Sunday, 3 February 2013

शिक्षा मित्रो को लग सकता है एक बड़ा झटका

बेसिक शिक्षा परिषद् के विद्यालयोंमें नौकरी पाने का ख्वाब देख रहे , शिक्षामित्रो को एक बड़ा झटका लग सकता है | जैसा कि हम सब जानते हैं किउत्तर प्रदेश सरकार करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्रो को ‘दूरस्थ शिक्षा’ के माध्यम से प्रशिक्षित करने में लगी हुई है, ऐसा बताया जा रहा है कि प्रशिक्षित शिक्षामित्रो को सीधे सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति देदी जाएगी |
पर हाई कोर्ट के एक आदेश कोध्यान से देखें तो पता चलता है कि बिना टेट पास किये, शिक्षा मित्रो को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सकता| टेट पास न करने कि छूट सिर्फ तीन केटेगरी के अभ्यर्थियों को मिली हैं|

किन किन को मिली है छूट ?

*. जिन अध्यापको कि नियुक्ति 23 अगस्त 2010 से पहले हो चुकी है |

*. ऐसे प्राथमिक शिक्षक जिन्होंने 23अगस्त 2010 से पहले विशिष्ट BTC का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया हो औरनियुक्त हो चुके हो |

*. ऐसे शिक्षक जो 3 सितम्बर2001 के NCTE रेगुलेशन के पूर्व के नियम से सहयक अद्यापक नियुक्त हो चुके हो 

क्या होगा NCTE द्वारा मिली छुट का?

उत्तर प्रदेश सरकार ने NCTE से एक विशेष छुट के तहत मार्च 2014 तक बिना टेट वालो को भर्ती कि अनुमति मांगी थी जिसके लिए तर्क यह दिया गया था कि राज्य में योग्य आवेदकों (टेट पास ) कि कमी है और रिक्तियों कि संख्या अधिक |
परन्तु जब इसी छुट का हवाला देते हुए, बिना टेटपास बी.एड. अभ्यार्थियों ने मौजूदा भर्ती (72,825) में शामिल होने कि गुजारिस की तो कोर्ट ने कहा :-
यह छुट, टेट पास आवेदकों की कमी के चलते दी गयी थी और अब चूँकि करीब 3 लाख टेट पास आवेदक प्रदेश में मौजूद हैं , इसलिए टेट पास वालो को वरीयता दी जाएगी, बिना टेट पास वालो के बारे में बाद में विचार किया जायेगा |

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