Monday, 11 February 2013

सरकार की साजिश से नहीं हो रही शिक्षकों की नियुक्ति

आजमगढ़ : टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक सोमवार को मेहता पार्क में हुई। इसमें सरकार पर साजिश के तहत शिक्षक नियुक्ति में अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया। जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव ने कहा कि प्रदेश की सरकारें डेढ़ वर्ष से शिक्षक नियुक्ति को उलझाए हुए हैं, जबकि न्यायालय द्वारा हमारी मांग को जायज ठहराया जा चुका है। सरकार ने प्रशिक्षु शब्द को लेकर ढाई लाख लोगों का जीवन दाव पर लगा दिया है। एक सरकार ने टीईटी में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर विज्ञापन निकाला तो दूसरी ने रद करते हुए एकेडमिक आधार पर विज्ञापन जारी कर दिया। आखिर इसमें अभ्यर्थियों का क्या दोष है। एक तरफ सरकार टीईटी में धांधली की बात करती है। दूसरी तरफ टीईटी को वैध बताकर नियुक्ति की जाती है। इसमें सरकार की विद्वेष भावना साफ झलक रही है। अरविंद यादव ने कहा कि सरकार यदि हमारी मांग को नहीं मानती है तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर सुशील कुमार गौतम, राजेश यादव, उमेश वर्मा, राजेश मौर्य, मनोज कुमार, अरविंद कुमार, बृजभान यादव, अजय कुमार सिंह, सिद्धेश्वरी पांडेय, विनोद कुमार यादव, राकेश, जय सिंह यादव, उमेश चंद्र राजभर, उमेश कुमार, लालचंद, सुनील, मिथिलेश सिंह आदि उपस्थित थे

 न्याय मिलने तक संघर्ष का संकल्प

मऊ : प्रदेश सरकार ने राजनीतिक विद्वेष की भावना से शिक्षक भर्ती नियम में बदलाव किया है। यह पूरी तरह से अनैतिक और अलोकतांत्रिक है। यदि परीक्षा में अनियमितता थी तो भ्रष्ट तरीके से उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का पता लगाकर उन्हें बाहर किया जाना चाहिए था या फिर परीक्षा निरस्त कर दुबारा परीक्षा करानी चाहिए थी। लेकिन सरकार को नियुक्ति का आधार बदलने का अधिकार नहीं है। न्याय पाने के लिए टीईटी संघर्ष मोर्चा उच्चतम न्यायालय तक लड़ेगा। यह संकल्प भीटी में शिक्षक सदन में रविवार को हुई मोर्चा की बैठक में वक्ताओं ने व्यक्त किया।
वक्ताओं ने कहा कि हमें न्याय पालिका पर पूरा विश्वास है। इसलिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। राम बिलास चौहान ने कहा कि न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। देवेंद्र कुमार ने कहा कि धांधली एवं भ्रष्टाचार में डूबी सरकार को चौतरफा धांधली एवं भ्रष्टाचार ही दिखाई दे रहा है। राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार नकल माफियाओं के चंगुल में है इसलिए भर्ती शैक्षिक गुणांक के आधार पर करना चाहती है।


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