एकल जज के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील खारिज
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने एकल जज के निर्णय को चुनौती देने वाली विशेष अपील को खारिज करते हुए कहा है कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु टीईटी अनिवार्य है। पूर्व में हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ ने भी यही आदेश देते हुए अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दी थी। प्रभाकर सिंह और कई अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपील पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में एकल न्यायपीठ के एक नवंबर 2011 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 का अधिसूचना जारी की गई है कि प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए इसकी अर्हता के बिना अब कोई सहायक अध्यापक नहीं बन सकेगा। याचियों का कहना था कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। स्पेशल बीटीसी 2004 के अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके बैच की चयन प्रक्रिया टीईटी की अधिसूचना जारी होने से पूर्व प्रारंभ हो चुकी है इसलिए उनके लिए इसे अनिवार्य न किया जाए।
इसी प्रकार से अन्य अभ्यर्थियों की अपनी दलीलें थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए एकल न्यायपीठ के आदेश को बहाल रखा है।
• अमर उजाला ब्यूरो

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