग्री पर खास तौर से ध्यान दिया है। इस संदर्भ में एजेंसी से बात की गई है। डिग्रियों की छपाई अभी प्रक्रिया में है। इस माह के अंत तक डिग्री का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
- प्रो. अकील अहमद, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय
Lucknow | Last updated on: December 18, 2012 5:30 AM IST
संविदा शिक्षकों की भर्ती का तोहफा नए साल पर
लखनऊ (ब्यूरो)। राज्य सरकार संविदा शिक्षकों की भर्ती का तोहफा नए साल में देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए नेशनल इंफारमेटिक सेंटर (एनआईसी) से साफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है, ताकि इनके लिए भी आवेदन लेने में किसी तरह की धांधली की शिकायत न हो।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद उच्च प्राइमरी स्कूलों में कला, स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा तथा कार्य शिक्षा के लिए 41 हजार संविदा शिक्षकों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों पर बेचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड), डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीएड), सर्टिफिटेक ऑफ फिजिकल एजुकेशन (सीपीएड) वालों को रखा जाना है। इन भर्तियों के लिए पूर्व में शासनादेश जारी कर दिया गया था, लेकिन गड़बड़ी की शिकायतों के चलते आवेदन लेने की प्रक्रिया रोक दी गई।
और तय किया गया कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत होने वाली सभी भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएं। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इसके लिए शासन को संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके आधार पर ही ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
शासन स्तर पर यह तैयारी है कि प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संविदा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दिया जाए, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी करेंगे। सर्व शिक्षा अभियान के तहत संविदा शिक्षकों के अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शिक्षक, वार्डन, लेखाकार, रसोइया, चौकीदार और चतुर्थ श्रेणी के 2274, नेशनल प्रोग्राम फार एजुकेशन ऑफ एट एलिमेंट्री लेवल के तहत व्यावसायिक शिक्षक व जूडो कराटे प्रशिक्षक के 17 हजार 329, कंप्यूटर सहायक के 152 व सहायक लेखाकार के 176 पदों पर भर्तियां की जानी हैं।
Monday, 17 December 2012
अजब फंडा: तैनाती में दूर भेजो, तबादले में रकम सहेजो
कानपुर,शिक्षा संवाददाता: माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की तैनाती प्रक्रिया में शिक्षकों को 'तैनाती में दूर भेजो, वापसी के बदले रकम सहेजो' की सोची समझी नीति चल रही है। विधान परिषद में सवाल उठने के बावजूद शिक्षक शिक्षिकाओं को इस संकट से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
ये हैं कुछ उदाहरण
पिछली सरकार ने प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एलटी व प्रवक्ता के रिक्त पदों पर लगभग तीन हजार शिक्षक शिक्षिकाओं की नियुक्ति की थी। उनकी तैनाती वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई। तैनाती के लिये ऐसी प्रक्रिया अपनाई गयी कि शिक्षक परेशान हैं। पिछले दिनों चेत नारायण सिंह,राज बहादुर सिंह चंदेल व जगेंद्र स्वरूप (सभी एमएलसी) ने विधान परिषद में सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित जिलों व मंडल के कालेजों में पद रिक्त होने बाद भी शिक्षक शिक्षिकाओं को दूर दराज के जिलों में भेजा गया। बाद में संशोधन के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही है। कई शिक्षकों को ऐसे कालेजों में भेज दिया गया जहां पहले से ही शिक्षक काम कर रहे थे। उन्हें कार्यभार नहीं मिला।
जन प्रतिनिधियों ने यह भी जानकारी रखी कि सामान्य शिक्षक शिक्षिकाओं से हर कदम पर वसूली की कोशिश की जाती है। पूरब के शिक्षक को पश्चिम व पश्चिम में रहने वाले को पूरब भेजने की नियुक्ति व स्थानांतरण को लेकर स्थिति इतनी विस्फोटक है कि कई मंडलों में शिक्षक धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रमाशंकर तिवारी ने शासन को भुक्तभोगी शिक्षकों की सूची मुहैया कराई है। मसलन गाजीपुर के कामर्स प्रवक्ता राज कुमार,यहां भारतीय विद्यालय कालेज, इलाहाबाद मंडल की मीना सिंह, झांसी मंडल की माधवी व इलाहाबाद मंडल की नेहा मौर्या यहां केके कालेज, वाराणसी मंडल के मनोज कुमार यहां फेयर कमेटी मकनपुर व कौशांबी के त्रिलोक सिंह बीएनएसडी कालेज में काम कर रहे हैं।
हर काम के खुले रेट
नियुक्ति पत्र लेने : 25,000
संबंधित बाबू के लिए : 5,000
कार्यभार पाने के लिए : 2.0 लाख
स्थानांतरण की एनओसी : 50,000
कार्यभार देने की एनओसी : 1.50 लाख
चयनित को ज्वाइन कराने : 2 से 3 लाख
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चयन से लेकर कार्यभार ग्रहण करने तथा स्थानांतरण में दोनों कालेजों से अनापत्ति प्रणाणपत्र (एनओसी) लेने तथा विभाग में फाइल आगे बढ़वाने के रेट खुल गये हैं। पद खाली होने पर मंडल के शिक्षकों की मंडल में ही तैनाती का सख्त नियम बना कर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करा दी जाये तो संकट खत्म हो सकता है।
- राज बहादुर सिंह चंदेल, एमएलसी
Updated on: Fri, 14 Dec 2012 10:34 PM (IST)
Updated on: Fri, 14 Dec 2012 10:34 PM (IST)
Sunday, 16 December 2012
किस गलती की सजा भुगत रहे जूनियर टीईटी अभ्यर्थी
Allahabad | Last updated on: December 17, 2012 5:30 AM IST
इलाहाबाद। प्राथमिक विद्यालयों में 72 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बाद जूनियर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास दो लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने को ठगा मान रहे हैं। सरकार की ओर से अभी तक जूनियर हाईस्कूल स्कूलों पर भर्ती के लिए कोई नीति नहीं तय की गई है। जूनियर स्तर पर शिक्षकों की भर्ती नहीं होने से अकेले इलाहाबाद में ही दो हजार से अधिक पद रिक्त हैं।
सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञापन तो निकाल दिया गया है लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से जूनियर स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले बीएड डिग्रीधारियों की कोई सुध नहीं ले रहा है। इनकी नियुक्तियों को लेकर अधिकारी भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में जूनियर स्तर की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को लेकर साल भर बाद भी सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकी है। यूपी बोर्ड की ओर से नवंबर 2011 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में 270806 और 209789 अभ्यर्थी क्रमश: प्राथमिक और जूनियर स्तर की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। सरकार की ओर से प्राथमिक स्तर के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती तो निकाल दी गई है, लेकिन जूनियर स्तर की परीक्षा पास करने वालों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से जूनियर स्तर पर भर्ती को लेकर कोई निर्णय नहीं होने से शिक्षकों की कमी का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती नहीं होने से गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बच्चों की नींव मजबूत नहीं हो पा रही है। जिले में ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग दो हजार से अधिक पद खाली हैं। इसमें अधिकांश पद गणित और विज्ञान शिक्षक के हैं।
सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञापन तो निकाल दिया गया है लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से जूनियर स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले बीएड डिग्रीधारियों की कोई सुध नहीं ले रहा है। इनकी नियुक्तियों को लेकर अधिकारी भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में जूनियर स्तर की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को लेकर साल भर बाद भी सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकी है। यूपी बोर्ड की ओर से नवंबर 2011 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में 270806 और 209789 अभ्यर्थी क्रमश: प्राथमिक और जूनियर स्तर की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। सरकार की ओर से प्राथमिक स्तर के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती तो निकाल दी गई है, लेकिन जूनियर स्तर की परीक्षा पास करने वालों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से जूनियर स्तर पर भर्ती को लेकर कोई निर्णय नहीं होने से शिक्षकों की कमी का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं। शिक्षकों की भर्ती नहीं होने से गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बच्चों की नींव मजबूत नहीं हो पा रही है। जिले में ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग दो हजार से अधिक पद खाली हैं। इसमें अधिकांश पद गणित और विज्ञान शिक्षक के हैं।
प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर समायोजित हों विशेष शिक्षक
लखनऊ। मूक बधिर, दृष्टि बाधित और मानसिक मंदित बच्चों को पढ़ाने वाले विशेष शिक्षकों ने रविवार को विधानभवन के सामने धरना दिया। उनके साथ उक्त श्रेणी के बच्चों के अभिभावक भी शामिल थे। इन शिक्षकों की मांग है कि योग्यता के आधार पर उन्हें संविदा से प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाए। विशेष शिक्षक एवं अभिभावक एसोसिएशन केअध्यक्ष मुन्ना लाल शुक्ला ने कहा कि हाल ही में हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में टीईटी पास बीएड व डीएड योग्यताधारियों को प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर सीधी भर्ती की खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बावजूद उक्त योग्यताधारी अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान नहीं किया गया। जबकि मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में विशेष शिक्षकों को भर्ती में सम्मिलित करने का आश्वासन दिया था। परिषदीय विालयों में मूक बधिर, दृष्टिबाधित और मानसिक मंदित बच्चों की शिक्षा में लगे बीएड, डीएड अर्हता वाले विशेष शिक्षकों को शिक्षक बनने के लाभ से वंचित किया जा रहा है। शिक्षकों ने मांग की प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति हेतु प्रकाशित कराई गई विज्ञप्ति में बीएड तथा डीएड को शामिल करके संशोधित विज्ञप्ति प्रकाशित कराई जाए। विशेष शिक्षा प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की अलग से मेरिट के आधार पर नियुक्ति किए जाने का आदेश संबंधित अधिकारी को दिया जाए। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की अधिसूचना के अनुसार सर्वशिक्षा अभियान के तहत कार्यरत विशेष शिक्षकों को छह माह का विशेष प्रशिक्षण कराकर मुख्यधारा में समायोजित किया जाए।
सहायक अध्यापक बनाए जाएं इंटर पास शिक्षामित्र
-शिक्षामित्रों ने दिया धरना
-तालाबंदी करने की चेतावनी
जागरण संवाददाता, लखनऊ : उप्र शिक्षामित्र-शिक्षक कल्याण समित के आह्वान पर शनिवार को विधानभवन के सामने जुटे शिक्षामित्रों ने धरना दिया। शिक्षामित्रों ने सरकार से 12 साल सेवा कर चुके शिक्षामित्रों ने अंट्रेंड वेतनमान देने और इंटर पास शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति को तरजीह देने की मांग की।
समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि प्रशिक्षु शिक्षामित्रों को 7500 रुपये वेतनमान दिया जा रहा है जबकि उन्हें 3500 रुपये महीना मानदेय मिल रहा है। इसकी वजह से शिक्षामित्रों का जीना दूभर हो गया है। प्रदेश महामंत्री शिवशंकर राजभर ने बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण में 10 फीसद कोटा शिक्षामित्रों को देने और प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षामित्रों को बगैर टीइटी के नियुक्ति में प्राथमिकता देने की मांग की। शिक्षामित्रों ने मांगें पूरी न होने पर तालाबंदी करने की चेतावनी दी। धरने में अनूप कुमार, सत्यपाल सिंह, सत्येंद्र सिंह, पप्पू गिरी, सूर्यमणि गौतम, राजेश पांडेय व संजय यादव समेत जौनपुर, वाराणसी, बुलंदशहर, झांसी, आगरा व भदोही समेत कई जिलों से आए शिक्षामित्र शामिल हुए। समिति की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को पांच सूत्री ज्ञापन भी प्रेषित किया।
बीटीसी-2012 की चयन सूची जारी करने पर रोक
• अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। बीटीसी- 2012 चयन की अंतिम सूची जारी करने पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक महेंद्र सिंह ने अवकाश के बाद भी शनिवार को शिक्षा जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों को सूचना भेज दी है। अंतिम सूची जारी करने पर निर्णय 18 दिसंबर को डायट प्राचार्यों की बैठक में किया जाएगा।
प्रदेश में इस बार बीटीसी चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए हैं। आवेदन का प्रारूप इतना जटिल बना दिया गया था कि छात्रों को आवेदन करने में काफी कठिनाइयां हुई हैं। प्रदेश में बीटीसी-2012 के लिए 1.90 लाख छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं, लेकिन काफी संख्या में लोगों ने आवेदन के दौरान चूक कर दी है। इसको लेकर एससीईआरटी के निदेशक से काफी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन मुलाकात करने आ रहे हैं। जनपद स्तर पर चयन समितियों के सामने भी कठिनाइयां आ रही हैं। इसलिए यह तय किया गया है कि इस संबंध में एससीईआरटी निदेशालय पर डायट प्राचार्यों की बैठक बुला ली जा और इसमें विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय किया जाए। इसके आधार पर ही बीटीसी की अंतिम चयन सूची जारी करने पर रोक लगा दी गई है।
Friday, 14 December 2012
72825 Teachers Vacancy : डिग्री के लिए कॉलेज छात्रों को लगानी पड़ रही दौड़
Lucknow | Last updated on: December 15, 2012 5:30 AM IST
लखनऊ। शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए डिग्री की आवश्यकता कॉलेज के छात्रों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। तमाम कॉलेज अपने पास डिग्री न होने की बात कर इन अभ्यर्थियों को लखनऊ विवि दौड़ा रहे हैं। दूसरी तरफ लखनऊ विवि डिग्री कॉलेजों को पहले ही भेज दिए जाने की बात कर रहा है। ऐसे में अभ्यर्थी कॉलेज व लविवि के बीच चक्कर लगा रहे हैं। जय नारायण पीजी कॉलेज से वर्ष 2007 में स्नातक पास रविशंकर शर्मा शुक्रवार को जब कॉलेज डिग्री लेने गए तो उन्हें लखनऊ विवि से अपनी डिग्री लेने को कहा गया। रविशंकर जब लविवि पहुंचे तो डिग्री विभाग ने उनकी डिग्री कॉलेज को चार साल पहले ही भेजे जाने की बात कही। इसी तरह नवयुग कन्या पीजी कॉलेज से वर्ष 2003 में बीए पास अपर्णा मिश्रा को भी उनके कॉलेज ने लविवि से डिग्री मिलने की बात कह टरका दिया। जबकि लविवि आकर पता चला कि उनकी डिग्री भी कई साल पहले उनके कॉलेज भेजी जा चुकी है। यह प्रकरण सिर्फ रविशंकर और अपर्णा का ही नही है। पिछले तीन दिनों में करीब दो दर्जन कॉलेजों के सैकड़ों पूर्व छात्र इस परेशानी का शिकार हैं। लविवि के डिग्री विभाग में कार्यरत जिम्मेंदारों का कहना है कि कॉलेजों द्वारा छात्रों की डिग्री अपने पास न होने की बात बिलकुल झूठी है। वर्ष 2010 तक के सभी छात्रों की डिग्रियां संबंधित कॉलेजों को भेजी जा चुकी हैं। सिर्फ इक्का दुक्का कॉलेज ही ऐसे हैं, जिन्हें वर्ष 2010 में छात्रों की डिग्रियां दी जानी हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि कई बार कॉलेजों द्वारा डिग्रियों का सही तरीके से रखरखाव न करने के चलते यह खराब या नष्ट हो जाती हैं। ऐसे में डिग्री देने की जिम्मेदारी से बचते हुए कॉलेज छात्रों को लविवि के चक्कर लगवाते हैं। वहीं कुछ अभ्यर्थियों का आरोप है कि कॉलेज के बाबू वसूली के चक्कर में डिग्री नहीं दे रहे हैं।
लखनऊ। शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के लिए डिग्री की आवश्यकता कॉलेज के छात्रों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। तमाम कॉलेज अपने पास डिग्री न होने की बात कर इन अभ्यर्थियों को लखनऊ विवि दौड़ा रहे हैं। दूसरी तरफ लखनऊ विवि डिग्री कॉलेजों को पहले ही भेज दिए जाने की बात कर रहा है। ऐसे में अभ्यर्थी कॉलेज व लविवि के बीच चक्कर लगा रहे हैं। जय नारायण पीजी कॉलेज से वर्ष 2007 में स्नातक पास रविशंकर शर्मा शुक्रवार को जब कॉलेज डिग्री लेने गए तो उन्हें लखनऊ विवि से अपनी डिग्री लेने को कहा गया। रविशंकर जब लविवि पहुंचे तो डिग्री विभाग ने उनकी डिग्री कॉलेज को चार साल पहले ही भेजे जाने की बात कही। इसी तरह नवयुग कन्या पीजी कॉलेज से वर्ष 2003 में बीए पास अपर्णा मिश्रा को भी उनके कॉलेज ने लविवि से डिग्री मिलने की बात कह टरका दिया। जबकि लविवि आकर पता चला कि उनकी डिग्री भी कई साल पहले उनके कॉलेज भेजी जा चुकी है। यह प्रकरण सिर्फ रविशंकर और अपर्णा का ही नही है। पिछले तीन दिनों में करीब दो दर्जन कॉलेजों के सैकड़ों पूर्व छात्र इस परेशानी का शिकार हैं। लविवि के डिग्री विभाग में कार्यरत जिम्मेंदारों का कहना है कि कॉलेजों द्वारा छात्रों की डिग्री अपने पास न होने की बात बिलकुल झूठी है। वर्ष 2010 तक के सभी छात्रों की डिग्रियां संबंधित कॉलेजों को भेजी जा चुकी हैं। सिर्फ इक्का दुक्का कॉलेज ही ऐसे हैं, जिन्हें वर्ष 2010 में छात्रों की डिग्रियां दी जानी हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि कई बार कॉलेजों द्वारा डिग्रियों का सही तरीके से रखरखाव न करने के चलते यह खराब या नष्ट हो जाती हैं। ऐसे में डिग्री देने की जिम्मेदारी से बचते हुए कॉलेज छात्रों को लविवि के चक्कर लगवाते हैं। वहीं कुछ अभ्यर्थियों का आरोप है कि कॉलेज के बाबू वसूली के चक्कर में डिग्री नहीं दे रहे हैं।
खुशखबरी : टीईटी आवेदकों को मिलेगा पुराने आवेदन का पैसा : 72825 Teachers Vacancy
Allahabad | Last updated on: December 15, 2012 5:30 AM IST
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए पिछले वर्ष आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। शासन ने सभी अभ्यर्थियों का आवेदन शुल्क लौटाने का आदेश जारी कर दिया है। यानी टीईटी पास जिन अभ्यर्थियों ने उस समय भर्ती के लिए जितने भी जिलों से आवेदन किया था, पूरा शुल्क उन्हें मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक महेंद्र सिंह ने शुल्क वापसी के लिए सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को पत्र लिख दिया है। रकम किस रूप में कैसे वापस होगी, यह जल्द ही घोषित किया जाएगा। बताया गया कि सभी जिलों में डायट में काउंटर लगाकर शुल्क वापस करने की तैयारी है। निदेशक के मुताबिक जल्द ही यह बताया दिया जाएगा कि अभ्यर्थियों को उनकी रकम कहां मिलेगी।
वर्ष 2011 में 270806 अभ्यर्थियों ने प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। भर्ती का विज्ञापन जारी होने पर सभी ने कई-कई जिलों से आवेदन किया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने बीस से 25 जिलों से आवेदन किया था जबकि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिन्होंने 70 जिलों से आवेदन किया था। बाद में विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद नए सिरे से विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन के लिए भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की नाराजगी थी कि पहले हुए आवेदन में खर्च रकम सरकारी खाते में चली गई। अभ्यर्थियों ने यह मामला शासन तक पहुंचाया था। विचार केबाद शासन ने पूर्व के आवेदन की पूरी रकम वापस करने का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि डेढ़ लाख से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनके पांच हजार या इससे अधिक रकम फंसी है। इसके अलावा फॉर्म भरने, जमा करने में अतिरिक्त खर्च हुआ सो अलग। अभ्यर्थियों ने तय किया था कि पुराने आवेदन की फीस वापस न हुई तो नए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद न्यायालय की शरण लेंगे लेकिन अब इस मामले में एससीईआरटी की पहल से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए पिछले वर्ष आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। शासन ने सभी अभ्यर्थियों का आवेदन शुल्क लौटाने का आदेश जारी कर दिया है। यानी टीईटी पास जिन अभ्यर्थियों ने उस समय भर्ती के लिए जितने भी जिलों से आवेदन किया था, पूरा शुल्क उन्हें मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक महेंद्र सिंह ने शुल्क वापसी के लिए सभी जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को पत्र लिख दिया है। रकम किस रूप में कैसे वापस होगी, यह जल्द ही घोषित किया जाएगा। बताया गया कि सभी जिलों में डायट में काउंटर लगाकर शुल्क वापस करने की तैयारी है। निदेशक के मुताबिक जल्द ही यह बताया दिया जाएगा कि अभ्यर्थियों को उनकी रकम कहां मिलेगी।
वर्ष 2011 में 270806 अभ्यर्थियों ने प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। भर्ती का विज्ञापन जारी होने पर सभी ने कई-कई जिलों से आवेदन किया था। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने बीस से 25 जिलों से आवेदन किया था जबकि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जिन्होंने 70 जिलों से आवेदन किया था। बाद में विवादों के कारण भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद नए सिरे से विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन के लिए भारी भरकम रकम खर्च करनी पड़ रही है। अभ्यर्थियों में इस बात की नाराजगी थी कि पहले हुए आवेदन में खर्च रकम सरकारी खाते में चली गई। अभ्यर्थियों ने यह मामला शासन तक पहुंचाया था। विचार केबाद शासन ने पूर्व के आवेदन की पूरी रकम वापस करने का आदेश जारी कर दिया।
अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि डेढ़ लाख से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनके पांच हजार या इससे अधिक रकम फंसी है। इसके अलावा फॉर्म भरने, जमा करने में अतिरिक्त खर्च हुआ सो अलग। अभ्यर्थियों ने तय किया था कि पुराने आवेदन की फीस वापस न हुई तो नए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद न्यायालय की शरण लेंगे लेकिन अब इस मामले में एससीईआरटी की पहल से अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
नहीं दुरुस्त हुए टीईटी 2011 के परिणाम
शिक्षकों की नियुक्ति में परीक्षाफल बना रोड़ा, जांच एजेंसी ने सील कर रखा है रिकार्ड
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बी. सिंह
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| इलाहाबाद। राज्य सरकार द्वारा परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर बीएड तथा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति है और अधिकारी भी इस मसले पर स्पष्ट तौर पर कहने से बच रहे हैं। वर्ष 2011 नवंबर में सम्पन्न हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लगभग तीन हजार अभ्यर्थियों का परीक्षाफल विभिन्न कारणों से अपूर्ण हैं। लगभग एक हजार से भी अधिक अभ्यर्थी यूपी बोर्ड का अपना परीक्षाफल दुरुस्त कराने को आवेदन भी दे चुके हैं किंतु अभी तक इन आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। दरअसल माशिप के पास वर्ष 2011 में सम्पन्न हुई टीईटी परीक्षा के कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। यही नहीं लगभग टीईटी से संबंधित लगभग 50 याचिकाएं हाईकोर्ट इलाहाबाद तथा खंडपीठ लखनऊ में लंबित हैं। उल्लेखनीय है कि टीईटी परीक्षा 2011 को सीधे शिक्षा निदेशालय के शिविर कार्यालय लखनऊ से ही तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन द्वारा सम्पन्न कराया गया था। परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माशिप को सौंपी गयी थी। किंतु तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक तथा परिषद सचिव के अलावा परिषद के किसी अधिकारी एवं कर्मचारी को परीक्षा संचालन या प्रश्नपत्रों के निर्माण एवं मुद्रण, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन एवं मेरिट बनाने आदि से पूरी तरह दूर रखा गया। यूपी टीईटी 2011 का परीक्षाफल प्रकाशित होते ही कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने लगीं। आरोप है कि तत्कालीन शिक्षा निदेशक तथा उनसे जुड़े कई लोग परीक्षा की तैयार हुई मेरिट को धन उगाही कर प्रभावित किया और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को लाभ भी पहुंचाया। इसी आरोप में तत्कालीन शिक्षा निदेशक संजय मोहन आज भी जेल में बंद हैं। कम्प्यूटर कंपनी के टीईटी परीक्षा संबंधित सारे रिकार्ड जांच एजेंसी ने सील कर रखा है। |
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