Tuesday, 15 January 2013

बीटीसी प्रशिक्षुओं के प्रमाणपत्र जांचेगा लखनऊ विश्व विद्यालय

शासन के निर्देश के बाद डायट एवं शिक्षा विभाग से मंगाया प्रशिक्षुओं का ब्यौरा

लखनऊ (डीएनएन)। लविवि प्रशासन अब जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में प्रशिक्षण ले रहे बीटीसी प्रशिक्षुओं की सत्यता परखेगा। शासन ने डायट में पंजीकृत लविवि के बीएड पास छात्रों के प्रमाणपत्रों को जांचने के लिए लविवि को निर्देश दिए है। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने और बीटीसी में आवेदन करने वालों का फर्जीवाड़ा खुलने के बाद शासन काफी सक्रिय हो गया है। डायट और शिक्षा विभाग से ऐसे प्रशिक्षुओं की सूची मिलने पर लविवि प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तीन दिन में इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए है। लविवि प्रशासन ने 10 दिन पहले इंटर एवं हाईस्कूल के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर लविवि से स्नातक करने वाले चार छात्र छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एक शिकायत के बाद जांच में पता चला था कि यह लविवि से स्नातक करने वाले यह चारों छात्र छात्राएं बागपत डायट से बीटीसी का प्रशिक्षण ले रहे थे। फर्जीवाड़े के इस खुलासे के बाद लविवि की साख पर भी सवालिया निशान लगे और लविवि में फर्जी अंकतालिका और डिग्री देने वाले रैकेट की भी बात सामने आई थी। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वालों पर लगाम कसने के लिए लखनऊ उच्च न्यायालय ने अपने 15 नवंबर 2011 और 15 मई 2012 के अपने फैसले में शिक्षकों, बीटीसी प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांचने को कहा था। जिसके अनुपालन में राज्य सरकार ने 20 दिसंबर 2012 को जारी अपने निर्देश में लविवि को डायट एवं शिक्षा विभाग में पंजीकृत शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं का सत्यापन कराने की बात कही। मंगलवार को लविवि रजिस्ट्रार की तरफ से परीक्षा नियंत्रक प्रो अकील अहमद को एक पत्र जारी कर तीन दिन में लविवि से पास बीएड छात्र छात्राओं के प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए है।

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