इलाहाबाद। प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति के लिए बीटीसी पास 9 हजार अभ्यर्थियों को सरकार के फैसले का इंतजार है। टीईटी पास बीटीसी 2010 बैच के अभ्यर्थियों ने सरकार की ओर से उनको लेकर बरती जा रही उदासीनता पर चिंता व्यक्त की है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि 2012 में बीएड पास करने वाले अभ्यर्थियों को तो शिक्षक भर्ती में शामिल कर लिया गया परंतु टीईटी पास बीटीसी प्रशिक्षितों को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रहीहै। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक की नियुक्ति की न्यूनतम आर्हता स्नातक, बीटीसी और टीईटी पास रखी गई है। सरकारकी ओर से बीटीसी 2010 का प्रशिक्षण 30 जून 2012 तक पूरा करने को कहा गया था परंतु बीटीसी का परिणाम समय से घोषित नहीं होने से बीटीसी प्रशिक्षु दिसंबर में जारी विज्ञापन में आवेदन नहीं कर सके। इस कारणसे वह आवेदन से वंचित रह गए। इस समय प्रदेश भर में 9901 बीटीसी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार है। इन अभ्यर्थियों का तर्क है कि कोर्ट ने भी नियुक्ति में बीटीसी अभ्यर्थियों को वरीयता देने की बात कही है। बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को ज्ञापन देकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उर्दू बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने भी सचिव को ज्ञापन सौंपा।

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