Wednesday, 23 January 2013

72825 Trainee Teacher Recruitment

29 जनवरी से शुरू होगी काउंसिलिंग, दिए दिशा-निर्देश

काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम अलग से घोषित होगाअभी परिषद ने केवल र्शेष्ठता सूची जारी की। काउंसिलिंग के लिए किस आधार पर कौन से अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे? इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग को परिषद के आदेशों का इंतजार है। काउंसिलिंग 29 जनवरी से होनी है। ऐसे में बुधवार या गुरुवार तक स्पष्ट आदेश मिल जाएंगे। इसके बाद उसी आधार पर अभ्यर्थियों को निर्धारित जिलों में पहुंचना होगा। परिषद की ओर से जल्दी ही विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा।

-डॉ. अशोक कुमार सिंह, एडी बेसिक

मेरिट में गड़बड़ी, सांसत में अभ्यर्थी

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : विवादों और आशंकाओं के बीच मंगलवार को प्रदेश के प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई। मेरिट सूची देखकर तमाम अभ्यर्थी मायूस हुए। अभ्यर्थियों ने पात्रता शर्ता के निर्धारण के बगैर वरिष्ठता सूची जारी किए जाने का विरोध किया है। वहीं हजारों अभ्यर्थियों ने मेरिट सूची में गड़बडि़यां गिनाई है। वेबसाइट पर गड़बड़ी को सही कराने के लिए कोई व्यवस्था न होने के चलते अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय पहुंच रहे हैं। तमाम अभ्यर्थियों ने एक साथ कई जिलों में आवेदन किए हैं। मेरिट ऊंची होने के चलते अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि कम गुणांक वालों की मेरिट आगे और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट पीछे दर्शायी जा रही है। अभ्यर्थी शंकर सहाय सिंह ने बताया कि उनका गुणांक 60.46 है और बदायूं जिले में उनकी ओबीसी मेरिट 81965 है जबकि 58.75 गुणांक वाले एक अन्य अभ्यर्थी की बदायूं जिले में ओबीसी मेरिट 39668 है। इसी तरह उमेश सिंह ने भी गुणांक बेहतर होने के बाद भी मेरिट में पीछे किए जाने का आरोप लगाया है।

रैंकिंग में गड़बड़झाला, आवेदक परेशान

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए मंगलवार को अभ्यर्थियों के प्राप्तांक के अनुरूप रैंक जारी कर दी गई। टीईटी पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए इस बार पहले चरण में मेरिट नहीं बल्कि रैंकिंग जारी की गई है, जिसे लेकर प्रदेश के सभी जिलों में अभ्यर्थियों में भारी भ्रम है। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजी जाएगी।

हालांकि एक ही आवेदक की रैंकिंग में अलग-अलग जिले में भारी अंतर होने के कारण सभी में भारी भ्रम है। उदाहरण के लिए अशोक कुमार यादव ने प्रदेश के 50 जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए फार्म भरे। सोनभद्र में 1600 पद हैं और उनकी सामान्य रैंकिंग 52 और आरक्षित वर्ग में 23 आई है। इसी तरह श्रावस्ती में 1200 पद हैं। इस जिलें में सामान्य वर्ग में उनकी रैंकिंग 50 और आरक्षित वर्ग में 21 आई है। गुणांक के आधार पर इतनी कम मेरिट नहीं आ सकती है। इसलिए मेरिट निर्धारण में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है।

परिषद की ओर से जारी सूची में ज्यादातर जिलों में 68 से 70 फीसदी वालों की रैंकिंग 20 हजार से ऊपर है। कई जिलों में 68 फीसदी प्राप्तांक वालों का रैंक 45 हजार से अधिक है। अभ्यर्थी यह सोचकर परेशान हैं कि जिस जिले में सात सौ या एक हजार पद हैं, वहां 70 फीसदी वालों का रैंक बीस हजार से ऊपर हैं तो चयन किस आधार पर होगा। विभाग की तरफ से स्थिति पूरी तरह साफ न होने से अभ्यर्थी ज्यादा परेशान हैं। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजने की तैयारी है।

काउंसिलिंग 29 जनवरी से

काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में 29 जनवरी को रिपोर्ट करना होगा। मेरिट के टॉप पायदान वालों को पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा। एक जिले की काउंसलिंग में शामिल होने के बाद उसका मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिया जाएगा और अन्य जिलों में उसके द्वारा किए गए आवेदन को मेरिट से हटा दिया जाएगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम तीन चरणों की काउंसलिंग की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए इस बार रिकार्ड तोड़ 69 लाख आवेदन आए हैं। इसलिए मेरिट भी काफी अधिक गई है। मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर यानी हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड 30 प्रतिशत के आधार पर किया गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को काउंसलिंग में वरीयता दी जाएगी। अंक और आयु दोनों समान होने पर अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम के आधार मानते हुए मौका दिया जाएगा।

सीतापुर की रैंक सबसे अधिक

शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आवेदन उन जिलों में किए जहां पर पदों की संख्या अधिक थी। परिषद की ओर से जारी विज्ञापन में सीतापुर जिले में सबसे अधिक पद थे, इस जिले की रैंक भी सबसे अधिक है। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी जिसका हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड का औसत अंक 61.3 है, इसकी सीतापुर में रैंक 83 हजार से अधिक है। इसी अभ्यर्थी की सबसे कम रैंक वाराणसी जिले में 8287 है। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपना रैंक नहीं निकाला है, उन्हें इससे अपनी स्थिति समझने में आसानी होगी।

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