अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों का मामला
-तय समय में देनी होगी अध्यापकों की भर्ती को मंजूरी
-नियुक्ति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी
-प्रस्तावित संशोधन को कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी
राजीव दीक्षित, लखनऊ : अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) की मनमानी और अड़ंगेबाजी नहीं चलेगी। उन्हें शिक्षकों की भर्ती को निर्धारित समयसीमा में अनुमोदित या खारिज करना होगा। इस मंशा को अमली जामा पहनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उप्र मान्यताप्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल अध्यापकों की भर्ती और सेवा की शर्तें) नियमावली, 1978 में प्रस्तावित संशोधनों को कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी है।
प्रदेश में लगभग 3500 अनुदानित जूनियर हाईस्कूल हैं। इन स्कूलों का प्रबंधन तो गैर-सरकारी हाथों में होता है लेकिन इनमें शिक्षकों की नियुक्ति बीएसए के अनुमोदन से ही होती है। निहित स्वार्थों के चलते बीएसए अक्सर शिक्षकों की नियुक्ति में अड़ंगे डालकर मनमानी करते हैं। शासन को इस संबंध में अक्सर शिकायतें मिलती हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को इसकी वजह से समय-समय पर मुकदमे भी झेलने पड़ते हैं। अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में बीएसए की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए नियमावली में संशोधन किया जाएगा। संशोधन के जरिये नियमावली में प्राविधान किया जाएगा कि अनुदानित जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधन द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव प्रस्तुत करने पर बीएसए को 15 दिन के अंदर उसमें कमियां (यदि कोई है तो) बतानी होंगी। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रबंधन को एक हफ्ते का समय दिया जाएगा। कमियों को दूर करने के बाद प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत किये गए संशोधित प्रस्ताव को बीएसए को एक महीने के अंदर अनुमोदित करना होगा। यदि वह प्रस्ताव को खारिज करता है तो उसका कारण स्पष्ट करना होगा।
नियमावली संशोधन के जरिये भविष्य में अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का राज्य या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी/टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया जा रहा है। अभी तक अनुदानित स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत अब यह जरूरी है।
Source : Dainik Jagran Thu, 08 Nov 2012 01:06 AM (IST)

No comments:
Post a Comment