Friday, 16 November 2012

उर्दू डिग्रीधारकों को अनुवादक की नौकरी


सहारनपुर: उर्दू डिग्रीधारकों की प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में फंसा पेंच न निकलने की संभावना के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने नया रास्ता अख्तियार किया है। इसमें उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों पर उर्दू डिग्रीधारकों की नियुक्ति की जाएगी। शासन के निर्देशों के क्रम में जिला स्तर पर सभी विभागाध्यक्षों से उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों का डाटा मांगा गया है।
उर्दू डिग्रीधारकों को सीधे बेसिक स्कूलों में शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों को अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। एनसीटीई का पेंच इन सब पर भारी पड़ा है। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने के बाद से उर्दू डिग्रीधारक दोराहे पर खड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि कारण चाहे जो भी रहा हो, लेकिन इतना तय है कि प्रक्रिया का 'कांटा' निकालना अब बूते से बाहर हो चुका है। इस सबके बावजूद सपा सरकार उर्दू डिग्रीधारकों के लिए नए सवेरे की सौगात लेकर आ रही है।
उर्दू अनुवादक नया रास्ता
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार उर्दू डिग्रीधारकों को अनुवादक के रूप में नियुक्त करने का रास्ता तलाशा है। इसके लिए शासन के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन द्वारा विभागाध्यक्षों से उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों का डाटा मांगा गया है। एडीएम(ई) द्वारा विभागाध्यक्षों को इस आशय के पत्र लिखे गए हैं।
सरकार तक पहुंची एसोसिएशन
मोअल्लिम उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष जुनैद खान सरोहा ने 'जागरण' में मई को प्रकाशित खबर को शासन तक पहुंचाया। इसी के बाद उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति के लिए रिक्त पदों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।
Updated on: Thu, 15 Nov 2012 10:30 PM (IST)

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