Monday, 28 January 2013

72825 प्रशिक्षु अध्यापक भर्ती : इस आवेदन से उठे सवाल

- ऑनलाइन प्रक्रिया में एक बड़ा झोल उजागर।

- सॉफ्टवेयर की खामी से लाभ उठाने का प्रयास

- एक रोल नंबर-नाम के अधिक रजिस्ट्रेशन कैसे?

- क्या नकली प्रमाणपत्रों से नौकरी का प्रयास।

- मामले में किसी गिरोह के शामिल होने की बढ़ी आशंका।


जागरण संवाददाता, सहारनपुर : आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि 75 जिलों में एक अभ्यर्थी ने 146 आवेदन पत्र भेजे हैं। थोक में आवेदन के पीछे कोई चाल है या वह आवेदन की प्रक्रिया से अंजान था। इसके अलावा तीन जिलों में एक अभ्यर्थी की एक समान रैकिंग आना भी 'गोलमाल' की ओर संकेत कर रहा है। मामले में बड़े गिरोह की आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्रदेश में प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती का मायाजाल इन दिनों लाखों अभ्यर्थियों की नींद हराम किए हुए है। टीईटी के आधार पर होने वाली भर्ती में प्रदेशभर में 69 लाख से अधिक आवेदन पत्र जमा हुए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित रैकिंग में कई चौंकाने वाले मामले उजागर हुए हैं। बताते चलें कि एक अभ्यर्थी अधिकतम 75 जिलों में आवेदन के लिए पात्र था। आपको यह जानकर हैरत होगी कि एक अभ्यर्थी ने 146 आवेदन किए हैं यानि अधिकतर जिलों में एक से अधिक आवेदन पत्र भेजे गए हैं। हद तो यह है कि अभ्यर्थी की रैकिंग अलग-अलग कई बार शो कर रही है। इस अभ्यर्थी का टीईटी रोल नंबर 17014784 तथा जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1989 है।
इसके अलावा एक अन्य अभ्यर्थी ने 10 जिलों में आवेदन पत्र जमा किए थे। इसकी रैकिंग तीन जिलों रामपुर, सीतापुर व हरदोई में एक समान यानी 12316 आई है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले के पीछे किसी बड़े गिरोह के होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। बताते हैं कि ऐसे हजारों-लाखों अभ्यर्थी हो सकते हैं। अब चार फरवरी से होने वाली काउंसलिंग के दौरान ही ऐसे और मामलों का खुलासा हो सकेगा।
चयन प्रक्रिया में आवेदन करने वाले आशीष जैन, अरुण कुमार, सुदीप पांचाल, धर्मेद्र कुमार व दीपक शर्मा आदि का कहना है कि 146 आवेदन किया जाना ऑनलाइन प्रक्रिया में बड़ा झोल है। बेसिक शिक्षा परिषद को इस बारे में स्थिति साफ करनी चाहिए।

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