Wednesday, 21 November 2012

बीएड वालों को करना होगा इंतजार, इस साल नहीं होगी टीईटी

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने के लिए बीएड डिग्रीधारकों को अभी इंतजार करना होगा। राज्य सरकार इस साल टीईटी नहीं कराएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में काफी हद तक सहमति बन गई है। यह भी तय किया गया है कि टीईटी कराने से पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी में सचिव के पद पर किसी वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती की जाएगी। मालूम हो कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने को पात्र होता है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी में पहली बार टीईटी 2011 में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कराया था। परीक्षा में धांधली होने के बाद तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया था। टीईटी हर साल कराई जानी है।
राज्य सरकार ने इस साल टीईटी कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद से लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी को यह जिम्मेदारी देने का निर्णय किया है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जाना है पर शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि इस साल परीक्षा कराने में काफी देर हो गई है इसलिए परीक्षा अब अगले साल कराई जाए। 
परीक्षा कराने से पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती कर दी जाए। गौरतलब है कि टीईटी प्रमाण-पत्र की वैद्यता पांच साल की होती है। परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्य और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से 500 और अनुसूचित व जनजाति के अभ्यर्थियों से 250 रुपये शुल्क लिया जाता है।

लखनऊ/ब्यूरो | Last updated on: November 21, 2012 12:46 AM IST

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