Saturday, 29 December 2012

टीईटी-2013 के लिए एससीईआरटी से मांगा संशोधित प्रस्ताव

लखनऊ (ब्यूरो)। राज्य सरकार इस बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। नवंबर 2011 में आयोजित टीईटी की गड़बड़ियों को देखते हुए इस बार सारी खामियां दूर कराने की मशक्कत चल रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी स्वयं इस पर नजर रखे हैं।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से पुन: संशोधित प्रस्ताव मांगा गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था हो कि फरवरी 2013 में टीईटी परीक्षा में कोई कमी न रहे। टीईटी की जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी को दी गई है। ऐसे अधिकारियों की तैनाती दी जाए जिससे गड़बड़ी की आशंका न रहे। एससीईआरटी से एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव देने को कहा गया है।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी कराई गई। इसमें गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार 2011 की परीक्षा में गड़बड़ी के डर से 2012 में टीईटी आयोजित नहीं कर सकी। एससीईआरटी से टीईटी कराने के लिए कई बार प्रस्ताव मांगे गए, हर बार संशोधन कराया गया। शासन स्तर पर हुई बैठक में फरवरी 2013 में टीईटी आयोजित कराने की तैयारी थी, लेकिन यह तय किया गया कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी में कुछ अच्छे अधिकारियों को तैनात करने के बाद ही टीईटी आयोजित कराई जाए।

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