Tuesday, 27 November 2012

विशेष : 5500 बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों, 1.20 लाख शिक्षामित्रों की नियुक्ति

नियुक्त होंगे1.20 लाख शिक्षामित्र
ग्राम सभा स्तर पर नियुक्ति की तैयारी
प्राथमिक विालयों में दूर होगी शिक्षकों की कमी
बी. सिंह

इलाहाबाद। सूबे की सपा सरकार ने प्रदेश के प्राथमिक विालयों में 1.20 लाख शिक्षामित्रों की नियुक्ति करने का मन बनाया है। शासन स्तर पर इस मामले की तैयारी भी शुरू हो गई है। इनकी नियुक्ति ग्राम सभा स्तर पर की जाएगी। शिक्षामित्रों की नियुक्ति के संबंध में भी आरक्षण के नियम अपनाए जाएंगे। इसमें महिलाओं की संख्या 50 प्रतिशत तक निर्धारित की जाएगी। बाकी पुरुष संवर्ग से नियुक्ति होगी। हर गांव के स्कूलों में एक शिक्षामित्र रखा जायेगा। विदित हो कि जहां पहले से शिक्षामित्रों की नियुक्ति की जा चुकी है, वहां दोबारा नियुक्ति नहीं होगी। शिक्षामित्रों के पदों पर स्नातक योग्यताधारी की ही नियुक्ति की जाएगी।
इतनी बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की नियुक्ति होने से शिक्षकों की कमी एक हद तक पूरी हो जाएगी। इस समय सूबे के प्राथमिक स्कूलों में पौने तीन लाख शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा 72,825 बीएड योग्यताधारियों से शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति की तैयारी हो रही है। अगले माह दिसंबर 2012 में इन पदों को भरने केलिए विज्ञापन जारी हो जाएगा। इस मामले में हाईकोर्ट ने 7 दिसंबर तक का समय दे रखा है। मुख्यमंत्री भी शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में घोषणा कर चुकेहैं। 5500 बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की भी नियुक्ति की जानी है। ये वे अभ्यर्थी हैं जिनका परीक्षाफल तकनीकी कारणों से रोका गया है। सपा सरकार प्राथमिक स्कूलों में उर्दू विषय के शिक्षकों की नियुक्ति करने में रुचि ले रही है। राज्य सरकार इसके पहले भी लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों की नियुक्तियां कर चुकी हैं। बाद में इन्हें नियमित करने के लिए सरकार ने बीटीसी का प्रशिक्षण देने का निर्णय किया। इस समय पहली किस्त में शिक्षामित्रों को बड़ी संख्या में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण हासिल कर निकलते ही इनको नियमित शिक्षक के रूप में नियुक्त मान लिया जाएगा। ये सभी नियुक्तियां सर्व शिक्षा अभियान के तहत होंगी। इस मद में व्यय होने वाली धनराशि का 75 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार खुद देगी। केवल 25 प्रतिशत बजट का राज्य सरकार को अपनी ओर से इंतजाम करना होगा।

News Source : Daily News Activist (24.11.12)

विशेष : 31 मार्च 2013 तक शिक्षकों की नियुक्ति

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने राज्यों से सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों की नियुक्ति में तेजी लाने का निर्देश जारी किया है। उत्तर प्रदेश को 3,09,910 शिक्षकों की नियुक्ति की सहमति दी जा चुकी है। राज्यों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि अब समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। यानी 31 मार्च 2013 तक शिक्षकों की नियुक्ति का कार्य पूरा करना है। इस समय पूरे देश में 13 लाख शिक्षकों की नियुक्ति इसी दौरान होनी है। इससे बीएड तथा बीटीसी जैसे प्रशिक्षण हासिल करने वाले लोगों को शिक्षक बनने का रास्ता खुल जाएगा।

News Source : Daily News Activist (24.11.12)

UPTET : बढ़ा बीएड डिग्रीधारकों का इंतजार , अटकलों के हवाले शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया


इलाहाबाद। राज्य मंत्रिमंडल की मुहर न लग पाने के कारण बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में बीएड डिग्रीधारकों तथा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का शिक्षक बनने का इंतजार एक बार फिर आगे बढ़ गया। वित्त विभाग, विधि विभाग ने बेसिक शिक्षा विभाग के 72,825 शिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है किन्तु अभी तक मंत्रिमंडल की सहमति नहीं मिली है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर अटकलों के हवाले हो गया है। 
हाल ही में उच्च न्यायालय ने उप्र सरकार को शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में विलंब पर फटकार लगाई थी। इसी के साथ सात दिसंबर 2012 तक शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय के निर्देश पर शिक्षा विभाग शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया तथा बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर वित्त तथा विधि विभाग से पत्रावली को मंजूरी हासिल कर लिया। इसी के बाद मंत्रिमंडल में इसकी मंजूरी मिलने के लिए पत्रावली भेजी गई फिलहाल सरकार ने उसे टाल दिया है। अब सारा दारोमदार मुख्यमंत्री की सहमति पर निर्भर है।

News Source : Daily News Activist (24.11.12)

Monday, 26 November 2012

टीईटी के करोड़ों का नहीं मिल रहा हिसाब

लखनऊ। टीईटी-2011 के पैसों का हिसाब नहीं मिल पा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग पिछले तीन महीनों से लगातार पत्राचार कर रहा है कि टीईटी फार्म भरने वालों से मिले पैसे का हिसाब कर दिया जाए। यह बताया जाए कि परीक्षा कराने पर कितने खर्च हुए और अभी कितना बचा हुआ है, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग है कि हिसाब देने को तैयार नहीं है। कहा तो यह भी जा रहा है कि टीईटी के पैसों का पूरा हिसाब नहीं मिल रहा है। तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक जेल में हैं और उस समय सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रभा त्रिपाठी स्पष्ट कुछ भी नहीं बता पा रही हैं। इसके चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद बेसिक शिक्षा विभाग बचे हुए पैसे का हिसाब नहीं दे पा रहा है।
टीईटी के लिए करीब 14 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
सामान्य और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से 500 और एससी/एसटी से 250 रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया। इससे करीब 16 कराड़ की आय हुई। जानकारों का कहना है कि परीक्षा कराने के लिए हर मंडल को 30 से 32 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने वाली कंप्यूटर कंपनी को करीब 5 करोड़ दिए जाने की बात प्रकाश में आई है। इसके अलावा अन्य पैसे कहां गए इसका पता नहीं चल रहा है।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को सितंबर 2012 में पहली पत्र लिखा कि टीईटी के आयोजन की जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सौं दी गई है। इसलिए टीईटी 2011 के आयोजन के बाद जो पैसा बचा है, उसे परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सौंप दिया जाए। प्रमुख सचिव के इस पत्र के बाद भी टीईटी के पैसों का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पुन: माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है कि पैसा वापस कर दिया जाए।

Friday, 23 November 2012

विशेष : मुफ्त की शिक्षा बन रही घोटाले की जननी

सहारनपुर : एनआरएचएम घोटाला तो जगजाहिर हो चुका है। कमोबेश ऐसी ही बू बेसिक शिक्षा विभाग की 'मुफ्त' शिक्षा से आ रही है। मिड-डे मील में प्रदेश स्तर पर चल रहा 'बोरा' घोटाला पकड़ने की फुरसत किसी को नहीं है। जिले में छात्रवृत्ति व भवन निर्माण में 15 लाख से अधिक का घोटाला फाइलों में दफन हो चुका है। ताजा मामला सर्व शिक्षा अभियान की किताबों को रद्दी में बेचने से जुड़ा है। बेसिक शिक्षा के हालात सुधारने के लिए प्रदेश में वर्ष 2001 से सर्व शिक्षा अभियान आरंभ किया गया। योजना के प्रथम चरण में नए स्कूलों का निर्माण, शिक्षकों-शिक्षामित्रों की नियुक्तियां की गई। जिले में योजना पर चार अरब से अधिक की राशि खर्च होने के बावजूद तस्वीर धुंधली है। हद तो यह है कि अब तो शिक्षक व अफसर भी अनौपचारिक रूप से यह स्वीकार करने लगे हैं कि मुफ्त की शिक्षा ने बेसिक शिक्षा का 'बेड़ागर्क' कर डाला। मामला चाहे छात्रवृत्ति का हो या नए स्कूल/अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण, ड्रेस वितरण। हर चीज में कमीशनखोरी के खेल ने घोटाले की नींव डाली। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश दत्त शर्मा तो सीधे-सीधे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को घोटाले की बुनियाद बताते हैं।
रद्दी बना डाली हजारों किताबें
जिले में 12 नवंबर को सर्व शिक्षा अभियान की हजारों किताबें जन जागरूकता के चलते पकड़ी गई थी। ये किताबें खुले बाजार में बिक्री के लिए कैसे पहुंचीं। इसकी पुलिस व विभागीय जांच चल रही है। विभाग ने जांच कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
योजनाओं में गड़बड़झाला
नगर क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिकायत के बाद लाखों का घोटाला पकड़ा गया था। जांच अधिकारी नियुक्त किए गए डिप्टी बीएसए सुशील कुमार शर्मा ने विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी। 15 लाख से अधिक के घोटाले में छात्रवृत्ति, स्कूल भवन व अतिरिक्त कक्षा कक्ष के निर्माण का मामला था। आरोपी की आपत्ति पर कराई गई दूसरी विभागीय जांच में आरोपी को दोषमुक्त करार दे दिया। इसके अलावा मिड-डे मील में जब-तब ग्रामीण क्षेत्रों से घोटाले के प्रकरण सामने आते रहे हैं। खाद्यान्न में 'बोरों' का घोटाला पूरे प्रदेश में योजना के जन्म (वर्ष-2005) से चल रहा है।
 Source : Jagran Updated on: Thu, 22 Nov 2012 10:21 PM (IST)

अगले साल आएगी नौकरियों की बहार

-शिक्षकों व पुलिसकर्मियों की डेढ़ लाख नौकरियां निकलेंगी

-खिलाडि़यों का शीघ्र बढ़ाया जाएगा भोजन भत्ता

सैफई (इटावा) अप्र : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि अगले एक साल में सरकार डेढ़ लाख नौकरियां शिक्षकों और पुलिसकर्मियों की निकालेगी। साथ ही उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से वादा किया है कि शीघ्र ही उनका भोजन भत्ता बढ़ाया जाएगा।
चंदगीराम स्टेडियम में चार दिनों से चल रहे 38वें महिला खेलों के समापन समारोह के अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने का वादा पूरा कर दिया है, लेकिन भत्तों से युवा की तकदीर नहीं बदल सकती है। भत्ता तो केवल उसके लिए एक सहारा है। उन्हें नौकरी देकर ही हम बड़ी राहत दे सकते हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि अब भर्ती में मेरिट लानी होगी। नकल या सिफारिश काम नहीं आएगी। बीपीएड शिक्षकों द्वारा अपनी आवाज बुलंद करने पर वह बोले उनके लिए भी कोई निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के खिलाड़ी सुविधाएं मिलने से काफी आगे हैं। जबकि बिहार, उप्र के खिलाड़ी पिछड़े हुए हैं। हम उत्तर प्रदेश को अगले साढ़े चार सालों में खेलों के मामले में देश में अग्रणी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। खेलों में नाम ऊंचा करने वालों को यश भारती से सम्मानित करेंगे और अब इस पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 5 लाख से 11 लाख की जाएगी। खिलाड़ियों के भोजन खर्च पर चर्चा करते हुए वह बोले खिलाड़ियों को पौष्टिक और प्रोटीन-कैल्शियम युक्त भोजन मिल सके इसके लिए शीघ्र ही भत्ता बढ़ाया जाएगा। अभी भी यह 100 रुपया चल रहा है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने हर्ष जताया कि 7 वर्ष बाद राष्ट्रीय खेल सैफई में हुए। इनसे हमारे युवा प्रेरित हुए होंगे और उन्हें उम्मीद है कि यहां आए खिलाड़ी एशिया, ओलंपिक में अपना नाम ऊंचा करेंगे। मुख्यमंत्री का स्वागत प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रामकरण आर्य, खेल सचिव सुरेश चंद्रा, निदेशक खेल शाहबुद्दीन मोहम्मद, मेजबान खेल संयोजक योगेंद्र पाल सिंह, जिलाधिकारी पी. गुरुप्रसाद तथा विभिन्न प्रांतों से आए खेल संघों के प्रतिनिधियों ने किया।
Source : Jagran Updated on: Fri, 23 Nov 2012 08:03 PM (IST)

दो लाख शिक्षकों की भर्ती होगी-मुख्यमंत्री

सैफई (इटावा)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी डेढ़-दो वर्षों में दो लाख से ज्यादा शिक्षकों के अलावा पुलिस और पीएसी में भी बड़ी संख्या में भर्तियां होंगी। नौकरी के लिए बेरोजगार अभी से बाकी चीजों से ध्यान हटाकर मेहनत से अपनी पढ़ाई पूरी करें। प्रदेश सरकार गांवों के पारंपरिक खेलों को आगे बढ़ाएगी। पिछली सरकार ने तो स्टेडियम में डायनामाइट लगा दिया था।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला खेल कम्पटीशन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।वह दोपहर 1:20 बजे एसएस मैमोरियल कालेज में बने हैलीपैड पर उतरने के बाद सीधे स्टेडियम पहुंचे। यहां उनका बैंड बाजे से स्वागत हुआ। वालीबाल का फाइनल मैच देखने के बाद उन्होंने कहा कि जो जीते और हारे हैं, सभी को बधाई। महिला खिलाड़ियों ने ओलंपिक में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने माना कि खेलकूद के मामलों में अन्य प्रांतों से यूपी और बिहार थोड़ा पीछे हैं। क्रिकेट तो खेतों तक में खेला जा रहा है। सरकार गांवों के पारंपरिक खेलों को आगे बढ़ाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने ही प्रदेश में यश भारती पुरस्कार की शुुरुआत की थी। अब यह सम्मान राशि पांच लाख से बढ़ाकर 11 लाख रुपए कर दी गई है। कोच एवं खिलाड़ियों का डाइट भत्ता भी बढ़ाया जाएगा। उन्हीं की वजह से यहां राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो रही हैं। सैफई देश का इतना विकसित गांव बन गया है। पिछली सरकार ने खेलकूद को बढ़ावा देना तो दूर, स्टेडियम में डायनामाइट लगा दिया था। सपा सरकार में ही वर्ष 2005 में सैफई में राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताएं हुई थीं। खेल राज्य मंत्री राम करन आर्या ने कहा कि प्रदेश के 75 जिलों में कोच उपलब्ध हो जाएं तो प्रतिभाएं और निखर जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इस पर भी विचार करने का आश्वासन दिया।

Source : Amar Ujala Etawah | Last updated on: November 24, 2012 12:00 PM IST

Wednesday, 21 November 2012

BTC -2010 Result : expected date 18/12/2012


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Case Status - Allahabad

Pending
Contempt Application (Civil) : 5025 of 2012 [Mahoba]
Petitioner:MANGAL SINGH
Respondent:KUMARI BHAWNA SHIKSHARTHI, SEC, PARIKSHA NIYAMAK ALLD.
Counsel (Pet.):D.P. RAJBHAR
Counsel (Res.):
Category:Civil Contempt-Non-compliance Of Court's Order
Date of Filing:29/10/2012
Last Listed on:19/11/2012 in Court No. 40
Next Listing Date (Likely):20/12/2012


Judgment on 19/11/2012
Case :- CONTEMPT APPLICATION (CIVIL) No. - 5025 of 2012 

Petitioner :- Mangal Singh 
Respondent :- Kumari Bhawna Shiksharthi, Sec, Pariksha Niyamak Alld. 
Petitioner Counsel :- D.P. Rajbhar 

Hon'ble Vikram Nath,J. 
Sri J.K. Khanna, learned Standing Counsel upon instructions has stated that the examinations were held in the month of October, 2012 in 62 districts. The results are to be compiled jointly by the Secretary/Examination Controlling Authority. Result of 54 districts have been received. However 8 districts have not forwarded their results. It has further been stated that as soon as the records are received from the remaining 8 districts the result would be finally declared within a period of one month. The instructions are dated 7.11.2012. It is expected that the evaluation from the all the remaining districts will be received within 10 days and within a month thereafter i.e. 18.12.2012 the result will be declared.
One last opportunity is granted to the opposite party to get the result compiled and declared within one month.
List this contempt application on 20.12.2012. By the said date an affidavit may be filed by the opposite party placing on record the fact that the results have been declared, failing which she shall remain present before this Court. 
Order Date :- 19.11.2012 

बीएड वालों को करना होगा इंतजार, इस साल नहीं होगी टीईटी

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने के लिए बीएड डिग्रीधारकों को अभी इंतजार करना होगा। राज्य सरकार इस साल टीईटी नहीं कराएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में काफी हद तक सहमति बन गई है। यह भी तय किया गया है कि टीईटी कराने से पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी में सचिव के पद पर किसी वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती की जाएगी। मालूम हो कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने को पात्र होता है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी में पहली बार टीईटी 2011 में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कराया था। परीक्षा में धांधली होने के बाद तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया था। टीईटी हर साल कराई जानी है।
राज्य सरकार ने इस साल टीईटी कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद से लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी को यह जिम्मेदारी देने का निर्णय किया है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जाना है पर शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि इस साल परीक्षा कराने में काफी देर हो गई है इसलिए परीक्षा अब अगले साल कराई जाए। 
परीक्षा कराने से पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती कर दी जाए। गौरतलब है कि टीईटी प्रमाण-पत्र की वैद्यता पांच साल की होती है। परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्य और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से 500 और अनुसूचित व जनजाति के अभ्यर्थियों से 250 रुपये शुल्क लिया जाता है।

लखनऊ/ब्यूरो | Last updated on: November 21, 2012 12:46 AM IST

Monday, 19 November 2012

UPTET : 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की सीधी भर्ती

लखनऊ। प्रदेश में 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए अध्यापक सेवा नियमावली के संशोधन को न्याय व वित्त विभाग में मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इस नियमावली के आधार पर शिक्षकों की भर्तियां होंगी। राज्य सरकार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर में शुरू करना चाहती है, ताकि जॉइनिंग नए साल में दी जा सके।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद शिक्षकों के रखने की प्रक्रिया बदल दी गई है। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक की भर्ती के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में वर्ष 2010 से शिक्षकों की भर्ती की कवायद चल रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। वर्ष 2011 में तत्कालीन बसपा सरकार ने शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर कराने का फैसला किया था। इसके चलते टीईटी में धांधली की शिकायत मिली और तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जेल तक जाना पड़ा।
प्रदेश में सत्ता बदलने के साथ अखिलेश सरकार ने शिक्षकों की भर्ती सीधे न कराकर पहले विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण देने का निर्णय किया।
इसके आधार पर जब सभी तैयारियां हो गईं, तो अचानक बेसिक शिक्षा मंत्री ने यह फैसला किया कि शिक्षकों की सीधी भर्ती की जाएगी। इसके लिए अब अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधित करना पड़ेगा। इसके आधार पर ही बेसिक शिक्षा निदेशालय से मिले प्रस्ताव को न्याय व वित्त विभाग मंजूरी के लिए भेजा गया था, जहां से मंजूरी मिल गई है।
Source : Amar Ujala Monday, November 19, 2012

Friday, 16 November 2012

बीटीसी-2010 अभ्यर्थियों का विधान भवन पर धरना


लखनऊ (एसएनबी)। परिणाम घोषित कर भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को टीईटी उत्तीर्ण बीटीसी-2010 समिति के बैनर तले बीटीसी अभ्यर्थियों ने विधानभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर अपर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बीटीसी 2010 के लगभग 15300 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते प्रयोगात्मक परीक्षा समय के अनुसार नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बीटीसी अभ्यर्थियों के लिए सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया 20 नवम्बर 2012 तक है, जिसका ऑनलाइन पंजीकरण 10 नवम्बर को समाप्त हो चुका है। बीटीसी अभ्यर्थियों ने कहा कि परिणाम लम्बित होने के कारण बीटीसी प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके व शासन के नियमानुसार समस्त मानकों को पूरा कर चुके बीटीसी अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 15300 बीटीसी अभ्यर्थियों में आक्रोश व्याप्त है। बीटीसी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से परिणाम शीघ्र घोषित करते हुए भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित कर प्रशिक्षण पा चुके बीटीसी अभ्यर्थियों को उनके जनपदों में नियुक्ति की मांग की। प्रदर्शनकारियों में सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय, उमेश कुमार व दीपचन्द सहित अन्य बीटीसी अभ्यर्थी मौजूद थे।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ( R M S A )



अगले साल तक टली टीजीटी-पीजीटी परीक्षा


वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा विज्ञापित प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) व प्रवक्ता (पीजीटी) परीक्षा-2011 फिलहाल इस साल नहीं होगी। चयन बोर्ड में सदस्यों के 10 में से सात पद खाली हैं। चयन बोर्ड की तैयारी और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर तक परीक्षा करा पाना असंभव लग रहा है। चयन बोर्ड के अधिकारी भी दबी जुबान इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अध्यक्ष का कार्य देख रहे सदस्य डॉ. धनंजय गुप्ता का कार्यकाल फरवरी में व एक सदस्य का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होना है।
माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने नवंबर 2011 में प्रशिक्षित स्नातक के 1479 व प्रवक्ता के 393 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। बाद में आवेदन की तिथि बढ़ाकर छह फरवरी 2012 कर दी गई थी। फरवरी तक चली आवेदन प्रक्रिया में 2 लाख 75 हजार टीजीटी व 2 लाख 25 हजार के लगभग अभ्यर्थियों ने पीजीटी के लिए आवेदन किए। कुल मिलाकर पांच लाख के लगभग आवेदन पत्र आए हैं। अभी तक आवेदन पत्रों की फीडिंग का काम चल रहा है। बोर्ड सूत्रों की मानें तो सेंटर एलॉटमेंट की प्रक्रिया और विषयवार अभ्यर्थियों का डेटा तैयार करने की प्रक्रिया में कम से कम एक माह का समय लगता है। यह तब संभव है जब विषयवार डेटा तैयार करने के बीच सेंटर मांगने की प्रक्रिया भी समानांतर चलती रहे। इसके बाद पूरा डेटा आने और परीक्षा की तिथि तय करने के बाद प्रवेश पत्र जारी करने के लिए भी एक माह का समय चाहिए। पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में भी कुछ समय लगेगा। चयन बोर्ड में यदि आज की तारीख से ही सभी सदस्यों और अध्यक्ष के रिक्त पद भर दिए जाएं तो भी इन सभी प्रक्रिया को पूरा करने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। फरवरी तक यदि सदस्यों और अध्यक्ष के रिक्त पद नहीं भरे गए तो चयन बोर्ड में सिर्फ दो सदस्य ही बचेंगे। आधा नवंबर बीत गया है। यदि अभी से परीक्षा कराने की कवायद शुरू भी कर दी जाय तो भी फरवरी के पहले कोई तिथि तय कर पाना मुश्किल लग रहा है। मार्च से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं चयन बोर्ड यदि मार्च के पहले परीक्षा नहीं करा पाया तो यह परीक्षा मई-जून 2013 में खिसक सकती है।
हालांकि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सचिव वंशगोपाल मौर्या परीक्षा जनवरी तक हर हाल में कराने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि परीक्षा जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है पर पूरी प्रक्रिया में कम से कम अभी दो माह का और समय लगेगा।
Updated on: Fri, 16 Nov 2012 08:41 PM (IST)

उर्दू डिग्रीधारकों को अनुवादक की नौकरी


सहारनपुर: उर्दू डिग्रीधारकों की प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में फंसा पेंच न निकलने की संभावना के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने नया रास्ता अख्तियार किया है। इसमें उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों पर उर्दू डिग्रीधारकों की नियुक्ति की जाएगी। शासन के निर्देशों के क्रम में जिला स्तर पर सभी विभागाध्यक्षों से उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों का डाटा मांगा गया है।
उर्दू डिग्रीधारकों को सीधे बेसिक स्कूलों में शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों को अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। एनसीटीई का पेंच इन सब पर भारी पड़ा है। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने के बाद से उर्दू डिग्रीधारक दोराहे पर खड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि कारण चाहे जो भी रहा हो, लेकिन इतना तय है कि प्रक्रिया का 'कांटा' निकालना अब बूते से बाहर हो चुका है। इस सबके बावजूद सपा सरकार उर्दू डिग्रीधारकों के लिए नए सवेरे की सौगात लेकर आ रही है।
उर्दू अनुवादक नया रास्ता
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार उर्दू डिग्रीधारकों को अनुवादक के रूप में नियुक्त करने का रास्ता तलाशा है। इसके लिए शासन के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन द्वारा विभागाध्यक्षों से उर्दू अनुवादकों के रिक्त पदों का डाटा मांगा गया है। एडीएम(ई) द्वारा विभागाध्यक्षों को इस आशय के पत्र लिखे गए हैं।
सरकार तक पहुंची एसोसिएशन
मोअल्लिम उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष जुनैद खान सरोहा ने 'जागरण' में मई को प्रकाशित खबर को शासन तक पहुंचाया। इसी के बाद उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति के लिए रिक्त पदों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।
Updated on: Thu, 15 Nov 2012 10:30 PM (IST)

Tuesday, 13 November 2012

यूपीः 41 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती दिसंबर में

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को विशेष शिक्षा देने के लिए 41 हजार संविदा शिक्षकों की भर्ती अब अगले माह यानी दिसंबर में करने की तैयारी है। इसके लिए इसी माह जिलेवार डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन (डीपीएड), बेचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) व सर्टिफिकेट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (सीपीएड) करने वालों से आवेदन लिए जाने की योजना है।
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। एनआईसी से सॉफ्टवेयर बनवाया जा रहा है। संविदा शिक्षकों को प्रतिमाह 7000 रुपये निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले साल ही इसके लिए संविदा शिक्षकों की भर्ती की जानी थी, लेकिन नहीं की गई। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इस साल भर्ती के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रस्ताव भेजा था जहां से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है।
इसके आधार पर ही भर्तियां करने के लिए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की ओर से शासनादेश जारी किया गया था, लेकिन आवेदन लिए जाने के दौरान ही गड़बड़ियों की शिकायत पर चयन प्रक्रिया रोक दी गई है। यह तय किया गय है कि इसके लिए बीटीसी की तर्ज पर ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
कला की शिक्षा देने के लिए 13 हजार 769, शारीरिक व स्वास्थ्य शिक्षा के लिए 13 हजार 769 और कार्य अनुभव की शिक्षा के लिए 13 हजार 769 संविदा शिक्षक रखे जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई जाएंगी। इसमें सदस्य सचिव जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य होंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक माह का मानदेय देने के लिए 28.91 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो | Last updated on: November 13, 2012 9:55 AM IST

Sunday, 11 November 2012

BTC-2010 : ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग

लखनऊ। बीटीसी-2010 के प्रशिक्षुओं ने बुधवार को विधान भवन के सामने धरना दिया। प्रशिक्षुओं का कहना है कि आठ अक्टूबर को सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। इसके अनुसार ऑन लाइन आवेदन 20 नवम्बर तक करना है लेकिन बीटीसी-2010 बैच के परीक्षा परिणाम जारी होने में देरी हो रही है। इस कारण बीटीसी-2010 बैच के प्रशिक्षु आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे। वार्षिक कैलेन्डर 11 मई 2010 के अनुसार एक जुलाई 2010 से 30 जून 2012 तक अंतिम परीक्षा करा ली जानी चाहिए लेकिन प्रायोगिक परीक्षा का परिणाम जानबूझकर घोषित नहीं किया जा रहा। इससे प्रशिक्षुओं का भविष्य अंधकारमय है।

Source : Hindustan

एक लाख से अधिक शिक्षा मित्र बनेंगे पूर्ण कालिक शिक्षक

उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही एक लाख 24 हजार शिक्षा मित्रों को प्राथमिक स्कूलों में पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में नियुक्त करेगी। 
राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा मित्रों की पूर्णकालिक शिक्षक बनाने की मांग पुरानी है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने अपने घोषणापत्र में शिक्षा मित्रों को पूर्णकालिक शिक्षक बनाने का वायदा किया था। सरकार अपना वायदा जल्द पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि 46 हजार इंटर पास युवकों को स्नातक की डिग्री मिलने के बाद शिक्षा मित्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढा़या जा रहा है।

Source :  Hindustan देवरिया, एजेंसी  सोमवार, 12 नवम्बर, 2012 | 09:48 | IST

Wednesday, 7 November 2012

यूपी: टीईटी पास बीएड डिग्री धारक सीधे बनेंगे शिक्षक


सूबे में 72825 शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को भेज दिया है।
आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को ऐच्छिक छूट होगी। प्रशिक्षु शिक्षकों को सेवाकाल के दौरानछह महीने इसके लिए उत्तर प्रदेश अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 14 में शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया गया है।
अब इसे कैबिनेट से मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी है। राज्य सरकार चाहती है कि नियमावली को यथा शीघ्र संशोधित कर दिसंबर अंत तक प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी जाए।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने सभी राज्यों को टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों को प्राइमरी स्कूलों में सीधे सहायक अध्यापक पद पर रखने की अनुमति दी थी। यूपी में 31 मार्च 2014 तक टीईटी पास डिग्री धारकों को प्राइमरी स्कूलों में सीधे सहायक अध्यापक के पद पर रखने जाने की योजना है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पूर्व में तय किया था कि टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों छह माह का विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग देकर सहायक अध्यापक नियुक्ति किया जाएगा लेकिन एक नवंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोबिंद चौधरी ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक में यह तय किया था कि बीएड पास अभ्यर्थियों को विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग न देकर सीधे टीईटी पास बीएड डिग्री धारकों प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक के पद नियुक्ति दी जाएगी।
इसके आधार पर बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया था। इसमें शिक्षकों का चयन जिलेवार मेरिट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट हाई स्कूल, इंटर, स्नातक और बीएड के आधार पर बनाई जाएगी। आवेदन जिलेवार ऑनलाइन लिए जाएंगे।की ट्रेनिंग प्राप्त करनी होगी। इस अवधि में उन्हें 7300 रुपये निर्धारित मानदेय दिया जाएगा और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सहायक अध्यापक वेतनमान दिया जाएगा।

लखनऊ/ब्यूरो | Amar Ujala Last updated on: November 8, 2012 12:45 AM IST


शिक्षकों की नियुक्ति में नहीं चलेगी बीएसए की मनमानी


अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों का मामला

-तय समय में देनी होगी अध्यापकों की भर्ती को मंजूरी
-नियुक्ति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी
-प्रस्तावित संशोधन को कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी
राजीव दीक्षित, लखनऊ : अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) की मनमानी और अड़ंगेबाजी नहीं चलेगी। उन्हें शिक्षकों की भर्ती को निर्धारित समयसीमा में अनुमोदित या खारिज करना होगा। इस मंशा को अमली जामा पहनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उप्र मान्यताप्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल अध्यापकों की भर्ती और सेवा की शर्तें) नियमावली, 1978 में प्रस्तावित संशोधनों को कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी है।
प्रदेश में लगभग 3500 अनुदानित जूनियर हाईस्कूल हैं। इन स्कूलों का प्रबंधन तो गैर-सरकारी हाथों में होता है लेकिन इनमें शिक्षकों की नियुक्ति बीएसए के अनुमोदन से ही होती है। निहित स्वार्थों के चलते बीएसए अक्सर शिक्षकों की नियुक्ति में अड़ंगे डालकर मनमानी करते हैं। शासन को इस संबंध में अक्सर शिकायतें मिलती हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को इसकी वजह से समय-समय पर मुकदमे भी झेलने पड़ते हैं। अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में बीएसए की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए नियमावली में संशोधन किया जाएगा। संशोधन के जरिये नियमावली में प्राविधान किया जाएगा कि अनुदानित जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधन द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव प्रस्तुत करने पर बीएसए को 15 दिन के अंदर उसमें कमियां (यदि कोई है तो) बतानी होंगी। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रबंधन को एक हफ्ते का समय दिया जाएगा। कमियों को दूर करने के बाद प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत किये गए संशोधित प्रस्ताव को बीएसए को एक महीने के अंदर अनुमोदित करना होगा। यदि वह प्रस्ताव को खारिज करता है तो उसका कारण स्पष्ट करना होगा।
नियमावली संशोधन के जरिये भविष्य में अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों का राज्य या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी/टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया जा रहा है। अभी तक अनुदानित स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत अब यह जरूरी है।
Source : Dainik Jagran Thu, 08 Nov 2012 01:06 AM (IST)

Writ Info : VBTC-72825 vacency [ New hearing date is 07 Dec.]


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD


Case Status - Allahabad

Pending
Writ - A : 39674 of 2012 [Allahabad]
Petitioner:AKHILESH TRIPATHI & OTHERS
Respondent:STATE OF U.P. & OTHERS
Counsel (Pet.):SIDDHARTH KHARE
Counsel (Res.):C.S.C.
Category:Service-Writ Petitions Relating To Secondary Education (teaching Staff) (single Bench)-Miscellaneous
Date of Filing:09/08/2012
Last Listed on:06/11/2012 in Court No. 38
Next Listing Date (Likely):07/12/2012

Writ Info of BTC -2010 Result : New hearing date is 19 Nov

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Case Status - Allahabad


Pending
Contempt Application (Civil) : 5025 of 2012 [Mahoba]
Petitioner:MANGAL SINGH
Respondent:KUMARI BHAWNA SHIKSHARTHI, SEC, PARIKSHA NIYAMAK ALLD.
Counsel (Pet.):D.P. RAJBHAR
Counsel (Res.):
Category:Civil Contempt-Non-compliance Of Court's Order
Date of Filing:29/10/2012
Last Listed on:06/11/2012 in Court No. 40
Next Listing Date (Likely):19/11/2012

Tuesday, 6 November 2012

UPTET : 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती मामले की कोर्ट कार्यवाही के सम्बन्ध में


माननीय उच्च न्यायालय की आज की कार्यवाही के बाद आज इन्टरनेट के माध्यम से सूचनाये प्रदान करने वाले, संघर्ष में सत्य पर विश्वास रखकर संघर्ष को सार्थक योगदान करने वाले, अपने साथियों का मार्गदर्शन कर उनका मनोबल बनाये रखने का प्रयास करने वाले, इलाहबाद और लखनऊ तक सरकार को चुनौती देने वाले सभी साथियों को बधाई!चूंकि अभी न्यायालय का आदेश अपलोड नहीं हुआ है, अतः इस समय तो मैं बस आपसे वही बता सकता हूँ जो मुझे भाई विनोद सिंह (इलाहाबाद) जी से ज्ञात हुआ है, जो कि सुनवाई के दौरान न्यायालय में उपस्थित थे.

1. सी.बी. यादव को विज्ञापन या विज्ञापन का ड्राफ्ट न लाने पर जमकर लताड़ लगाई गई.
2. बी.एड. वालों को 31.03.2014 तककी अनुमति की अधिसूचना देखने के बाद न्यायालय पुरानी भर्ती से   सैद्धांतिक रूप से सहमत है
.3. अगली तारीख 7 दिसंबर 2012 औरउसके पूर्व सरकार को आवश्यक संशोधनकरके विज्ञापन जारी करने का आदेश दिया गया.
4. नियमावली में संशोधन और नया विज्ञापन केवल केंद्र-राज्य नियमों के विरोधाभास और तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए है, न कि नियम बदलने के लिए.
5. न्यायालय ने पुराने विज्ञापन की अनियमितता दूर करते हुए उसके सभी नियमों-आधारों को नए विज्ञापन में समाहित करने के आदेश दिया.
6. विज्ञापन जारी होने के बाद हुए चयन-आधार सम्बन्धी संशोधन प्रभावी नहीं होंगे.
7. न्यायालय ने सरकार से एक ऐसा विज्ञापन लाने की अपेक्षा की है जिस से पुरानी भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वालोंके हित प्रभावित न हों.
8. आदेश के विपरीत विज्ञापन में परिवर्तित नियम लागू करने पर न्यायालय स्वयं अगली तारीख को विज्ञापन में आवश्यक सुधार करेगा.
9. समय-सीमा के अन्दर विज्ञापन न लाने पर प्रमुख सचिव को कोर्ट में खडा कर देने की चेतावनी दी.
10. शिक्षामित्रों के प्रति सरकार के झुकाव पर न्यायालय ने सरकारी वकील से कहा, (हिंदी में), "वेल-क्वालिफाइड टेट-पास लड़कों का सिलेक्शन करने में आपको प्रॉब्लम है, और आप नौकरी देना चाहते हैं उन को जो केवल सायकिल लेकर प्रधान के पीछे-पीछे घूम सकें.
"11. सरकारी वकील द्वारा नियमावली में संशोधन की बात उठाने पर टंडन जी ने स्पष्ट कहा, "आपके लिए सबसे जरूरी हैकि शिक्षा का अधिकार अधिनयम, 2009 के अनुसार जल्द से जल्द अर्ह और योग्य अध्यापकों की भर्ती की जाय

Source : Pramod PandeyUptet >>> 2011 from Delhi region supreme court Yadav Umi
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72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती


7 दिसम्बर तक 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती करे यूपी सरकार: हाईकोर्ट


इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को प्रदेश में 72825 प्राथमिक शिक्षकों के पदों के लिए 7 दिसम्बर तक विज्ञापन जारी कर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि सरकार इस मामले को 2014 चुनाव तक ले जाकर इसका चुनावी लाभ लेने की फ़िराक में है।
  
गौरतलब है की इसके पहले मायावती सरकार इन पदों के लिए विज्ञापन निकाल कर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन सरकार बदलने के बाद से भर्ती की प्रक्रिया खटाई में पड़ गयी। मायावती सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा कराके 30 नवम्बर 2011 को 72825 प्राथमिक शिक्षकों के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था लेकिन मामला कोर्ट में पहुँचने के चलते भर्ती  पूरी नहीं हो पायी।

News Source : dainikbhaskar.com | Nov 06, 2012, 17:47PM IST
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याचिका ख़ारिज (Writ Disposed)


 BTC/VBTC को उनके  Home District में ही Joining मिलेगी या नहीं सम्बन्धित  याचिका (writ) ख़ारिज हो गई है
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

Case Status - Allahabad


Disposed on 06/11/2012
Writ - A : 58036 of 2012 [Allahabad]
Petitioner:REENA DEVI AND ANOTHER
Respondent:STATE OF U.P.AND OTHERS
Counsel (Pet.):S.K.MISHRA
Counsel (Res.):C.S.C.
Category:Service-Writ Petitions Relating To Primary Education (teaching Staff) (single Bench)-Appointment
Date of Filing:02/11/2012
Last Listed on:06/11/2012 in Court No. 30

Monday, 5 November 2012

UPTET : Writ Hearing Info



Writ Hearing Today :

1.-58036/2012 REENA DEVI

इस याचिका (writ) से ये पता चलेगा कि BTC/VBTC को उनके  Home District में ही Joining मिलेगी या 
सरकार 1981 को दरकिनार कर अपनी मर्जी चलाएगी 

Pending
Writ - A : 58036 of 2012 [Allahabad]
Petitioner:REENA DEVI AND ANOTHER
Respondent:STATE OF U.P.AND OTHERS
Counsel (Pet.):S.K.MISHRA
Counsel (Res.):C.S.C.
Category:Service-Writ Petitions Relating To Primary Education (teaching Staff) (single Bench)-Appointment
Date of Filing:02/11/2012
Last Listed on: 
Next Listing Date (Likely):06/11/2012
 


UPTET / Shiksha Mitra : शिक्षामित्रों के लिए अनिवार्य नहीं होगी टीईटी : वसीम

देवरिया :
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री वसीम अहमद ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा देगी। शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए सूबे में शीघ्र 73 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षामित्रों को भी बिना टीईटी अनिवार्य किये ही समायोजित किया जाएगा।

अहमद सोमवार को पीडब्लूडी डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों को लेकर गंभीर है। बशर्ते शिक्षक समय से हर रोज स्कूल जाएं और निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य करें। बच्चों के पठन-पाठन में लापरवाही ठीक नहीं है। सपा सरकार चुनाव पूर्व किए अपने वादे रोटी-कपड़ा सस्ती होगी, दवा-पढ़ाई मुफ्ती होगी को लागू कर रही है, ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिले। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पुष्टाहार यदि बेचा जा रहा है तो यह गंभीर मामला है ऐसा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गत दिनों लखनऊ में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया था कि पुष्टाहार बांटने से पूर्व मुनादी कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। अधिकारियों को प्रत्येक जनपदों में इसके क्रियान्वयन का सख्त निर्देश दिया गया था। जिस जनपद में इसका अनुपालन नहीं हो रहा है वहां के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।



News : Jagran (5.11.12) / http://www.jagran.com/uttar-pradesh/deoria-9821597.html

UPTET : टीईटी बेरोजगारों ने चेताया

                         सरकार से भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग     
                                    • तैयार हो चुका है भर्ती प्रक्रिया का स्पष्ट प्रारूप
                                    •शिवहर्ष किसान इंटर कालेज परिसर में बैठक


बस्ती। शिवहर्ष किसान इंटर कालेज परिसर में रविवार को टीईटी उत्तीर्ण बेरोजगार संघर्ष मोर्चा की बैठक में सरकार को चेताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे आंदोलन कर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे।
मोर्चा के जिलाध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले एक साल से टीईटी बेरोजगारों के साथ छल किया जा रहा है। बेरोजगार आर्थिक और मानसिक शोषण के शिकार हो रहे हैं। कोई न कोई बहाना बनाकर टीईटी पास बेरोजगारों की भर्ती को उलझा दिया जा रहा है।
अब जबकि 72825 टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का प्रारूप स्पष्ट रूप सेे तैयार हो चुका है, उसके बाद भी इसे टालना न्याय संगत नहीं है। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को चाहिए कि दीपावली के पूर्व भर्ती प्रक्रिया शुरू कर बेरोजगारों को तोहफा दे। विनय पांडेय ने कहा कि सरकार प्रशिक्षित बेरोजगारों का दर्द समझने की कोशिश नहीं कर रही है। चयन का नया नया फार्मूला निकाल उन्हें परेशान किया जा रहा है।
इस मौके पर शेषमणि, नित्यानंद पांडेय, हरि प्रसाद त्रिपाठी, राजेंद्र कुमार, सर्वेश कुमार यादव, अनूप श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र, आनंद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, तेज प्रताप यादव, रामचंद्र दूबे, धर्मेंद्र कुमार चौधरी, विजय कुमार पांडेय, आनंद दूबे, अशोक मिश्र, अजय मिश्र, श्याम सुंदर यादव, भूपेश कुमार, रत्नेश मिश्र, पुष्पेंद्र पाठक, बलराम यादव, श्याम लाल चौधरी, नीरज कुमार श्रीवास्तव तरुण सिंह, संतोष वर्मा आदि मौजूद रहे।







UPTET : शिक्षा के बाजारीकरण पर किया जल सत्याग्रह


चित्रकूट। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के युवाओं ने शिक्षा के बाजारीकरण के विरोध में रविवार को सांकेतिक रूप से जल सत्याग्रह किया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलघाट पर पयस्वनी नदी में खड़े होकर प्रदर्शन किया।
परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य आलोक कुमार पांडे की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन का यह अनूठा तरीका निकाला। आलोक ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की भर्ती को टालकर शिक्षा के बाजारीकरण को बढ़ावा दे रही है। आरोप लगाया कि जिन कामों में कमीशन मिलता है, उन फैसलों को तत्काल लिया जाता है। शिक्षक भर्ती का निर्णय सात महीने में नहीं लिया गया। ज्यादातर गरीबों के बच्चे ही सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। जिला संयोजक जयप्रकाश कोटार्यऽ आभास माथुर और विमल गुप्ता ने कहा कि सरकार ने 15 दिन के अंदर तीन लाख पदों के लिए कार्रवाई नहीं की तो टीईटी उत्तीर्ण लोगों के अलावा बीएड, बीपीएड बेरोजगार गांव-गांव जाकर सरकार के खिलाफ बोलेंगे। कुलदीप पांडे ने शिक्षा को राजनीति से मुक्त रखने की बात कही। रवि जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षक भर्ती में भी राजनीति कर रही है। जल सत्याग्रह के दौरान अंकित अग्रवाल, सुरेंद्र रैकवार, अमित सोनी, विनय गुप्ता


News Source : Amar Ujala (5.11.12)
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Saturday, 3 November 2012

UGC NET December-2012 Notification


National Eligibility Test - December, 2012
for Junior Research Fellowship and Eligibility for Lectureship

The University Grants Commission announces holding of the National Eligibility Test (NET) on 30th December 2012 (SUNDAY) for determining the eligibility of Indian nationals for the Eligibility for Lectureship only or Junior Research Fellowship (JRF) and Eligibility for Lectureship bothin Indian universities and colleges.

For more info : Visit UGC websites: www.ugc.ac.in and www.ugcnetonline.in

Important dates : 1) Last date for Applying On-Line                                      16 -11-2012

                                2) Last date for receiving the printout of online             22 -11-2012
                                    Application Form (one copy) and Attendance 
                                    Slip (one copy) at the respective Coordinating
                                    University opted by the candidate 
                                   (with fee receipt & category certificate(s) )

NOTE :                        PRINTOUT OF ONLINE APPLICATION FORM 
                                   SENDIRECTLY TO THE UGC OFFICE WILL NOT BE ENTERTAINED.



Friday, 2 November 2012

Online Registration for Primary Teacher Vacency



Canditates of B.T.C-2004/2010, VBTC-2007/2008, BTC-Urdu Who have qualified UPTET-2011/CTET can do Online Registration on www.upbasiceduboard.gov.in . Last date of Registration is 10 Nov. 2012

CTET November 2012



   Date Of Examination : 18 Nov 2012
   Download Admit Card Online for CTET November-2012 from www.ctet.nic.in

UPTET : बीएड डिग्रीधारक बनेंगे प्रशिक्षु शिक्षक


जागरण ब्यूरो, लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 72,825 रिक्त पदों पर अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों को चयन के बाद पहले प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में उन्हें 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक जैसे प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करते जाएंगे, वैसे-वैसे उन्हें स्थायी शिक्षक की मौलिक नियुक्ति दी जाती रहेगी। मौलिक नियुक्ति होने पर उन्हें स्थायी शिक्षक का वेतनमान मिलने लगेगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रदेश में पहली बार प्रस्तावित इस व्यवस्था को अमली जामा पहनाने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन करके परिषदीय स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्त करने और ट्रेनिंग के बाद उन्हें मौलिक नियुक्ति देने का प्राविधान जोड़ा जाएगा। यह भी तय हुआ है कि टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर चयन करने के लिए अभ्यर्थियों के हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20, स्नातक के 40 व बीएड के 30 प्रतिशत अंकों को जोड़कर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर ही चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग का क्रम तय किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में नवंबर के अंत तक संशोधन किया जाए। फिर दिसंबर से टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे। इससे पहले यह तय हुआ था कि 72,825 पदों पर भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्रीधारकों का मेरिट के आधार पर चयन कर पहले उन्हें छह महीने का विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। यह भी तय हुआ था कि चयन की जो मेरिट बनेगी उसमें अभ्यर्थियों द्वारा हाईस्कूल में प्राप्तांक प्रतिशत के 10, इंटरमीडिएट के 20 व स्नातक के 40 प्रतिशत अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, यदि अभ्यर्थी को बीएडके थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई है तो उसे प्रत्येक के लिए 12-12, द्वितीय श्रेणी के लिए 6-6 और तृतीय श्रेणी के लिए 3-3 अंक मिलेंगे। मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर सवाल उठाये जा रहे थे। कहा जा रहा था कि श्रेणियों के आधार पर मनमाने तरीके से अंक तय करना उचित नहीं है। विभाग को शिक्षकों की भर्ती में नयी व्यवस्था लागू करने के बारे में इसलिए सोचना पड़ा क्योंकि एनसीटीई ने बीएड डिग्रीधारकों को शिक्षक नियुक्त करने के लिए 31 मार्च 2014 तक का समय दिया है। यदि अभ्यर्थियों का पहले विशिष्ट बीटीसी ट्रेनिंग के लिए चयन करने के बाद उन्हें नियुक्ति दी जाती तो प्रदेश में एक बैच में अधिकतम 20,000 अभ्यर्थियों को ही ट्रेनिंग देने की क्षमता है। चार बैच को ट्रेनिंग देने में कम से कम दो वर्ष का समय लगता और तब तक स्वीकृत समयसीमा बीत जाती। समय बीतने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाती। दूसरा, जो नयी व्यवस्था सोची गई है, उसमें मेरिट निर्धारण में बीएड के अंकों को लेकर उठायी जा रही आपत्ति भी दूर हो सकेगी।

News Source : Jagran (2.11.12)