Tuesday, 6 November 2012

UPTET : 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती मामले की कोर्ट कार्यवाही के सम्बन्ध में


माननीय उच्च न्यायालय की आज की कार्यवाही के बाद आज इन्टरनेट के माध्यम से सूचनाये प्रदान करने वाले, संघर्ष में सत्य पर विश्वास रखकर संघर्ष को सार्थक योगदान करने वाले, अपने साथियों का मार्गदर्शन कर उनका मनोबल बनाये रखने का प्रयास करने वाले, इलाहबाद और लखनऊ तक सरकार को चुनौती देने वाले सभी साथियों को बधाई!चूंकि अभी न्यायालय का आदेश अपलोड नहीं हुआ है, अतः इस समय तो मैं बस आपसे वही बता सकता हूँ जो मुझे भाई विनोद सिंह (इलाहाबाद) जी से ज्ञात हुआ है, जो कि सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित थे.

1. सी.बी. यादव को विज्ञापन या विज्ञापन का ड्राफ्ट न लाने पर जमकर लताड़ लगाई गई.
2. बी.एड. वालों को 31.03.2014 तककी अनुमति की अधिसूचना देखने के बाद न्यायालय पुरानी भर्ती से   सैद्धांतिक रूप से सहमत है
.3. अगली तारीख 7 दिसंबर 2012 औरउसके पूर्व सरकार को आवश्यक संशोधनकरके विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया गया.
4. नियमावली में संशोधन और नया विज्ञापन केवल केंद्र-राज्य नियमों के विरोधाभास और तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए है, न कि नियम बदलने के लिए.
5. न्यायालय ने पुराने विज्ञापन की अनियमितता दूर करते हुए उसके सभी नियमों-आधारों को नए विज्ञापन में समाहित करने के आदेश दिया.
6. विज्ञापन जारी होने के बाद हुए चयन-आधार सम्बन्धी संशोधन प्रभावी नहीं होंगे.
7. न्यायालय ने सरकार से एक ऐसा विज्ञापन लाने की अपेक्षा की है जिस से पुरानी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वालोंके हित प्रभावित न हों.
8. आदेश के विपरीत विज्ञापन में परिवर्तित नियम लागू करने पर न्यायालय स्वयं अगली तारीख को विज्ञापन में आवश्यक सुधार करेगा.
9. समय-सीमा के अन्दर विज्ञापन न लाने पर प्रमुख सचिव को कोर्ट में खडा कर देने की चेतावनी दी.
10. शिक्षामित्रों के प्रति सरकार के झुकाव पर न्यायालय ने सरकारी वकील से कहा, (हिंदी में), "वेल-क्वालिफाइड टेट-पास लड़कों का सिलेक्शन करने में आपको प्रॉब्लम है, और आप नौकरी देना चाहते हैं उन को जो केवल सायकिल लेकर प्रधान के पीछे-पीछे घूम सकें.
"11. सरकारी वकील द्वारा नियमावली में संशोधन की बात उठाने पर टंडन जी ने स्पष्ट कहा, "आपके लिए सबसे जरूरी हैकि शिक्षा का अधिकार अधिनयम, 2009 के अनुसार जल्द से जल्द अर्ह और योग्य अध्यापकों की भर्ती की जाय

Source : Pramod PandeyUptet >>> 2011 from Delhi region supreme court Yadav Umi
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