शिमला। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे 3482 प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पैट) के नियमितिकरण पर तलवार लटक गई है। नए भर्ती-पदोन्नति नियमों के अनुसार अब इन्हें टीचर्स एलिजीबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास करना होगा। इन्हें प्रशिक्षण देनेका काम पूरा हो चुका है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक एचआर शर्मा के अनुसार आरटीई एक्ट के अनुसार टीईटी परीक्षा पास करना जरूरी है। यह शर्त पैट पर भी लागू होगी। केंद्रीय कानून होने के कारण प्रदेश स्तर पर इसमें संशोधन नहीं किया जा सकता। यदि केंद्रीय मंत्रालय नियमों में छूट दे, तो पैट शिक्षकों को राहत मिल सकती है।
इसी माह पूरा किया था 52 दिन का प्रशिक्षण
सरकार ने पैट शिक्षकों को 52 दिन का प्रशिक्षण दिया है। यह प्रशिक्षण इसी माह पूरा हुआ है। इससे पैट शिक्षकों को जेबीटी के पद पर तैनाती दी जा सकती है। हालांकि, नए नियमों के शिक्षकों को अब टीईटी परीक्षा को पास करना होगा।
आरटीई एक्ट से परेशानी
आरटीई एक्ट के अमल में आने से अब शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करनी होगी। यह परीक्षा पैट शिक्षकों को भी देनी होगी। पैट को इससे तभी छूट मिल सकती है, जब प्रदेश सरकार इस मामले को केंद्रीय मंत्रालय से छूट दिलाए।
शिक्षक संघ नाराज, महाधिवेशन में उठाया जाएगा मुद्दा
हिमाचल प्रदेश प्राथमिक सहायक संघ के अध्यक्ष सुनील चौहान के अनुसार शिक्षक 52 दिन की ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। पूर्व सरकार ने 1400 शिक्षकों को तो नियमित किया था, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में लगे 3482 शिक्षकों को इससे अलग रखा गया। जब उनकी भर्ती हुई थी, तो उस समय आरएंडपी रूल अलग थे। ऐसे में उन पर टीईटी की शर्त लागू नहीं होती। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उनको नियमित करने का आश्वासन दिया है, जिसके लिए संघ जल्द महाधिवेशन का आयोजन करेगा

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