Thursday, 31 January 2013

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती : ऑन लाइन भर्ती प्रक्रिया की खुली कलई

उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग की कट आफ घोषित होते ही ऑन लाइन भर्ती प्रक्रिया की कलई खुल गयी है.कट आफ के बाद जारी की गयी पूरी मेरिट की गड़बड़ियों को देखते हुए अब कई जिलों ने कट आफ लिस्ट को ही वेबसाइट से हटा लिया है, सिर्फ कट आफ प्रतिशत को ही विज्ञप्ति के रूप में जारी कर रहे हैं.

ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी कट आफ की स्थिति जानने के लिए आवेदित जिलों की परिक्रमा करनी होगी. अभ्यर्थियों ने गड़बड़ियों को लेकर पहले ही सवाल खड़े किये थे, लेकिन खामियों की यही स्थिति रही तो प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती पूरी करना किसी यक्ष प्रश्न से कम न होगा. अब बेसिक शिक्षा परिषद के अफसर इन गलतियों के लिए जिलों पर जिम्मा थोप रहे हैं. काउंसलिंग के लिए सबसे पहले कट आफ मेरिट घोषित करने में बाजी मारने वाले कुशीनगर की लिस्ट पर नजर दौड़ते ही खामियों की भरमार मिल जा रही है. सामान्य अभ्यर्थियों की सूची में पहला स्थान बनाने वाले अन्य पिछड़े वर्ग के ममतेश ने तो कमाल ही कर दिया. स्नातक में दस अंकों का पूर्णाक दिखाने वाले ममतेश को 73 अंक मिले हैं, कुछ आवेदक तो इसके आगे भी निकल गये हैं. सामान्य वर्ग के चन्द्रभान की मेरिट 100 फीसद है, तो ओबीसी के ममतेश की 2971.28 है.

100 अंकों के योग तक पहुंचने वाले चार और आवेदक हैं जो हाईस्कूल से लेकर बीएड तक में 100 फीसद अंक लाये हैं, यानि हाईस्कूल में 500 में 500, इंटरमीडिएट में 600 में 600, स्नातक में किसी का पूर्णाक 900 का है तो किसी का 2200 का. मेरिट में 14वें स्थान पर रहे प्रदीप कुमार पाण्डेय के भी स्नातक में 1350 में 1350 अंक मिले हैं, तो बीएड में पूरे अंक लेकर मेरिट कट आफ में 87.51 फीसद पर हैं. 15वें स्थान पर आने वाले धम्रेन्द्र सिंह स्नातक में 1200 में 1200 व बीएड में 1000 में 1000 अंक लाने वाले मेधावी प्रशिक्षु भर्ती की कतार में हैं.

अब सवाल एक और भी है कि यह गलती ऑन लाइन आवेदन में अभ्यर्थियों ने की तो उनके आवेदन पत्रों को खारिज क्यों नहीं किया गया. गलती कम्प्यूटर की प्रक्रिया में हुई तो फिर इसको जारी करने से पहले जांचा क्यों नहीं गया और अगर आवेदन पत्रों को खारिज कर दिया गया था तो उन्हें मेरिट कट आफ में स्थान क्यों दिया गया. इन गलत अभ्यर्थियों को बाहर रखा गया होता तो कम मेरिट वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग में आने के लिए जगह पा सकते थे. कुशीनगर की कट आफ मेरिट में इन खामियों को उजागर होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गयी है.
इन खामियों की आहट दूसरे जिलों तक में हुई है. लखनऊ मण्डल के ही कई जिलों ने कट आफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन आवेदकों का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है, उसे वेबसाइट पर डालने के बाद कुछ जिलों ने हटा लिया है. गलतियों का पुलिंदा बनी कट आफ मेरिट कहीं मेधावियों के भविष्य से खिलवाड़ न साबित हो जाए. सूत्रों का कहना है कि कुशीनगर की कट आफ मेरिट में पहला स्थान बनाने वाले ममतेश को इसी रिकार्ड से 30 से ज्यादा जिलों में पहला स्थान मिला है जबकि सीतापुर से लेकर सभी जिलों में उनके ब्योरा में स्नातक में पूर्णाक दस व प्राप्तांक 743 दिखाया गया है.
इन गलतियों के उजागर होने के बाद तो चयन प्रक्रिया की मॉनीटरिंग करने वाले बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा गलतियों का जिम्मा जिलों पर डाल रहे हैं. गलती जिले की है तो भी उसको दूर करने की जिम्मेदारी से परिषद के अफसर कैसे बच सकते हैं. उल्लेखनीय है कि सूबे में आरटीई लागू होने के बाद टीईटी अनिवार्य कर दी गयी है. प्रदेश सरकार को शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए एक-दो मौके मिले हैं, लेकिन लगता नहीं है कि चयन प्रक्रिया समय से पूरी हो सकेगी

News Source : samaylive.com (31.1.13)

Wednesday, 30 January 2013

शिक्षामित्रों के लिए टीईटी अनिवार्य


72825 शिक्षक भर्ती


72825 शिक्षक भर्ती : सहायक अध्यापक भर्ती मे टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी नहीं मिलने पर होगा बीएड डिग्री वालों पर विचार


72825 शिक्षक भर्ती : आगरा में प्रशिक्षु शिक्षक बनेंगे क्लिंटन और ओबामा !

जागरण संवाददाता, आगरा: प्रदेश सरकार द्वारा खोली गई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए बिल क्लिंटन और बराक ओबामा ने भी आवेदन किए हैं। विश्वास नहीं होता तो जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जारी की गई प्रशिक्षु शिक्षकों की सूची देख लें। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा काउंसलिंग को जारी की गई सूची में इसका खुलासा हुआ है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्रदेश में 72825 शिक्षकों की भर्ती होनी है। जिनमें से आगरा में 200 शिक्षकों के पदों पर भर्ती होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने मंगलवार को आवेदकों की सूची विभाग को भेजी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सामान्य वर्ग की सूची में मेरिट ऊंची करने को कुछ छात्रों ने बिल क्लिंटन और बराक ओबामा जैसे डमी नामों से आवेदन कर दिया। सामान्य वर्ग के आवेदकों में शामिल अजीबोगरीब नामों ने विभाग की भी दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। विभागको मेरिट में होने के कारण सभीआवेदकों को काउंसिलिंग में बुलाना है। ऐसे में इन अजीबोगरीब नामों वाले आवेदकों से मिलने को विभागीय लोग भी बेताब हैं।  प्रशिक्षु शिक्षकों के 200 रिक्तियों के लिए जिले में 37645 आवेदन आए थे। इसमें सभी वर्ग के आवेदक शामिल हैं। गलत नामों पर ली जाएंगी आपत्ति गलत नामों पर आपत्तियों के निस्तारण के लिए विभाग द्वारा शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया गया है। काउंसिलिंग में भाग लेने पर उनकी आपत्ति दर्ज की जाएगी। उसके बाद चयन समिति उसका निस्तारण करेगी।

शिक्षक भर्ती में ‘गड़बड़झाला’ : अन्य प्रदेशों के युवा भी कर रहे आवेदन

सपा नेता ने सीएम से की शिकायत

मथुरा। वर्तमान में प्रदेश में 72,825 पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों के लिये लगभग 69 लाख आवेदन हुए हैं। सपा के वरिष्ष्ठ नेता तुलसी राम शर्मा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि उक्त नियुक्ति के लिए आवेदक का प्रदेश का मूल निवासी होने की शर्त भी शामिल है लेकिन अन्य प्रदेशों के युवक भी जुगाड़ से इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
इन पदों के लिए बड़ी संख्या में हरियाणा और राजस्थान के युवाओं ने भी आवेदन कर दिया है। इस बीच मूल निवास प्रमाणपत्र का जुगाड़ किया गया। पत्र में अवगत कराया गया है कि नियुक्ति में इस बात की अनदेखी प्रदेश के युवाओं में रोष पैदा कर देगी। ऐसे में नौकरी देते समय उन्हीं युवाओं को तरजीह दी जाए जिनकी शिक्षा मैट्रिक से लेकर स्नातक तक प्रदेश में ही हुई हो

Tuesday, 29 January 2013

शिक्षा निदेशालय पहुंचे प्रशिक्षु शिक्षक अभ्यर्थी

इलाहाबाद : प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बीएड 2012 बैच के अभ्यर्थियों को बाहर करने को लेकर तमाम अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय पहुंचे। अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बीएड 2012 बैच के अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर किए जाने की मांग की गई है। वहीं अभ्यर्थियों के एक अन्य समूह ने हाईकोर्ट के निर्णय के आधार पर बीएड 2012 बैच के अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आजाद पार्क में बैठक की। बैठक में अजय यादव, संदीप चौरसिया, मनमोहन मिश्र, मुलायम यादव, सत्यम सिंह, दिलीप यादव, जगमोहन सिंह, रविप्रकाश सिंह, आदि मौजूद रहे। विवादित बैच के अभ्यर्थियों को बाहर करने की मांग करने वाले मोर्चे के सदस्यों ने मंगलवार को आजाद पार्क में बैठक कर 31 जनवरी को लखनऊ जाने का निर्णय लिया। इस मौके पर संजय पांडेय, पवन मिश्र, नीरज मिश्र, शिवाकांत द्विवेदी, दीपक सिंह, हरेंद्र यादव, सुभाष चौधरी आदि मौजूद रहे।

बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी प्रवीणताधारी और टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को चार दिनों में मिलेगा नियुक्ति पत्र

बेसिक शिक्षा सचिव कार्यालय पहुंचे सैकड़ों बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी प्रवीणताधारी और टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मांगा। सचिव परिषद संजय सिन्हा ने तीन दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि आठ अक्टूबर 2012 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार चुने गए तीन हजार अभ्यर्थियों को चुना गया था। इस संदर्भ में हाईकोर्ट के निर्देशानुसार 31 दिसंबर तक तैनाती करनी थी। नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी सचिव के आश्वासन पर वापस लौट गए।

निजी बीटीसी कॉलेज खोलने के लिए मारामारी


मार्च 2015 से पहले पास करें TET


72825 शिक्षक भर्ती को कटऑफ जारी

4 से 9 फरवरी तक होगी काउंसलिंग
12 फरवरी को चयनितों को आवंटित होंगे पद
 अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। प्रशिक्षु शिक्षक बनने के लिए आवेदन करने वालों का इंतजार खत्म हो गया है। तमाम झंझावतों के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षक चयन की कटऑफ जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कटऑफ जारी करने में बाजी कुशीनगर ने मारी है। कटऑफ में आने वालों की काउंसलिंग 4 से 9 फरवरी के बीच होगी। सामान्य और आरक्षित वर्ग के लिए जितने पद होंगे उतने अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा और विशेष आरक्षित वर्ग निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिक कोटे के पदों को भरने के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2012 को शासनादेश जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन मांगा था। टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को सभी जिलों में आवेदन की छूट होने की वजह से 69 लाख आवेदन आए। बेसिक शिक्षा परिषद ने पहले 29 जनवरी से काउंसलिंग की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन आवेदनों की संख्या अधिक होने के चलते कटऑफ जारी न हो पाने की वजह से काउंसलिंग 4 फरवरी से कर दी गई। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने सभी जिलों को कटऑफ जारी करने का निर्देश भेज दिया है। जिलों में आए हुए आवेदन के आधार पर प्रतिशत निकाला गया है। इसके आधार पर अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। पहले चरण में सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद विशेष आरक्षित वर्ग के लिए। इसमें निशक्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।
काउंसलिंग में शामिल होने वालों का चयन न होने पर उनका प्रमाण पत्र 11 फरवरी को वापस कर दिया जाएगा और 12 फरवरी को पदों का आवंटन किया जाएगा। काउंसलिंग में शामिल होने मात्र से अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्त के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। काउंसलिंग में शामिल न होने वाले को दुबारा मौका नहीं दिया जाएगा।

एसएलपी दाखिल करने की तैयारी

राज्य सरकार आयुसीमा के कारण शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके अभ्यर्थियों को 31 जनवरी तक आवेदन का मौका दिए जाने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शीघ्र ही विशेष अनुज्ञा याचिका दाखिल करेगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग ने न्याय विभाग से सहमति प्राप्त कर ली है।


Monday, 28 January 2013

72825 प्रशिक्षु अध्यापक भर्ती : सरकार ने बीएड बेरोजगारों को दिखाया ठेंगा

निज प्रतिनिधि, एटा: राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बीएड बेरोजगारों को ठेंगा दिखा दिया है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी भर्ती प्रक्रिया में शासन द्वारा न तो संशोधन किया गया और न ही बीएड बेरोजगारों को समायोजित किए जाने की किसी कार्य योजना पर अमल ही किया जा सका। हाईकोर्ट के आदेश को ठुकराए जाने से बीएड बेरोजगारों में जबरदस्त रोष व्याप्त है।

बेसिक शिक्षा विभाग में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिसमें बीएड के साथ टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी पात्रता की श्रेणी में रखे गए हैं, लेकिन अभी हाल में ही प्रभाकर सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका संख्या 2366 के साथ याचीगणों की 58 याचिकाओं का निस्तारण करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की डबल बैंच के विद्वान न्यायाधीश अशोक भूषण व अभिनव उपाध्याय ने जो निर्णय दिया है। उसमें भारत के राजपत्र गजट ऑफ इंडिया की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना में अनिवार्य एवं नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार के अधिनियम के पैरा तीन में उन सभी स्नातकों जो 50 प्रतिशत अंक के साथ बीएड उत्तीर्ण हैं। उन्हें प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का पात्र माना है। इसके लिए न्यायालय ने राज्य सरकार को 15 दिन में व्यवस्था लागू करने का भी समय दिया था। ताकि पात्र बीएड अभ्यर्थी इसका लाभ ले सकें।

बीएड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा है कि नवंबर 2011 में टीईटी परीक्षा में जो अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सके। उसकी वजह 2012 में टीईटी परीक्षा न होना रहा। ऐसे में इन अभ्यर्थियों का कोई दोष नहीं माना जा सकता। 2011 की टैट परीक्षा में जो अभ्यर्थी फेल हुए उन्हें दुबारा मौका मिलना चाहिए। मगर राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करना तो दूर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में संशोधन करना भी मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने कहा कि शासन की प्रक्रिया के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में बीएड बेरोजगार स्पेशल अपील दाखिल कर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर स्थगन आदेश लाने को विवश हो गए हैं।

रोष व्यक्त करने वालों में बीएड बेरोजगार संघ के हरिओम प्रजापति, राजेश यादव, विनय कुमार, ललिता कुमारी, सीमा यादव, पुष्पा देवी, दिनेशचन्द्र, मोहरपाल, अशोक कुमार, राजवीर सिंह सहित अनेक बीएड बेरोजगार शामिल हैं।

72825 प्रशिक्षु अध्यापक भर्ती : इस आवेदन से उठे सवाल

- ऑनलाइन प्रक्रिया में एक बड़ा झोल उजागर।

- सॉफ्टवेयर की खामी से लाभ उठाने का प्रयास

- एक रोल नंबर-नाम के अधिक रजिस्ट्रेशन कैसे?

- क्या नकली प्रमाणपत्रों से नौकरी का प्रयास।

- मामले में किसी गिरोह के शामिल होने की बढ़ी आशंका।


जागरण संवाददाता, सहारनपुर : आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि 75 जिलों में एक अभ्यर्थी ने 146 आवेदन पत्र भेजे हैं। थोक में आवेदन के पीछे कोई चाल है या वह आवेदन की प्रक्रिया से अंजान था। इसके अलावा तीन जिलों में एक अभ्यर्थी की एक समान रैकिंग आना भी 'गोलमाल' की ओर संकेत कर रहा है। मामले में बड़े गिरोह की आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्रदेश में प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती का मायाजाल इन दिनों लाखों अभ्यर्थियों की नींद हराम किए हुए है। टीईटी के आधार पर होने वाली भर्ती में प्रदेशभर में 69 लाख से अधिक आवेदन पत्र जमा हुए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित रैकिंग में कई चौंकाने वाले मामले उजागर हुए हैं। बताते चलें कि एक अभ्यर्थी अधिकतम 75 जिलों में आवेदन के लिए पात्र था। आपको यह जानकर हैरत होगी कि एक अभ्यर्थी ने 146 आवेदन किए हैं यानि अधिकतर जिलों में एक से अधिक आवेदन पत्र भेजे गए हैं। हद तो यह है कि अभ्यर्थी की रैकिंग अलग-अलग कई बार शो कर रही है। इस अभ्यर्थी का टीईटी रोल नंबर 17014784 तथा जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1989 है।
इसके अलावा एक अन्य अभ्यर्थी ने 10 जिलों में आवेदन पत्र जमा किए थे। इसकी रैकिंग तीन जिलों रामपुर, सीतापुर व हरदोई में एक समान यानी 12316 आई है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले के पीछे किसी बड़े गिरोह के होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। बताते हैं कि ऐसे हजारों-लाखों अभ्यर्थी हो सकते हैं। अब चार फरवरी से होने वाली काउंसलिंग के दौरान ही ऐसे और मामलों का खुलासा हो सकेगा।
चयन प्रक्रिया में आवेदन करने वाले आशीष जैन, अरुण कुमार, सुदीप पांचाल, धर्मेद्र कुमार व दीपक शर्मा आदि का कहना है कि 146 आवेदन किया जाना ऑनलाइन प्रक्रिया में बड़ा झोल है। बेसिक शिक्षा परिषद को इस बारे में स्थिति साफ करनी चाहिए।

72825 प्रशिक्षु अध्यापक भर्ती : 31 जनवरी तक आवेदन कर सकेंगे ओवर एज अभ्यर्थी

इलाहाबाद। प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों का आवेदन 31 जनवरी तक स्वीकार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि विभाग की वेबसाइट खोल दी जाए ताकि पात्र लोग आवेदन कर सकें। इस आदेश का लाभ ऐसे अभ्यर्थियों को मिलेगा जिन्होंने 30 नवंबर 2011 के विज्ञापन हेतु भी आवेदन किया था और इस बार आयु अधिक या कम हो जाने के कारण आवेदन करने से वंचित हो गए थे। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने आशीष कुमार मिश्र और अन्य की संशोधन अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने 16 जनवरी 2013 को आदेश दिया था कि आयु सीमा के मामले में पिछली बार आवेदन करने वालों को छूट दी जाए तथा 24 जनवरी तक उनका आवेदन स्वीकार किया जाए। इस आदेश का पालन नहीं हो सका क्योंकि बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट बंद कर दी गई थी। पात्र अभ्यर्थी आवेदन जमा नहीं कर सके। इसके खिलाफ न्यायालय में संशोधन अर्जी दी गई। अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ और वेबसाइट क्यों बंद रखी गई।


72825 शिक्षक भर्ती : जिला बागपत में फार्मो की जाँच के बाद 71 फार्म निरस्त


बीटीसी-2004 : शासन ऑनलाइन जारी करेगा नियुक्ति पत्र

GOOD NEWS FOR BTC 2004

काउंसिलिंग हुई, पर नहीं मिला स्कूल

बरेली : बीटीसी करके नियुक्ति की काउंसिलिंग हो गई, लेकिन शासन से जारी होने वाली खबरों को लेकर अभ्यर्थियों में नौकरी न मिल पाने की घबराहट है। इसी कशमकश में दर्जनों अभ्यर्थी सोमवार को बीएसए से मिले और नियुक्ति पत्र न मिल पाने की वजह जानने की कोशिश की। बीएसए ने तीन दिन में ऑनलाइन नियुक्ति पत्र जारी होने की उम्मीद जताई।
काउंसिलिंग के बाद कई दिन बीत जाने पर भी नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल जाने की उम्मीद में दर्जनों अभ्यर्थी सोमवार को बीएसए दफ्तर पहुंचे। बीएसए के पहुंचते ही सबने जानकारी लेने को घेराव कर दिया। बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी उनके बैच की कोई जानकारी न होने से वे परेशान थे। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर की प्रक्रिया में समस्या नहीं है। शासन इस बार नियुक्ति पत्र भी ऑनलाइन ही जारी करेगा। नियुक्ति पत्र में तकनीकी खामी ठीक की जा रही है। उम्मीद है कि तीन दिन में नियुक्ति पत्र जारी हो जाएंगे। बता दें, बीटीसी से भर्ती को जिले में 160 रिक्तियों के लिए कुछ दिनों पहले काउंसिलिंग में 114 लोग पहुंचे। शासन ने सभी जिलों के लिए17 जनवरी को काउंसिलिंग का अंतिम अवसर दिया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। जल्द बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन का इंतजार खत्म होने के आसार हैं। बेसिक शिक्षा सचिव ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रमोशन न होने से जिले के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल में 800 पद खाली पड़े हैं।

Updated on: Mon, 28 Jan 2013 07:08 PM (IST)

72825 शिक्षक भर्ती

सामान्य में एक सीट पर बुलाया जाएगा एक आवेदक

हरदोई। टीचर भर्ती को लेकर काउंसिलिंग के बाबत प्रदेश भर के शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब सामान्य वर्ग की एक सीट पर सिर्फ एक ही आवेदक बुलाने को निर्देशित किया गया, जबकि आरक्षित में एक सीट पर तीन अभ्यर्थियों को बुलाने की रणनीति बनाई गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुनील कुमार द्वारा बीएसए को भेजे निर्देशों में बताया गया कि काउंसिलिंग को लेकर पिछले काफी दिनों से चल रही ऊहापोह पर अब विराम लग गया है। अब स्पष्ट हो गया कि काउंसिलिंग में कितने लोगों को बुलाया जा सकता है। प्रथम काउंसिलिंग के लिए सामान्य वर्ग में एक पद पर सिर्फ एक ही आवेदक को मेरिट के नियमानुसार बुलाने के निर्देश दिए गए हैं, तो आरक्षित में एक सीट पर तीन गुने अभ्यर्थियों को बुलाने की योजना बनाकर काउंसिलिंग शुरू करने को बीएसए को निर्देशित कर दिया गया है।
सामान्य में काउंसिलिंग के प्रथम दौर में नियमों की माने तो सिर्फ 1600 रैंक के आसपास वालों को ही मौका लग सकता है। शेष को इंतजार करना पड़ सकता है। नियमों में जिले में सामान्य श्रेणी की 1600 सीटें हैं, जिन पर इतने ही आवेदक बुलाए जा सकते हैं। इनके न आने पर बाद में मेरिट गिरेगी। इसी तरह शेष आरक्षित की 1600 सीटों के सापेक्ष 4800 लोगों को बुलाया जाएगा, इसलिए इससे अनुमान स्वयं लगाया जा सकता कि ज्यादा रैंक वालों को सिवाय इंतजार के अभी कुछ और नहीं करना है।

अब प्रथम काउंसिलिंग के बाद दिखेगी असली तस्वीर

विषय विषेशज्ञ व जानकार अर्चना तिवारी व प्रियंका का कहना है कि प्रथम काउंसिलिंग के बाद ही असली तसवीर सामने आएगी। प्रथम काउंसिलिंग में सामान्य में 1600 अभ्यर्थियों को ही बुलाने की बात कही जा रही है, पर ऊंची रैंक पाकर यही आवेदक लगभग हर जनपद की वरीयता सूची में शामिल हैं, इसलिए यह एक ही जिले में तो काउंसिलिंग में शामिल हो पाएंगे, इसलिए इसके बाद मेरिट गिरकर जो सामने आएगी, उसी के बाद असली अंदाजा लगाया जा सकता है।

कागज फर्जी मिले तो रिपोर्ट होगी दर्ज

काउंसिलिंग के दौरान यदि अभ्यर्थी के कागज फर्जी मिले, तो उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट तो दर्ज होगी ही, विधिक कार्रवाई भी होगी। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव संजय सिन्हा द्वारा बीएसए को दिए निर्देशों में स्पष्ट किया गया कि टीचर भर्ती में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवेदकों की भी उन गलतियों को कतई माफ न किया जाए, जो आपराधिक श्रेणी में आ जाएं। निर्देशों में बताया गया कि यदि किसी आवेदक के प्रमाण पत्र फर्जी मिले, तो उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ विधिक कार्रवाई भी तय की जाए। बीएसए को कार्यक्रम को सुनियोजित तरीके से निपटाने को एनआईसी से भी पूरा सहयोग लेने की बात कही गई है।

काउंसिलिंग पर दिख सकती है पुलिस भी

काउंसिलिंग स्थल पर यदि आप काउंसिलिंग कराने जाएं और वहां भारी संख्या में पुलिस दिखाई पड़े तो आश्चर्य न करिएगा। काउंसिलिंग स्थल पर पुलिस की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी। निर्देशों में जिलों के सक्षम अफसरों को आगाह किया गया कि समय रहते बीएसए जिलो के डीएम से वार्ता करने के बाद पुलिस बल को भी तैयार कर लें और काउंसिलिंग के दौरान पुलिस बल अवश्य तैनात रखवाएं।

समिति की देखरेख में चयनित होंगे प्रशिक्षु टीचर

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जिले को भेजी गई गाइड लाइन में अन्य निर्देशों के साथ ही चयन समिति के पदाधिकारी कौन-कौन हागे, इसको लेकर भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समिति में डायट की प्राचार्या अध्यक्ष, बीएसए सचिव एवं राजकीय महाविद्यालय की प्रधानाचार्या को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा डीएम द्वारा नामित एक विषय विशेषज्ञ भी सदस्य के रूप में मौजूद रहेगा।

प्रत्यावेदन को बनेगा शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ

जिले में जल्द ही एक शिकायत निस्तारण प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। सचिव द्वारा बीएसए को भेजे निर्देशों में बताया गया कि टीचर भर्ती को लेकर सभी कार्रवाई जनपदीय समिति की देख रेख में संपन्न कराई जानी है। पत्र में यह भी कहा गया कि चूंकि आवेदन ऑनलाइन लिए गए थे, तो आवेदनों को भलीभांति समझने के बाद भरना चाहिए था। यदि नहीं भरा है और गलतियां की है तो अपनी बात कहने का एक मौका देने को जिले में शिकायत निस्तारण प्राकेष्ठ गठन करने को निर्देशित कर दिया गया है। जिसमें संशय वाले आवेदकों को एक प्रत्यावेदन देना होगा। जिसकी प्रकोष्ठ में एक अलग से पंजिका बनाई जाएगी। जिसके बाद जिला चयन समिति के समक्ष यह पंजिका भेजी जाएगी और उसका निस्तारण करवाया जाएगा।

30 को कट आफ, चार से होगी काउंसिलिंग

टीचर भर्ती के लिए काउंसिलिंग चार फरवरी से शुरू कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसको लेकर जिला स्तर पर अफसरों के साथ बैठक 29 जनवरी को कराने की भी अनुमति दी गई है। प्रमुख सचिव सुनील कुमार द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया कि कट आफ मेरिट में बताए गए निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर बैठक 29 जनवरी को आयोजित की जाए और इसको लेकर विज्ञप्ति 30 जनवरी को जारी कर दी जाए एवं काउंसिलिंग को लेकर चार से नौ फरवरी के मध्य का समय निर्धारित किया जाए। इसके बाद जांच आदि कर 11 फरवरी को यदि काउंसिलिंग कराने वाले अभ्यर्थी पात्र नहीं मिले, तो उसके मूल प्रमाण पत्रों को वापस किया जाएगा। अन्नतिम सूची को निकालने के बाद 12 फरवरी को डाटा लाक कर दिया जाएगा

Friday, 25 January 2013

72825 शिक्षक भर्ती


टीईटी 2011 उत्तीर्ण बीटीसी प्रशिक्षित 2010 बैच के अभ्यर्थियों ने की नियुक्ति की मांग

इलाहाबाद। प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में शामिल किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका। इस विरोध प्रदर्शन में बगैर टीईटी बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थी शामिल हुए। इस मौके पर अभ्यर्थियों ने तय किया कि वह शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सोरांव दौरे के बीए उनसे मुलाकात करेंगे। इससे पूर्व अभ्यर्थियों ने कंपनी बाग में बैठक की। इसके बाद सभी ने सुभाष चौराहे तक जुलूस निकाला। इस दौरान जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से समय मांगे जाने की घोषणा की गई। ज्ञापन भेजने वालों में सुशील रत्‍‌नाकर, विजय कुमार सरोज, रवींद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। टीईटी 2011 उत्तीर्ण बीटीसी प्रशिक्षित 2010 बैच के अभ्यर्थियों ने भी मूल जिले में नियुक्ति की मांग की है। संयुक्त सचिव को ज्ञापन 2012 बैच के अपात्र बीएड अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर किए जाने की मांग को लेकर संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा परिषद भूपेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई है 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल 2012 सत्र के उन बीएड अभ्यर्थियों जिन्होंने टीईटी परीक्षा 2011 आने के बाद बीएड की डिग्री प्राप्त की है को भर्ती से बाहर किया जाए। ज्ञापन भेजने वालों में संजय पांडेय, पवन मिश्र, नीरज मिश्र, शैलेश पांडे, पवन गुप्ता, हरेंद्र यादव, विमल तिवारी, मोहित यादव, शिवाकांत आदि शामिल रहे

बीटीसी प्रशिक्षित 9 हजार अभ्यर्थियों पर सरकार मौन

इलाहाबाद। प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति के लिए बीटीसी पास 9 हजार अभ्यर्थियों को सरकार के फैसले का इंतजार है। टीईटी पास बीटीसी 2010 बैच के अभ्यर्थियों ने सरकार की ओर से उनको लेकर बरती जा रही उदासीनता पर चिंता व्यक्त की है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि 2012 में बीएड पास करने वाले अभ्यर्थियों को तो शिक्षक भर्ती में शामिल कर लिया गया परंतु टीईटी पास बीटीसी प्रशिक्षितों को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रहीहै। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक की नियुक्ति की न्यूनतम आर्हता स्नातक, बीटीसी और टीईटी पास रखी गई है। सरकारकी ओर से बीटीसी 2010 का प्रशिक्षण 30 जून 2012 तक पूरा करने को कहा गया था परंतु बीटीसी का परिणाम समय से घोषित नहीं होने से बीटीसी प्रशिक्षु दिसंबर में जारी विज्ञापन में आवेदन नहीं कर सके। इस कारणसे वह आवेदन से वंचित रह गए। इस समय प्रदेश भर में 9901 बीटीसी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार है। इन अभ्यर्थियों का तर्क है कि कोर्ट ने भी नियुक्ति में बीटीसी अभ्यर्थियों को वरीयता देने की बात कही है। बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को ज्ञापन देकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उर्दू बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने भी सचिव को ज्ञापन सौंपा।

Wednesday, 23 January 2013

नियुक्ति के लिए चक्कर लगा रहे शिक्षक

जागरण संवाददाता, आगरा: शासन के निर्देशों के इंतजार में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण बीटीसी शिक्षकों की नियुक्ति अटक गई है। शिक्षक विभाग के चक्कर काट रहे हैं, परंतु उन्हें उचित जानकारी नहीं मिल रही, जिससे वह परेशान हैं।शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण बीटीसी (बेसिक टीचिंग सर्टिफिकेट), उर्दू बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षितों से बेसिक शिक्षा विभाग ने विगत अक्टूबर में ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले में शिक्षकों के 300 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदकों की सूची व मेरिट ऑनलाइन जारी की गई थी। आठ व 14 दिसंबर को हुई काउंसिलिंग में 72 आवेदकों ने भाग लिया था, जिनमें से दो अपात्र पाए गए थे और दो अपने प्रमाण-पत्र वापस ले गए थे। शासन के निर्देशों पर 68 शिक्षकों की सूची 3 जनवरी को ऑनलाइन अपलोड कर दी गई थी, परंतु शिक्षकों को आज तक न तो नियुक्ति पत्रों का वितरण हुआ है और न ही उन्हें स्कूलों में तैनाती मिली है। इससे परेशान शिक्षक विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय कर्मी उन्हें जानकारी के लिए डायट भेज देते हैं, परंतु उन्हें कहीं से भी उचित जानकारी नहीं मिल रही है।
बीएसए देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि शिक्षकों की स्कूलों में तैनाती के लिए अभी शासन से निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। निर्देश प्राप्त होने के बाद शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे।

Updated on: Tue, 22 Jan 2013 10:41 PM (IST)

How to get Registration Slip Print Out....? [72825 Trainee Teachers Recruitment]

If you don't have the Print Out of Registration Slip then follow these steps to get it..

Follow these two steps :

STEP-1
First of all Click on the following Link

>For application print..

http://upbasiceduboard.gov.in/registered.aspx?a=a


your Application Form will get resume.

STEP-2
Now Click on the following Link and open the page in new Tab

>For Reg slip print

http://upbasiceduboard.gov.in/print_reg_slip.aspx


Thus You will get the Registration Slip on the screen.
Now Take the Print out... ;-)

72825 शिक्षक भर्ती : ओवर ऐज अभ्यर्थियों का मामला


72825 Trainee Teachers Recruitment


72825 Trainee Teachers Recruitment



72825 Trainee Teacher Recruitment

29 जनवरी से शुरू होगी काउंसिलिंग, दिए दिशा-निर्देश

काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम अलग से घोषित होगाअभी परिषद ने केवल र्शेष्ठता सूची जारी की। काउंसिलिंग के लिए किस आधार पर कौन से अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे? इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग को परिषद के आदेशों का इंतजार है। काउंसिलिंग 29 जनवरी से होनी है। ऐसे में बुधवार या गुरुवार तक स्पष्ट आदेश मिल जाएंगे। इसके बाद उसी आधार पर अभ्यर्थियों को निर्धारित जिलों में पहुंचना होगा। परिषद की ओर से जल्दी ही विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा।

-डॉ. अशोक कुमार सिंह, एडी बेसिक

मेरिट में गड़बड़ी, सांसत में अभ्यर्थी

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : विवादों और आशंकाओं के बीच मंगलवार को प्रदेश के प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई। मेरिट सूची देखकर तमाम अभ्यर्थी मायूस हुए। अभ्यर्थियों ने पात्रता शर्ता के निर्धारण के बगैर वरिष्ठता सूची जारी किए जाने का विरोध किया है। वहीं हजारों अभ्यर्थियों ने मेरिट सूची में गड़बडि़यां गिनाई है। वेबसाइट पर गड़बड़ी को सही कराने के लिए कोई व्यवस्था न होने के चलते अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय पहुंच रहे हैं। तमाम अभ्यर्थियों ने एक साथ कई जिलों में आवेदन किए हैं। मेरिट ऊंची होने के चलते अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि कम गुणांक वालों की मेरिट आगे और ज्यादा गुणांक वालों की मेरिट पीछे दर्शायी जा रही है। अभ्यर्थी शंकर सहाय सिंह ने बताया कि उनका गुणांक 60.46 है और बदायूं जिले में उनकी ओबीसी मेरिट 81965 है जबकि 58.75 गुणांक वाले एक अन्य अभ्यर्थी की बदायूं जिले में ओबीसी मेरिट 39668 है। इसी तरह उमेश सिंह ने भी गुणांक बेहतर होने के बाद भी मेरिट में पीछे किए जाने का आरोप लगाया है।

रैंकिंग में गड़बड़झाला, आवेदक परेशान

बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए मंगलवार को अभ्यर्थियों के प्राप्तांक के अनुरूप रैंक जारी कर दी गई। टीईटी पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए इस बार पहले चरण में मेरिट नहीं बल्कि रैंकिंग जारी की गई है, जिसे लेकर प्रदेश के सभी जिलों में अभ्यर्थियों में भारी भ्रम है। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजी जाएगी।

हालांकि एक ही आवेदक की रैंकिंग में अलग-अलग जिले में भारी अंतर होने के कारण सभी में भारी भ्रम है। उदाहरण के लिए अशोक कुमार यादव ने प्रदेश के 50 जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए फार्म भरे। सोनभद्र में 1600 पद हैं और उनकी सामान्य रैंकिंग 52 और आरक्षित वर्ग में 23 आई है। इसी तरह श्रावस्ती में 1200 पद हैं। इस जिलें में सामान्य वर्ग में उनकी रैंकिंग 50 और आरक्षित वर्ग में 21 आई है। गुणांक के आधार पर इतनी कम मेरिट नहीं आ सकती है। इसलिए मेरिट निर्धारण में कहीं न कहीं चूक जरूर हुई है।

परिषद की ओर से जारी सूची में ज्यादातर जिलों में 68 से 70 फीसदी वालों की रैंकिंग 20 हजार से ऊपर है। कई जिलों में 68 फीसदी प्राप्तांक वालों का रैंक 45 हजार से अधिक है। अभ्यर्थी यह सोचकर परेशान हैं कि जिस जिले में सात सौ या एक हजार पद हैं, वहां 70 फीसदी वालों का रैंक बीस हजार से ऊपर हैं तो चयन किस आधार पर होगा। विभाग की तरफ से स्थिति पूरी तरह साफ न होने से अभ्यर्थी ज्यादा परेशान हैं। अभ्यर्थियों की रैंक के अनुसार मेरिट उनके संबंधित जिले में 25 जनवरी तक भेजने की तैयारी है।

काउंसिलिंग 29 जनवरी से

काउंसिलिंग के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित जिले में 29 जनवरी को रिपोर्ट करना होगा। मेरिट के टॉप पायदान वालों को पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा। एक जिले की काउंसलिंग में शामिल होने के बाद उसका मूल प्रमाण पत्र जमा करा लिया जाएगा और अन्य जिलों में उसके द्वारा किए गए आवेदन को मेरिट से हटा दिया जाएगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम तीन चरणों की काउंसलिंग की जाएंगी।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए इस बार रिकार्ड तोड़ 69 लाख आवेदन आए हैं। इसलिए मेरिट भी काफी अधिक गई है। मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर यानी हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड 30 प्रतिशत के आधार पर किया गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर अधिक आयु के अभ्यर्थी को काउंसलिंग में वरीयता दी जाएगी। अंक और आयु दोनों समान होने पर अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम के आधार मानते हुए मौका दिया जाएगा।

सीतापुर की रैंक सबसे अधिक

शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों ने सबसे अधिक आवेदन उन जिलों में किए जहां पर पदों की संख्या अधिक थी। परिषद की ओर से जारी विज्ञापन में सीतापुर जिले में सबसे अधिक पद थे, इस जिले की रैंक भी सबसे अधिक है। उदाहरण के तौर पर एक अभ्यर्थी जिसका हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड का औसत अंक 61.3 है, इसकी सीतापुर में रैंक 83 हजार से अधिक है। इसी अभ्यर्थी की सबसे कम रैंक वाराणसी जिले में 8287 है। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपना रैंक नहीं निकाला है, उन्हें इससे अपनी स्थिति समझने में आसानी होगी।

Sunday, 20 January 2013

शिक्षक भर्ती में अभी और बढ़ेंगी मुश्किलें

इलाहाबाद : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती मामले में बेचैनी बढ़ गई है। विभाग के अधिकारी अदालत के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है के सिवाय कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। अदालत के निर्देश पर अमल करने के लिए विभाग के पास फैसले की अधिकारिक प्रति मिलने के बाद से 15 दिनों का समय रहेगा। इन पंद्रह दिनों के भीतर विभाग दोबारा अदालत का रुख कर सकता है। इन सबके चलते प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक मिलने में देरी हो सकती है। और अभ्यर्थियों की दुश्वारियां बढ़ जाएंगी।
16 जनवरी को अदालत से फैसला आने के बाद से अभ्यर्थियों में कोर्ट के निर्णय को लेकर असमंजस की स्थिति आ गई है। कोर्ट के निर्देश का पालन करने की सूरत में भर्ती प्रक्रिया समय से पूरी करना संभव नहीं होगा।

Source : Dainik Jagran 20 JAN 2013

72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती


ALLAHABAD HIGH COURT ORDER : बीएड धारकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के प्रावधान को खारिज कर दिया

इलाहाबाद : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बीएड डिग्री धारकों को प्राथमिक शिक्षक बनने का अंतिम मौका दिया है। न्यायालय की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा बीएड धारकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के प्रावधान को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही वर्तमान में चल रही 72 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बीएड धारकों द्वारा आवेदन करने के रास्ते खुल गए हैं।न्यायालय ने इसके लिए राज्य सरकार को तत्काल अधिसूचना जारी करने, इसका प्रदेश के अंदर व बाहर व्यापक प्रचार प्रसार कराने तथा ऐसे अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए कम से कम 15 दिन का समय देने का निर्देश दिया है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत अपने यहां निर्धारित शैक्षिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों की भारी कमी बताते हुए न्यूनतम योग्यता में छूट देने का अनुरोध किया था। केन्द्र सरकार ने इस क्रम में उन्हें एक जनवरी 2012 तक बीएड धारकों को भी प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए योग्य मानने की अनुमति दे दी थी। एक जनवरी 2012 तक चयन न हो पाने के बाद प्रदेश सरकार ने एक बार फिर उक्त समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध के क्रम में केन्द्र सरकार ने समय सीमा को 31 मार्च 2014 तक के लिए बढ़ा दिया था। इसमें कई शर्ते रखीं गईं थीं। इसके अनुसार यह छूट सिर्फ एक ही बार दी जा रही है। मार्च 2014 तक राज्य सरकार को न्यूनतम योग्यता देने वाले संस्थानों की संख्या व क्षमता में इस कदर इजाफा कर लेना है जिससे कि पर्याप्त संख्या में शिक्षक मिल सकें। साथ ही इस छूट के तहत चयनित बीएड डिग्री धारकों को चयन के बाद एनसीटीई द्वारा निर्धारित छह माह का विशेष प्रशिक्षण देना भी अनिवार्य होगा। केन्द्र सरकार के इस निर्देश के क्रम में राज्य सरकार ने पिछले दिनों घोषित 72 हजार रिक्तियों में सिर्फ टीईटी उत्तीर्ण को ही आवेदन करने की अनुमति दी थी। इसके खिलाफ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। इस अपील पर न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने से इंकार कर दिया है। साथ ही इस बार केन्द्र सरकार द्वारा दी गई छूट के क्रम में बीएड डिग्री धारकों को बिना टीईटी के ही आवेदन करने की छूट दे दी है। इस आदेश से बीएड धारक लाखों छात्रों को प्राथमिक शिक्षक बनने का अंतिम मौका मिल गया है।

Saturday, 19 January 2013

HIGH COURT ORDER : WRIT-2366


विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी धारकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य

इलाहाबाद : बीटीसी करें या विशिष्ट बीटीसी। शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किए बिना अब प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक या प्रशिक्षु अध्यापक पद पर नियुक्ति नहीं हो सकती। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों की भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता पर अपनी मुहर लगा दी है। न्यायालय ने विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की याचिका को खारिज कर दिया है। इस निर्देश ने वर्ष 2004, 2007 व 2008 के विशिष्ट बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों, वर्ष 2004 व बाद के बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका दिया है। इस आदेश के बाद नियुक्ति की राह देख रहे उर्दू बीटीसी अभ्यर्थियों को भी निराशा ही हाथ लगी है। इन सभी को भी अब टीईटी उत्तीर्ण होने के बाद ही नौकरी मिल सकेगी। चयन प्रक्रिया व प्रशिक्षण पूरा होने में हुए विलंब का इन सभी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस आदेश का असर एक लाख से अधिक विशिष्ट बीटीसी व बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की चयन प्रक्रिया लगातार विवादों में रही है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने 1998 में विशिष्ट बीटीसी लांच की थी। 2004 में इस क्रम में 46179 पदों के लिए रिक्तियां निकाली गईं थीं। इसमें से 33 हजार की नियुक्ति की गई थी। शेष अभ्यर्थियों को टुकड़े-टुकड़े में प्रशिक्षण दिया जा सका था। इनमें से बहुत लोगों की तैनाती आज तक नहीं हो सकी है। इसी वर्ष दो वर्षीय बीटीसी 2004 के लिए भी आवेदन मांगे गए थे। तमाम अड़चनों के चलते जनवरी 2009 में इनकी पहली बैच का चयन हो सका था। जून 2009 में बीटीसी 2004 की दूसरी बैच ने दाखिला लिया था। इन सभी वर्ष 2011 में अपना पाठ्यक्रम पूरा किया। इसी प्रकार वर्ष 2007 के 50 हजार अभ्यर्थियों, वर्ष 2008 के 28385 अभ्यर्थियों, वर्ष 2006 के उर्दू बीटीसी अभ्यर्थियों आदि इन सभी को सितंबर 2011 में प्रमाणपत्र मिल सका था। यह अभ्यर्थी जब तक उत्तीर्ण होते तब तक प्राथमिक शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति के प्रावधान बदल गए थे।

Source : Dainik Jagran 19 Jan 2013

Friday, 18 January 2013

ओवर एज अभ्यर्थियों को भी शामिल करने का हाईकोर्ट का निर्देश :

सहायक अध्यापक भर्ती मामले में हाईकोर्ट का आदेश
टीईटी मेरिट के आधार पर चयन की मांग खारिज
शुल्क कम करने की नहीं उठी मांग

इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में ऐसे सभी अभ्यर्थियों को शामिल करने का निर्देश दिया है जिन्होंने 30 नवंबर 2011 को जारी विज्ञापन के लिए आवेदन किया था, परंतु इस बार आयु सीमा अधिक या कम हो जाने के कारण उनकी अर्हता समाप्त हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे सभी अभ्यर्थी जो पिछले विज्ञापन के लिए आवेदन कर चुके हैं और इस बार आयु कम या अधिक हो जाने के कारण आवेदन नहीं कर सके हैं, 21 जनवरी तक अपना प्रार्थनापत्र शासन को भेजें। अखिलेश त्रिपाठी और सैकड़ों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने यह आदेश दिए।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि सहायक अध्यापक नियमावली 1981 के नियम छह में सरकार को न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार नहीं है। वह सिर्फ अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण कर सकती है। राज्य सरकार ने सेवा नियमावली में 16 वां संशोधन करते हुए चार दिसंबर 2012 को न्यूनतम आयुसीमा 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी थी। इससे तमाम अभ्यर्थी अंडरएज हो गए। कोर्ट ने नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि आयु सीमा की गणना विज्ञापन जारी करने की तिथि के बाद आने वाले साल में की जाएगी। इस प्रकार से अभ्यर्थियों की आयु की गणना एक जुलाई 2012 के स्थान पर एक जुलाई 2013 को की जानी चाहिए।
कुछ याचियों ने टीईटी मेरिट को ही चयन का आधार मानने की मांग की थी। उनका कहना था कि यह निर्णय पूर्व की सरकार द्वारा लिया गया था। इसे बहाल रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी। शिक्षा मित्रो द्वारा मौजूद विज्ञापित पदों में आरक्षण देने की मांग को लेकर दाखिल याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी। चार वर्षीय बीएलएड कोर्स को अर्हता में शामिल न किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस मुद्दे पर 29 जनवरी को सुनवाई होगी।
कई याचियों के अधिवक्ताओं ने मौखिक तौर पर आवेदन शुल्क कम करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि चूंकि किसी भी याचिका में फीस कम करने की मांग नहीं की गई है इसलिए इस पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता है। एक याचिका में आरक्षित वर्ग (एससी-एसटी) को दोहरा लाभ दिए जाने की शिकायत की गई है। कोर्ट ने इस पर सुनवाई केलिए 17 जनवरी की तिथि नियत की है। बीटीसी अभ्यर्थियों द्वारा घोषित पदों पर नियुक्ति देने की मांग भी खारिज कर दी गई है। याचिकाओं पर एनसीटीई के वकील रिजवाल अली अख्तर ने कोर्ट को नियमावली की जानकारी दी।
 अमर उजाला ब्यूरो 17 Jan 2013

B.Ed-2012 को अध्यापक भर्ती से बाहर रखने की मांग खारिज

72825 शिक्षक भर्ती में B.Ed-2012 वाले भी कर सकेंगे आवेदन 
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती के लिए जारी संशोधित विज्ञापन से पात्रता की सीमा में आए नए लोगों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने की मांग में दाखिल याचिका खारिज करते हुए सरकार के नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। रणविजय सिंह द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि ऐसे अभ्यर्थी जो पहले टीईटी में शामिल होने के लिए पात्र नहीं थे और जिनको बाद में टीईटी में शामिल करके प्रमाणपत्र दिया गया अब सात दिसंबर 2012 को जारी विज्ञापन से सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन करने के लिए पात्र हो गए हैं।

Thursday, 17 January 2013

72825 शिक्षक भर्ती में सरकार की विशेष अपील की तैयारी

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ओवरएज वालों को शामिल करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अपील करने पर विचार किया जा रहा है। इस पर अंतिम निर्णय बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में शिक्षक रखने की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। 2011 में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए मांगे गए आवेदन को रद्द कर दिया गया है। इस स्थिति ऐसे आवेदकों का दावा नहीं बनता है।

मोअल्लिम वालों के लिए अलग परीक्षा

शिक्षक बनाने के लिए सरकार का नया फार्मूला

गणित व अंग्रेजी का प्रश्न होगा परीक्षा से बाहर
प्रदेश में उर्दू शिक्षक के 2911 पद खाली

लखनऊ। मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को उर्दू शिक्षक बनाने के लिए सरकार टीईटी की तर्ज पर अलग से परीक्षा कराएगी। यह 150 अंक की परीक्षा होगी और इसमें भाषा के साथ सामान्य ज्ञान तथा उर्दू से संबंधित प्रश्न होंगे। इसमें गणित और अंग्रेजी के प्रश्न नहीं होंगे। परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे, लेकिन अभी यह सहमति नहीं बन पाई है कि परीक्षा टीईटी के साथ कराई जाएगी या फिर अलग से। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इस संबंध में गुरुवार को मोअल्लिम-ए-उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की और इसके आधार पर इस फार्मूले पर सहमति बन गई है।
प्रदेश में उर्दू शिक्षक के 2911 पद खाली हैं। राज्य सरकार इन पदों पर मोअल्लिम-ए-उर्दू और अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग करने वालों को रखना चाहती है। इसके लिए 11 अगस्त 1997 से पहले वालों को पात्र माना गया है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या टीईटी है। मोअल्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग से मुलाकात कर टीईटी के समकक्ष परीक्षा कराने का सुझाव दिया था। इसके आधार पर ही बेसिक शिक्षा विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिनियम 1981 में 17-ए जोड़ा गया है। इसमें ही मोअल्लिम वालों के लिए अलग से परीक्षा कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि परीक्षा टीईटी के साथ कराई जाएगी या फिर कुछ दिन पहले। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को करना है। इसके बाद कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

•अमर उजाला ब्यूरो

DIRECTIONS FOR GOVT IN HIGH COURT ORDER : WRIT 2366

In the result all the Special appeals are disposed of with the following directions: 

(i)The appellants/other eligible candidates who have passed BA/BSc with 50% and are B.Ed being fully eligible for appointment as Assistant Teacher to teach Classes I to V as per Clause 3 of the notification dated 23rd August, 2010, as amended from time to time, are entitled for consideration for their appointment on vacant posts of Assistant Teachers in Classes I to V. The State authorities including the concerned District Basic Education Officers are directed to consider the claim of such persons while considering the appointment on the post of Assistant Teacher in institutions to teach Classes I to V. 

(ii)The State is directed to issue a corrigendum so that all eligible candidates as per clause 3 of the notification dated 23.8.2010 as amended i.e. candidates having 50% marks in B.A./B.Sc. with B.Ed. should also be permitted to participate in the ongoing process of appointment of trainee teachers. At least 15 days time be allowed to submit applications by above mentioned candidates. 

(iii)The prayer of the appellants possessing BTC/Special BTC qualifications obtained after 23.8.2010 to issue direction to appoint them giving benefit of paragraph 5 of the notification dated 23rd August, 2010 cannot be accepted. 


HIGH COURT ORDER : WRIT 2366



Wednesday, 16 January 2013

स्‍कूलों में नियुक्ति को टीईटी जरूरी

एकल जज के आदेश के खिलाफ स्पेशल अपील खारिज
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने एकल जज के निर्णय को चुनौती देने वाली विशेष अपील को खारिज करते हुए कहा है कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु टीईटी अनिवार्य है। पूर्व में हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ ने भी यही आदेश देते हुए अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दी थी। प्रभाकर सिंह और कई अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपील पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में एकल न्यायपीठ के एक नवंबर 2011 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 का अधिसूचना जारी की गई है कि प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए इसकी अर्हता के बिना अब कोई सहायक अध्यापक नहीं बन सकेगा। याचियों का कहना था कि सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। स्पेशल बीटीसी 2004 के अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके बैच की चयन प्रक्रिया टीईटी की अधिसूचना जारी होने से पूर्व प्रारंभ हो चुकी है इसलिए उनके लिए इसे अनिवार्य न किया जाए।
इसी प्रकार से अन्य अभ्यर्थियों की अपनी दलीलें थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए एकल न्यायपीठ के आदेश को बहाल रखा है।

• अमर उजाला ब्यूरो

Tuesday, 15 January 2013

72825 शिक्षकों की भर्ती : 2011-12 बीएड परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियो ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका



बीटीसी प्रशिक्षुओं के प्रमाणपत्र जांचेगा लखनऊ विश्व विद्यालय

शासन के निर्देश के बाद डायट एवं शिक्षा विभाग से मंगाया प्रशिक्षुओं का ब्यौरा

लखनऊ (डीएनएन)। लविवि प्रशासन अब जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में प्रशिक्षण ले रहे बीटीसी प्रशिक्षुओं की सत्यता परखेगा। शासन ने डायट में पंजीकृत लविवि के बीएड पास छात्रों के प्रमाणपत्रों को जांचने के लिए लविवि को निर्देश दिए है। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने और बीटीसी में आवेदन करने वालों का फर्जीवाड़ा खुलने के बाद शासन काफी सक्रिय हो गया है। डायट और शिक्षा विभाग से ऐसे प्रशिक्षुओं की सूची मिलने पर लविवि प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तीन दिन में इनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए है। लविवि प्रशासन ने 10 दिन पहले इंटर एवं हाईस्कूल के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर लविवि से स्नातक करने वाले चार छात्र छात्राओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एक शिकायत के बाद जांच में पता चला था कि यह लविवि से स्नातक करने वाले यह चारों छात्र छात्राएं बागपत डायट से बीटीसी का प्रशिक्षण ले रहे थे। फर्जीवाड़े के इस खुलासे के बाद लविवि की साख पर भी सवालिया निशान लगे और लविवि में फर्जी अंकतालिका और डिग्री देने वाले रैकेट की भी बात सामने आई थी। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वालों पर लगाम कसने के लिए लखनऊ उच्च न्यायालय ने अपने 15 नवंबर 2011 और 15 मई 2012 के अपने फैसले में शिक्षकों, बीटीसी प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांचने को कहा था। जिसके अनुपालन में राज्य सरकार ने 20 दिसंबर 2012 को जारी अपने निर्देश में लविवि को डायट एवं शिक्षा विभाग में पंजीकृत शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं का सत्यापन कराने की बात कही। मंगलवार को लविवि रजिस्ट्रार की तरफ से परीक्षा नियंत्रक प्रो अकील अहमद को एक पत्र जारी कर तीन दिन में लविवि से पास बीएड छात्र छात्राओं के प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए है।

घर पहुंचेगा पुराने आवेदकों का पैसा

•सहायक अध्यापक भर्ती 2011 के आवेदकों की शुल्क वापसी की प्रक्रिया शुरू
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सहायक अध्यापक भर्ती 2011 विज्ञापन के आधार पर आवेदन करने वाले लाखों आवेदकों का फीस का पैसा जल्द ही उनके घर पहुंचेगा। सभी आवेदकों के शुल्क वापस करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुल्क की धनराशि चेक के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचेगी। इसके लिए आवेदकों को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शुल्क वापसी से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने होंगे। आवेदकों की परेशानी को देखते हुए ‘अमर उजाला’ ने शासन के बड़े अधिकारियों से बातचीत कर 15 दिसंबर को ही यह खुलासा कर दिया था कि शासन शुल्क वापस करेगा। अब इसकी प्रक्रिया शुरू कर शासन ने एक कदम और बढ़ा दिया है।
शुल्क वापसी के लिए आवेदकों को उन सभी जिलों के डायट में आवेदन करना होगा, जहां उन्होंने मूल बैंक ड्राफ्ट लगाया है। ड्राफ्ट, आवेदनपत्र की फोटोकॉपी समेत दस्तावेजों को उपलब्ध कराना होगा। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदकों को उनके पते पर चेक के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी। डायट प्राचार्य वीके पांडेय ने बताया कि प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी के साथ आवेदकों को रजिस्टर्ड लिफाफा भेजना होगा।

मोअल्लिम डिग्रीधारी आज से भूख हड़ताल पर

लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता हटाकर 1994 की व्यवस्था बहाल करने को लेकर मोअल्लिम-ए-उर्दू डिग्रीधारी बुधवार से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह जानकारी मोअल्लिम-ए-उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक आफताब आलम ने दी है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश कुमार गर्ग से मिलकर उनसे टीईटी की अनिवार्यता हटाने की मांग की।

Monday, 14 January 2013

आक्रोश : 72825 शिक्षकों की भर्ती में 2011-12 बीएड परीक्षा उत्तीर्ण, TET उत्तीर्ण भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं

कानपुर, शिक्षा संवाददाता: उनके आंखों में आंसू, आवाज में आक्रोश और चेहरों पर मंजिल के पास पहुंच कर पीछे ढकेले जाने की संभावना की दहशत साफ दिख रही थी। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि उनका रास्ता रोका गया तो वे संघर्ष करेंगे। जरूरत पड़ी तो आत्मदाह भी करेंगे।
ये हालात 2011-12 की बीएड परीक्षा उत्तीर्ण टीईटी क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी की हैं जिन्होंने हाल ही में प्राथमिक विद्यालयों में निकाली गई शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन किया है। अब संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें इस बार की भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ये अभ्यर्थी मीडिया से वार्ता करने प्रेस क्लब में जमा हुए थे। हालांकि अभी तक इस संबध में कोई शासनादेश नहीं आया है परंतु न्यायालय के एक फैसले के आधार पर अधिकारियों ने इसके संकेत दिए तभी से अभ्यर्थी तनावग्रस्त हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011-12 में हुई थी। उसी सत्र में बीएड में शामिल हो रहे छात्रों ने मांग की थी कि उन्हें भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए। उन्हें मौका मिला और प्रदेश भर में 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने टीईटी क्वालीफाई कर लिया। उन्हें शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने का अवसर भी दिया गया। अभ्यर्थी कहते हैं कि अधिकांश ने प्रति जिला 500 रुपये शुल्क अदा करके 20 से 60 जिलों में आवेदन किया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो 2013 में ओवर एज हो रहे हैं, उनको तो आगे मौका ही नहीं मिलेगा।
प्रेस क्लब व शिक्षक पार्क में सज्जन यादव, कैलाश गौतम, प्रदीप बाल्मीकि, प्रेम कुमार, राहुल द्विवेदी, जितेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों में कुछ इतने दुखी दिखे कि वे अपने आंसू नहीं रोक पाए। कुछ इतने आक्रोश में थे कि 18 जनवरी को विधान सभा के सामने आत्मदाह करने की घोषणा कर दी। कुछ ने मुख्यमंत्री का घेराव करने की चेतावनी दी तो कुछ ने यह भी कहा कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव स्वयं शिक्षक रहे हैं, उन्हें बेरोजगार शिक्षकों की पीड़ा महसूस करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बाहर करके अपनों को चयनित करने की साजिश की जा रही है।

उर्दू भाषा परीक्षा को मिलेगा टीईटी का दर्जा

परिषदीय स्कूलों में उर्दू शिक्षक नियुक्त करने की मांग पर अड़े मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट दिलाने को बेसिक शिक्षा विभाग ने नया फॉमरूला ईजाद किया है। फॉमरूले के मुताबिक मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारकों को टीईटी से छूट दिलाने के लिए परिषदीय स्कूलों में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य उर्दू भाषा की परीक्षा को ही टीईटी का दर्जा देने की मंशा जतायी गई है। विभाग ने प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित उच्च प्राथमिक स्कूलों में भाषा शिक्षक भी नियुक्त होते हैं। इनमें उर्दू भाषा के शिक्षक भी होते हैं। उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के नियम-17 में प्रावधान है कि भाषा शिक्षक के लिए अभ्यर्थियों को सौ अंकों की संबंधित भाषा की परीक्षा न्यूनतम 50 अंकों के साथ उत्तीर्ण करनी होगी। मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक खुद को उर्दू शिक्षक नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पहली से आठवीं कक्षा में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जबकि मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक इससे छूट की मांग कर रहे हैं। लिहाजा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में उर्दू भाषा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य उर्दू परीक्षा को ही टीईटी का दर्जा देने की मंशा जतायी गई है। उर्दू परीक्षा को टीईटी का दर्जा देने के साथ ही नियमावली के नियम-17 को समाप्त करने की भी सिफारिश की गई है। जो मुअल्लिम-ए-उर्दू उपाधिधारक टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं, उन्हें इससे छूट देने की भी योजना है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
इस प्रस्ताव को लेकर सोमवार को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग और मुअल्लिम-ए-उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों में बैठक हुई। एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक आफताब आलम ने बताया कि मसले पर मुख्यमंत्री के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।

TET के बुखार को मन से निकाल फेंके शिक्षा मित्र : शिक्षामित्र संघ


सहारनपुर(जासं): उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नौशाद अहमद ने कहा कि शिक्षा मित्र अपने मन से टीईटी के बुखार को निकाल दें क्योंकि शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापकों के पद पर समायोजित किया जायेगा। रविवार को गांधी पार्क में हुई बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों के मांगों के प्रति सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रही है। फरवरी में जिले के मंत्रियों के साथ ही बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी का संघ द्वारा स्वागत किया जायेगा। जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने कहा कि जल्द ही पांच हजार का मानदेय शिक्षा मित्रों के खातों में जायेगा।

मोअल्लिम को टीईटी से छूट देने पर फंसा पेंच

लखनऊ (ब्यूरो)। मोअल्लिम धारकों को बगैर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास किए शिक्षक बनाने में नया पेंच फंस गया है। न्याय विभाग ने सुझाव दिया है कि शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास करने की अनिवार्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षक परिषद (एनसीटीई) ने निर्धारित की है लिहाजा छूट देने पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार भी उसी को है। बेसिक शिक्षा विभाग इस संबंध में जल्द ही एनसीटीई से पत्राचार करेगा।
राज्य सरकार 11 अगस्त 1997 से पूर्व मोअल्लिम-ए-उर्दू और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डिप्लोमा इन टीचिंग करने वालों को उर्दू शिक्षक बनाना चाहती है। प्राइमरी स्कूलों में अभी 2,911 पद खाली हैं। सबसे बड़ी दुविधा टीईटी को लेकर है। एनसीटीई ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर रखा है। कैबिनेट की 4 दिसंबर को हुई बैठक में टीईटी पास किए बिना ही मोअल्लिम और डिप्लोमा इन टीचिंग करने वालों को शिक्षक बनाने पर सहमति तो बनी, पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने तर्क दिया कि यदि मोअल्लिम को टीईटी पास किए बिना शिक्षक बनाया गया तो टीईटी नहीं पास कर सकने वाले बीटीसी धारक भी इसके लिए दावा करेंगे। यही नहीं कोर्ट में भी मामला फंस सकता है। न्याय विभाग ने भी कुछ इसी तरह सुझाव दिया है। इसमें कहा गया है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले एनसीटीई से टीईटी पर छूट देने को लेकर सहमति ले ली जाए, ताकि कोर्ट में मामला न फंसे। सूत्रों का कहना है कि शीघ्र ही इस संबंध में एनसीटीई से पत्राचार किया जाएगा, ताकि इस पर अंतिम निर्णय किया जा सके।

72825 शिक्षक भर्ती : जिलेवार भेजे गये आवेदनों की संख्या का विवरण


जिलेवार भेजे गये आवेदनों की संख्या का विवरण


जिलेवार भेजे गये आवेदनों की संख्या का विवरण


जिलेवार भेजे गये आवेदनों की संख्या का विवरण


जिलेवार भेजे गये आवेदनों की संख्या का विवरण


Sunday, 13 January 2013

मोअल्लिम वाले आज मिलेंगे मुख्यमंत्री से

लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता हटाकर मोअल्लिम-ए-उर्दू वालों को शिक्षक बनाने की मांग को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेगा। मोअल्लिम-ए-उर्दू वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक आफताब आलम ने बताया कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद भी बात न बनी तो 16 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में सपा सरकार ने 100 अंकों का उर्दू निबंध का टेस्ट लेकर नियुक्ति दी थी। इसी आधार पर इस बार भी नियुक्ति दी जानी चाहिए।

बंद और एकल स्कूलों में तैनाती पाएंगे नए शिक्षक

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग नियुक्त होने वाले 72 हजार 825 नए शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र के बंद और एकल स्कूलों में तैनाती देगा। इसके लिए नए सिरे से ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कराई जा रही है। प्रदेश में वैसे तो पूर्व में तैयार कराई गई सूची के मुताबिक एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 14 हजार 274 और बंद स्कूल 987 हैं।
नव नियुक्त होने वाले शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में नियमावली के मुताबिक महिला को दो साल और पुरुष को पांच साल रहना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही इन शिक्षकों की दूसरे जिलों या फिर उसी जिले के किसी दूसरे स्कूल में तैनाती दी जाएगी। प्रदेश के बेसिक शिक्षा अध्यापक तैनाती नियमावली के मुताबिक नए नियुक्त होने वाले शिक्षकों को पहले ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनाती दी जाती है। तैनाती के लिए बंद और एकल शिक्षक वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाती है। प्रदेश में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नए नियुक्त होने वाले शिक्षकों को मार्च से तैनाती दी जानी है। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग नए शिक्षकों को तैनाती देने की तैयारियों में जुट गया है। शिक्षकों के रिक्त पदों का ब्यौरा तो जिलेवार तैयार कराया गया था, लेकिन बंद और एकल शिक्षक वाले स्कूलों का ब्यौरा तैयार नहीं हो पाया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जिले में बंद और एकल स्कूलों का ब्यौरा मांगा है। इसके अलावा जिले में छात्र के अनुपात में तैनात शिक्षकों का ब्यौरा भी मांगा गया है। नए शिक्षकों को तैनाती देने से पहले बंद और एकल स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर चस्पा की जाएगी। नव नियुक्त शिक्षकों को इन स्कूलों में से ही तीन स्कूलों का चयन करते हुए बीएसए को तैनाती के लिए विकल्प देना होगा। इसके बाद इन्हीं स्कूलों में नए शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी।

Saturday, 12 January 2013

पुराने आवेदनों का पैसा वापस करने सम्बन्धी विज्ञप्ति : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया


शिक्षक भर्ती प्रक्रिया : पहली मेरिट में 60 फीसदी से ऊपर वालों को मिलेगा मौका

लखनऊ (ब्यूरो)। शिक्षक भर्ती में इस बार आए आवेदन ने शिक्षा विभाग को परेशानी में डाल दिया है। एक-एक अभ्यर्थी ने 20 से 25 स्थानों पर आवेदन कर रखा है। जिलेवार आए आवेदनों के मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फार्म मिलान के बाद सही भरे गए आवेदनों के आधार पर मेरिट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभागीय जानकारों की मानें तो शिक्षक भर्ती में इस बार मेरिट काफी अधिक जाएगी। पहली मेरिट में 60 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों को ही मौका मिलेगा। इस बार काउंसलिंग के दौरान ही अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों का जमा करा लिया जाएगा। मेरिट का निर्धारण गुणांक के आधार पर किया जाएगा। हाईस्कूल 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट 20, स्नातक 40 और बीएड के अंकों को 30 प्रतिशत गुणांक मानते हुए मेरिट बनाई जाएगी। शिक्षक भर्ती के लिए जिलेवार मेरिट 22 जनवरी तक जारी करने और काउंसलिंग 29 जनवरी से कराने की तैयारी है। काउंसलिंग के साथ ही 30 दिनों तक चयनितों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और इसके दो दिन बाद से शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

Tuesday, 8 January 2013

72825 Teachers Recruitment


72825 Teachers Recruitment

सभी districts में एक साथ शुरू की जाएगी counselling, अलग-अलग जिलों से अप्लाई करने वाले को हो सकती है दिक्कत

टीईटी आवेदन करने की डेट सोमवार को खत्म हो गई. टीईटी में भर्ती के लिए विकलांग कैंडीडेट्स को मिलाकर करीब 71 लाख लोगों ने अप्लाई किया है. बेसिक शिक्षा विभाग को अभी अंदाजा नहीं था कि प्रदेश भर की 72 हजार सीटों पर इतनी संख्या में आवेदन आएंगे. बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, इसमें एक कैंडीडेट्स ने 50 जिलों में आवेदन किया है.
इस वजह से इतनी संख्या में आवेदन आएं हैं. बहरहाल, सोमवार को टीईटी के अप्लाई करने की लास्ट डेट से ठीक 15 दिन बाद यानी 22 जनवरी को मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी. वहीं, 31 मार्च तक भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

15 दिन में जारी होगी मेरिट लिस्ट

आवेदन की लास्ट डेट खत्म होने के बाद विभाग अब मेरिट लिस्ट तैयार करेगा. इसके हिसाब से ही कैंडीडेट्स की काउंसिलिंग रखी जाएगी. मगर सवाल यह है कि अगर एक साथ सभी जगहों पर काउंसिलिंग रखी गई तो कई जिलों में आवेदन करने वाला कैंडीडेट कैसे वहां पर पहुंच पाएगा. इसको लेकर अभी से कैंडीडेट्स के मन में आशंकाएं पैदा होने लगी हैं. बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, आवेदन के 15 दिन के बाद मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी. सभी जिलों में एक साथ ही काउंसिलिंग शुरू की जाएगी. 

नाम दिलाएगा तैनाती

टीईटी कैंडीडेट्स की नियुक्ति जिलेवार की जाएगी. चयन समिति में प्रिसिंपल डायट, बीएसए, राजकीय कॉलेज का प्रिसिंपल और जिलाधिकारी की ओर से नामित एक विषय विशेषज्ञ शामिल होगा. इसके बाद जनपद स्तर पर ज्येष्ठता सूची तैयार की जाएगी. अगर कैंडीडेट की गुणवत्ता अंक समान है तो अधिक आयु वाले कैंडीडेट को वरीयता दी जाएगी.
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, अगर किसी कैंडीडेट की गुणवत्ता अंक और ऐज भी सेम निकली तो कैंडीडेट का चयन अल्फाबेटकली किया जाएगा. बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, काउंसिलिंग की डेट वेबसाइट पर डिक्लेयर की जाएगी. नियुक्ति के बाद इनको 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी. 
पुलिस वेरिफिकेशन होगा जरुरी
मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कैंडीडेट की फोटो आईडेंटीटी भी वेबसाइट से चेक की जाएगी. इसके अलावा कैंडीडेट को पुलिस वैरिफिकेशन भी देना जरूरी है. बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, अगर सत्यापन के दौरान किसी कैंडीडेट के दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. 

तैयार कर रहे हैं प्रस्ताव

टीईटी में आवेदन करने वाले ज्यादातर कैंडीडेट्स ऐसे हैं जिन्होंने एक साथ कई जगहों पर अप्लाई किया है. सभी जिलों की काउंसिलिंग एक ही समय पर होनी है. सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग ऐसा विकल्प तैयार करने पर विचार बना रहा जिससे एक कैंडीडेट अन्य जिलों की काउंसिलिंग में भी शामिल हो सके. 

समय सीमा में ही होगी भर्ती

डायरेक्टर की मानें तो डिस्ट्रिक्ट वाइज मेरिट वेबसाइट में अपलोड कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि मेरिट लिस्ट 22 जनवरी को डिक्लेयर होगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि बढऩे के बावजूद प्रॉसेस में कोई लेटलतीफी का असर नहीं पड़ेगा. डायरेक्टर वासुदेव यादव ने कहा कि सचिव को इससे अवगत करा दिया गया है कि काउंसलिंग की तिथि डिस्ट्रिक्ट वाइज ध्यान में रखकर डिक्लेयर की जाए, जिससे कैंडिडेट्स को प्रॉब्लम न हो. ऐसे में काउंसलिंग 29 जनवरी से शुरू कर दी जाएगी. 

तीन शिफ्ट में काउंसिलिंग

उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग शेड्यूल कैंडिडेट्स की संख्या को देखते हुए तय किया गया है. ऐसे में तीन शिफ्ट में काउंसिलिंग किए जाने पर विचार किया जा रहा है. डायरेक्टर की मानें तो काउंसिलिंग व सत्यापन एक महीने चलेगा. डायरेक्टर वासुदेव यादव का कहना है कि परिषद की ओर से सेलेक्शन प्रॉसेस की डेट लिमिट पहले ही तैयार कर ली गई है. ऐसे में उसी हिसाब से ऑफिसर्स को निर्देश दिए गए हैं. वासुदेव यादव ने बताया कि 31 मार्च तक भर्ती प्रकिया को पूरा किया जाना है.