Saturday, 23 February 2013

एक लाख शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी

सादात/खानपुर। माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव ने कहा किप्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की जो कमीहै, उसे शीघ्र ही दूर कर दिया जाएगा। एक लाख शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बीटीसी 2010 बैच के टीईटी पास अभ्यर्थियों की शीघ्र नियुक्ति करने का आश्वासन दिया।
यह बातें उन्होंने शनिवार को सैदपुर ब्लाक के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अवकाश प्राप्त शिक्षकों के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को भी शीघ्र नियमित कर उनकी अन्य समस्याओं पर भी विचार किया जाएगा। शिक्षा की बेहतरी के लिए काम शुरू कर दिया गया है। विशेषकर सरकार का महिला शिक्षा पर ध्यान है। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिया कि प्रमोशन की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने के साथ ही अवकाश प्राप्त शिक्षकों देयकों का भुगतान समय से कर दे। अध्यक्षता कररहे नगर पंचायत सैदपुर के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने क्षेत्रीय समस्याओं पर उन्होंने निदेशक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उसके निदान की जरूरत बताई। इस अवसर परप्राचार्य जितेंद्र पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ, एमएलसी विजय यादव, विजयशंकर राय, सांसद राधेमोहन सिंह ने विचार व्यक्त किया। इसके अलावा डायट सारनाथ के प्राचार्य विष्णुश्याम द्विवेदी, डायट सैदपुर से प्राचार्य डा. ओमप्रकाश द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक ओमकारनाथ शुक्ल, विजयशंकर मिश्र,नंदलाल सिंह, कृष्णानंद उपाध्याय, अशोक राय, कमलेश यादव, मोती पासी, इसरार अहमद, राधेश्याम, रविंद्र यादव, जितेंद्र यादव, आनंदप्रकाश, सभी खंड शिक्षाधिकारी, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, भदोही के डीआईओएस और बीएसए उपस्थित थे।

अंशकालिक अनुदेशकों ( वर्ष : 2012-13 ) हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र 25-02-2013 से

Friday, 22 February 2013

खुली जूनियर टीईटी पास अभ्यर्थियों की किस्मत!


UPPCS - 2013



CTET जनवरी व जुलाई के आखिरी रविवार को

नई दिल्ली (ब्यूरो)। सेंट्रल टीचर ऐलिजबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी) के जरिए शिक्षक बनने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। सीबीएसई की ओर से आयोजित होने वाले सीटीईटी की तारीखों के फेर में नहीं फंसना होगा। सीबीएसई ने इस परीक्षा के लिए जनवरी व जुलाई के आखिरी रविवार को तय कर दिया है। साल में दो बार होने वाली यह परीक्षा अब इसी क्रम में होगी। इस तरह से जुलाई में होने वाली परीक्षा 28 जुलाई को तय की गई है।


Wednesday, 13 February 2013

सरकार के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट

इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट है। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक की अवधि अगले आदेश तक के लिए बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार से पूरक शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। मामले पर 20 फरवरी को सुनवाई होगी। कई अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने दिया। 
हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को प्रदेश सरकार द्वारा संक्षिप्त हलफनामा दाखिल किया गया। रिपोर्ट देखने के बाद न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है कि टीईटी परीक्षा में हुए घोटाले पर सरकार ने बहुत ही सरसरी तौर पर काम किया है। मात्र पुलिस की रिपोर्ट को बिना किसी जांच पड़ताल के स्वीकार कर लिया गया है। न्यायालय का कहना था सरकार से हलफनामे से उनकी जिज्ञासा शांत नहीं हुई है। न्यायालय ने टीईटी घोटाले की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई जांच की विस्तृत रिपोर्ट बिंदुवार आख्या के साथ हलफनामा दाखिल किया जाए। 
अभ्यर्थियों ने विशेष अपील दाखिल कर एकल न्यायपीठ के 16 जनवरी के आदेश को चुनौती दी है। उनका कहना है कि यूपी बोर्ड द्वारा आयोजित टीईटी में उन मानकों को नहीं अपनाया गया जोकि बोर्ड परीक्षा में अपनाए जाते हैं। जांच में भी पुलिस की रिपोर्ट में आए तथ्यों को ही आधार बनाया गया। सरकार ने 30 नवंबर 2011 को जारी विज्ञापन रद करके अवैधानिक कार्य किया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से अपीलार्थियों के अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर संपूरक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। 

याचियों के हंगामे से कोर्ट नाराज

इलाहाबाद। सहायक अध्यापक भर्ती मामले में अपील दाखिल करने वाले याचियों के चलते कोर्ट की कार्यवाही में खलल पड़ा। इसकी वजह से मामले की सुनवाई कर रही खंडपीठ ने कुछ देर के सुनवाई स्थगित कर दी। न्यायाधीशों ने याचियों के अधिवक्ताओं को आगाह किया कि अदालत में शोरगुल न किया जाए। इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में कोर्ट में पहुंचे अभ्यर्थियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा तो न्यायाधीश नाराजगी जताते हुए सुनवाई कुछ देर के लिए रोक दी।

Allahabad | Last updated on: February 13, 2013 5:30 AM IST

Monday, 11 February 2013

सरकार की साजिश से नहीं हो रही शिक्षकों की नियुक्ति

आजमगढ़ : टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक सोमवार को मेहता पार्क में हुई। इसमें सरकार पर साजिश के तहत शिक्षक नियुक्ति में अवरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया। जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव ने कहा कि प्रदेश की सरकारें डेढ़ वर्ष से शिक्षक नियुक्ति को उलझाए हुए हैं, जबकि न्यायालय द्वारा हमारी मांग को जायज ठहराया जा चुका है। सरकार ने प्रशिक्षु शब्द को लेकर ढाई लाख लोगों का जीवन दाव पर लगा दिया है। एक सरकार ने टीईटी में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर विज्ञापन निकाला तो दूसरी ने रद करते हुए एकेडमिक आधार पर विज्ञापन जारी कर दिया। आखिर इसमें अभ्यर्थियों का क्या दोष है। एक तरफ सरकार टीईटी में धांधली की बात करती है। दूसरी तरफ टीईटी को वैध बताकर नियुक्ति की जाती है। इसमें सरकार की विद्वेष भावना साफ झलक रही है। अरविंद यादव ने कहा कि सरकार यदि हमारी मांग को नहीं मानती है तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर सुशील कुमार गौतम, राजेश यादव, उमेश वर्मा, राजेश मौर्य, मनोज कुमार, अरविंद कुमार, बृजभान यादव, अजय कुमार सिंह, सिद्धेश्वरी पांडेय, विनोद कुमार यादव, राकेश, जय सिंह यादव, उमेश चंद्र राजभर, उमेश कुमार, लालचंद, सुनील, मिथिलेश सिंह आदि उपस्थित थे

 न्याय मिलने तक संघर्ष का संकल्प

मऊ : प्रदेश सरकार ने राजनीतिक विद्वेष की भावना से शिक्षक भर्ती नियम में बदलाव किया है। यह पूरी तरह से अनैतिक और अलोकतांत्रिक है। यदि परीक्षा में अनियमितता थी तो भ्रष्ट तरीके से उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का पता लगाकर उन्हें बाहर किया जाना चाहिए था या फिर परीक्षा निरस्त कर दुबारा परीक्षा करानी चाहिए थी। लेकिन सरकार को नियुक्ति का आधार बदलने का अधिकार नहीं है। न्याय पाने के लिए टीईटी संघर्ष मोर्चा उच्चतम न्यायालय तक लड़ेगा। यह संकल्प भीटी में शिक्षक सदन में रविवार को हुई मोर्चा की बैठक में वक्ताओं ने व्यक्त किया।
वक्ताओं ने कहा कि हमें न्याय पालिका पर पूरा विश्वास है। इसलिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। राम बिलास चौहान ने कहा कि न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। देवेंद्र कुमार ने कहा कि धांधली एवं भ्रष्टाचार में डूबी सरकार को चौतरफा धांधली एवं भ्रष्टाचार ही दिखाई दे रहा है। राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार नकल माफियाओं के चंगुल में है इसलिए भर्ती शैक्षिक गुणांक के आधार पर करना चाहती है।


BTC Course


शिक्षामित्रों की मांग


उर्दू बीटीसी प्रशिक्षितों ने की भर्ती की मांग






TET उत्तीर्ण BTC-2010 प्रशिक्षितों का नियुक्ति की मांग को लेकर लखनऊ में धरना-प्रदर्शन




TET उत्तीर्ण BTC-2010 प्रशिक्षितों ने की नियुक्ति की मांग


Saturday, 9 February 2013

UP Junior School Instructor Recruitment 2013 – Anudeshak , Basic Shiksha Parishad

Basic Shiksha Parishad, Uttar Pradesh ( UP ) has invited online applications from eligible candidates from 25th February 2013 for the post of Education Instructor ( Anudeshak). It has notified the official recruitment notification on 1st February for filling up the total 41307 vacant post in Junior Schools of Basic Shikhsha Parishad. The last date to fill the online application is 23rd March, 2013.

Interested candidate can apply only for the district to which they belong. This is contractual job for 11 months. Next year on 31st May, 2014 the contract would come to an end by itself.

Under this recruitment Instructor will be recruited for Workshop, Physical and Health education and Arts Subject. Schools, where there are more than 100 students , there “Anudeshak would be recruited for every subjects. There are four subjects under “Karyshiksha” so there would be one Instructor in one school.
Salary of the instructor would be Rs. 7000/- pm. They will be given appointment after five days training. The merit list would be published on 8th April , 2013 and counseling will start from 30th April, 2013. Appointment will be given on 15th May and they have to accept the job by 1st July, 2013.

Uttar Pradesh Budget 2013 From 14th February

The Chief Minister of Uttar Pradesh , Akhilesh Yadav will present his second budget on 19th February 2013. Budget will pass on 21st March, 2013.
This budget would be for finance year 2013-14. The parliamentary session is scheduled to start from 14th February, 2013 and will continue till 22nd March, 2013. Four days are reserved for normal budget discussion and 13 days are to discuss on departmental grant. The session will start on 14th February, 2013 with Governor’s speech.

UP B.Ed - 2013 के आनलाइन आवेदन आज से

सत्र 2013-14 के लिए बी.एड. प्रवेश परीक्षा के दायित्व का निर्वाह दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर कर रहा है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

गोरखपुर (एसएनबी)। वर्ष 2013 की संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया 10 फरवरी को प्रात: दस बजे शुरू हो जाएगी। परीक्षा के आयोजक दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों किसी तरह की असुविधा के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कियाहै। प्रवेश परीक्षा के राज्य समन्वयक एवं हिन्दीविभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र दुबे ने बताया कि आनलाइन आवेदन प्रक्रिया में यदि किसी अभ्यर्थी के समक्ष किसी तरह दिक्कत आती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 8933880661 पर डायल कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि रविवारको पूर्वाह्न दस बजे से आनलाइन आवेदन वेबसाइट http://upbed.nic.in पर किया जा सकेगा। आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 मार्च तक अनवरत जारी रहेगी। 12 मार्च तक चालान के जरिए शुल्क इलाहाबाद बैंक की किसी सीबीएस ब्रांच से किया जा सकेगा।

Relief for VOTE BANK by SP Government


Thursday, 7 February 2013

CAVEAT APPLICATION has been filed by TET merit supporter in Hon'ble SUPREME COURT OF INDIA

I
HIGH COURT ALLAHABAD (U.P.)
IN THE SUPREME COURT OF INDIA
CIVIL APPEALLATE JURISDICTION
SPECIAL LEAVE PETITION (CIVIL) NO. ......./2013
(Arising out of the impugned judgment and interim order dated 04.02.2013 passed in Special Appeal No. 150 of 2013 by the High Court of Judicature at Allahabad)
IN THE MATTER OF:
State of U. P. & Ors. (Petitioners) Vs Navin Srivastava & Ors. (Respondents)
CAVEAT
To,
The Registrar,
Supreme Court of India,
New Delhi - 110001.
Sir,
Let nothing be done in the above mentioned matter without notice to the undersigned i.e. Advocate for the Respondents /Caveators.
Thanking you,
Yours sincerely,
(M. P. Jha)

Advocate for the Respondents/ ­Caveators
12, Lawyers Chambers (Old),
Supreme Court of India,
New Delhi - 110001
Code No.: 351
New Delhi
Dated: 05.02.2013
=============== ­==========
-------CAVEAT FILED ON--------
----------- 05 FEB 2013 -----------
---- Supreme Court of India ----

=============== ­=========

शिक्षा मित्र तीन चरणों में बनाए जाएंगे शिक्षक

  • जनवरी 2014 से शुरू होगा समायोजन
  • टीईटी पास करने की नहीं होगी अनिवार्यता
लखनऊ। राज्य सरकार ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन का कार्यक्रम तय कर दिया है। इन्हें तीन चरणों में समायोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि इनके लिए टीईटी पास करने की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। केंद्र सरकार ने इन्हें पैरा टीचर की श्रेणी में माना है, इसलिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इनका केवल समायोजन किया जाएगा। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। समायोजन की प्रक्रिया जनवरी 2014 से शुरू कर दी जाएगी। पहले चरण में 58 हजार शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनने का मौका मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए वर्ष 2000 में शिक्षा मित्रों के रखने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रदेश में मौजूदा समय 1.66 लाख शिक्षा मित्र प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम आने के बाद प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक रखने की अनिवार्यता कर दी गई। शिक्षा मित्र गैर प्रशिक्षित हैं। इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें चरणबद्ध तरीके से बीटीसी के समकक्ष दो वर्षीय प्रशिक्षण देकर शिक्षक बनाने का निर्णय किया। पहले चरण में 58 हजार और दूसरे चरण में 60 हजार शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षा मित्रों को तीन चरणों मेंसमायोजन करने का निर्णय किया है। इसके मुताबिक पहले चरण का प्रशिक्षण प्राप्त करनेवाले 58 हजार शिक्षा मित्रों को जनवरी 2014 तथा दूसरे चरण में प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को दिसंबर 2014 में शिक्षक पद पर समायोजित किया जाएगा। तीसरे चरण का प्रशिक्षण इसी साल शुरू करा दिया जाएगा और मई 2015 में इस चरण के शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जाएगा। शिक्षक पद पर समायोजित होने के बाद इन्हें सहायक अध्यापक का वेतनमान दिया जाएगा।

• अमर उजाला ब्यूरो

Tuesday, 5 February 2013

डेढ़ लाख का टूटा शिक्षक बनने का सपना


बरेली : प्रदेश में 72 हजार भर्तियों पर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगने से जिले के डेढ़ लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के अरमानों पर पानी फिर गया। लंबे इंतजार के बाद उन्हें शिक्षक बनने का मौका मिलने वाला था लेकिन पहले ऊंची कट ऑफ मेरिट ने रोड़ा लगा दिया और बाद में अचानक सबकुछ हाथ से निकल गया।
जिले में होने वाली एक हजार भर्तियों के लिए एक लाख 54 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। सोमवार से शुरू हुई काउंसिलिंग की शुरूआत ही निराशाजनक रही। काउंसिलिंग में करीब 500 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन सिर्फ 31 लोग ही पहुंचे। ऊंची कट ऑफ मेरिट ने तमाम अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में जाने से रोक दिया। डायट फरीदपुर में बेसिक शिक्षा विभाग और डायट स्टाफ ने दस बजे से पहले ही काउंसिलिंग के लिए डेरा डाल दिया था। करीब 500 लोगों के आने की उम्मीद पर दर्जनों अधिकारी और कर्मचारी दिनभर जमे रहे। भर्ती के लिए बनी जिला स्तरीय समिति के सचिव बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि महज 31 लोगों का काउंसिलिंग में आना निराशाजनक रहा। देर शाम ईमेल के जरिए हाईकोर्ट से रोक का आदेश भी आ गया। आदेश आने से पहले ही अभ्यर्थियों में रोक की खबर मिली तो मायूसी का माहौल पसर गया।

Updated on: Mon, 04 Feb 2013 09:10 PM (IST)

रुक गई 72825 शिक्षक भर्ती

हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सोमवार को ही शुरू हुई थी काउंसलिंग
•अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद/लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश में 72,825 सहायक अध्यापकों की भर्ती पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कई अभ्यर्थियों की उस विशेष अपील को स्वीकार करते हुए भर्तीप्रक्रिया पर रोक लगाई है, जिसमें टीईटी को अर्हता मानने को चुनौती दी गई है। कोर्ट का आदेश आने के बाद प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार के मौखिक निर्देश पर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिया। इसके बाद सोमवार को ही शुरू हुई काउंसलिंग 11 फरवरी तक स्थगित कर दी गई। कोर्ट ने मामले पर प्रदेश सरकार से 11 फरवरी तक जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ ने नवीन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपील सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। अपीलार्थियों की दलील थी, चूंकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक केंद्रीय अधिनियम है और इसी के तहत एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना जारी कर सहायक अध्यापकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की है। इसलिए बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 पर यह बाध्यकारी है। इस अधिसूचना के विपरीत शिक्षक नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया जासकता है। राज्य सरकार द्वारा पहले की विज्ञापन रद्द कर देने से पूरी चयन प्रक्रिया बदल गई है। टीईटी के प्राप्तांकों को अब मानक के बजाय मात्र अर्हता माना जा रहा है। इस नई परिस्थिति में जो लोग 30 नवंबर 2011के विज्ञापन में आवेदन की अर्हता नहींरखते थे वह भी अब अर्ह हो गए हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से जानना चाहाहै कि क्या एकल न्यायपीठ ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली और इसमें लिप्त लोगों को अलग करके शेष लोगों काचयन टीईटी के प्राप्तांक पर करने के लिए कहा था। खंडपीठ का मत था कि पिछली सरकार के जाने के बाद नई सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया बदल दी। अब ऐसा भीसंभव है कि कोई दूसरी सरकार बने और वह इस सरकार की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताते हुए बदल दे। खंडपीठ ने चार फरवरी से शुरू काउंसलिंग पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों को तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग प्रक्रिया स्थगित करने का आदेश भेज दिया है। इस संबंध में सभी जिलों में विज्ञापन प्रकाशित कराने को भी कहा गया है, ताकि आवेदकों को इसकी जानकारी मिल सके।

Sunday, 3 February 2013

बीएड 2012 भी लेगा काउंसिलिंग में भाग

बीएड 2012 को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं कि इन अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग से बाहर किया जा रहा है, क्योंकि इन्होंने टीईटी परीक्षा के बाद बीएड पूरा किया है। वस्तुत: ये सिर्फ अफवाह है। बीएड 2012 के अभ्यर्थी भी काउंसिलिंग में भाग ले सकते हैं। इसे लेकर कोई भी निर्देश शासन स्तर या फिर बेसिक शिक्षा परिषदने जारी नहीं किया है।

बीटीसी 2010 की अनदेखी क्यों ?

इलाहाबाद। सूबे के बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन चलने वाले प्राथमिक स्कूलों को अगले शैक्षिक सत्र में 1.30 लाख सहायक शिक्षक मिलेंगे। सरकार ने जहां 72,825 बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया शुरू की है, वहीं 58 हजार स्नातक योग्यता वाले शिक्षामित्रों को स्थायी करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। राजाज्ञा जारी होते ही ये सभी स्थायी शिक्षक बनजाएंगे। ऐसे सभी शिक्षा मित्रों को जो स्नातक हैं और दूरस्थ शिक्षा केमाध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण पूरा कर लिया है उन सभी को स्थायी कर दिया जाएगा। ये संख्या 58 हजार बताई जा रही है। सरकार ने शिक्षा मित्रों को स्थायी करने का आश्वासन विधान परिषद में भी एक सवाल के जवाब में दिया था। इनकी ट्रेनिंग 2011 से शुरू हो गई थी। जो इस वर्ष खत्म होने जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होते ही इनको स्थायी करने संबंधी राजाज्ञा जारी किए जाने की सूचना है। अभी भी प्राथमिक स्कूलों में सवा दो लाख शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

बीटीसी 2010

आखिर कैसा दोषः

पिछले दो वर्षो से पात्रता का प्रमाण पत्र लेकरदर-दर भटक रहे हैं बेरोजगार। कभी टीईटी मेरिट तो कभी शैक्षिक, कभी सचिव का विज्ञापन तो कभी बीएसए का, कभी मुद्दा बने 2012 तो अब इस भर्ती के लिए संकट हुए बीटीसी 2010, जिनका साफ कहना है कि अगर बीएड 2012 पात्र तो हम पात्र यदि हम पात्र हैँ तो फिर बीएड वाले हमारे रहते भर्ती के लिए अपात्र है। इस मामले को न्यायमूर्ति वीके शुक्ला ने गम्भीरता से लिया है।

बेसिक शिक्षक भर्ती पर संकटः

पब्लिक न्यूज इलाहाबाद, बीटीसी 2010 मंगल सिंह आदि की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार एवं मानव संशाधन विकास मंत्रालय को तलब किया है।इस प्रकार अगर राज्य सरकार जवाब देने में अक्षम रहती है तो जाँचव चयन के बाद भी बीएड बेरोजगारों का भविष्य में फँस जायेगा। अतः बीएड बेरोजगारों का भविष्य चौपट होता जा रहा है।

शिक्षा मित्रो को लग सकता है एक बड़ा झटका

बेसिक शिक्षा परिषद् के विद्यालयोंमें नौकरी पाने का ख्वाब देख रहे , शिक्षामित्रो को एक बड़ा झटका लग सकता है | जैसा कि हम सब जानते हैं किउत्तर प्रदेश सरकार करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्रो को ‘दूरस्थ शिक्षा’ के माध्यम से प्रशिक्षित करने में लगी हुई है, ऐसा बताया जा रहा है कि प्रशिक्षित शिक्षामित्रो को सीधे सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति देदी जाएगी |
पर हाई कोर्ट के एक आदेश कोध्यान से देखें तो पता चलता है कि बिना टेट पास किये, शिक्षा मित्रो को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सकता| टेट पास न करने कि छूट सिर्फ तीन केटेगरी के अभ्यर्थियों को मिली हैं|

किन किन को मिली है छूट ?

*. जिन अध्यापको कि नियुक्ति 23 अगस्त 2010 से पहले हो चुकी है |

*. ऐसे प्राथमिक शिक्षक जिन्होंने 23अगस्त 2010 से पहले विशिष्ट BTC का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया हो औरनियुक्त हो चुके हो |

*. ऐसे शिक्षक जो 3 सितम्बर2001 के NCTE रेगुलेशन के पूर्व के नियम से सहयक अद्यापक नियुक्त हो चुके हो 

क्या होगा NCTE द्वारा मिली छुट का?

उत्तर प्रदेश सरकार ने NCTE से एक विशेष छुट के तहत मार्च 2014 तक बिना टेट वालो को भर्ती कि अनुमति मांगी थी जिसके लिए तर्क यह दिया गया था कि राज्य में योग्य आवेदकों (टेट पास ) कि कमी है और रिक्तियों कि संख्या अधिक |
परन्तु जब इसी छुट का हवाला देते हुए, बिना टेटपास बी.एड. अभ्यार्थियों ने मौजूदा भर्ती (72,825) में शामिल होने कि गुजारिस की तो कोर्ट ने कहा :-
यह छुट, टेट पास आवेदकों की कमी के चलते दी गयी थी और अब चूँकि करीब 3 लाख टेट पास आवेदक प्रदेश में मौजूद हैं , इसलिए टेट पास वालो को वरीयता दी जाएगी, बिना टेट पास वालो के बारे में बाद में विचार किया जायेगा |

Saturday, 2 February 2013

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती बिना टीईटी बीएड वालों को मौका नहीं

लखनऊ (ब्यूरो)। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों को ही शामिल करने का फैसला किया है। न्याय विभाग की इस संबंध में सहमति मिल गई है। अगले सप्ताह इस मामले में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल करने की तैयारी है। हाईकोर्ट ने बिना टीईटी वाले बीएड डिग्रीधारकों को भी प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती में आवेदन करने का अवसर देने का आदेश दिया था। बेसिक शिक्षा विभाग इससे सहमत नहीं था। विभाग ने सिर्फ टीईटी उत्तीर्ण बीएड डिग्री धारकों को ही भर्ती में शामिल होने की व्यवस्था लागू रखने के लिए हाईकोर्ट के निर्णय पर न्याय विभाग से सलाह मांगी थी। सूत्रों ने बताया कि न्याय विभाग ने सरकार के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।
इसी के साथ बेसिक शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल करने का आदेश दे दिया है। अगले सप्ताह एसएलपी दाखिल की जा सकती है।

शीघ्र होगी 41 हजार अनुदेशकों की भर्ती

लखनऊ (ब्यूरो)। प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के साथ ही परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा तथा कार्य शिक्षा की पढ़ाई के लिए 41307 अनुदेशकों (अंशकालिक) की तैनाती के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है। अनुदेशक 7000 रुपये प्रतिमाह के मानदेय के आधार पर 11 महीने के लिए नियुक्त होंगे। मानदेय का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जाएगा। 25 फरवरी को जिला स्तर पर विज्ञापन प्रकाशित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया 30 जून तक पूरी कर अनुदेशकों को नए शिक्षा सत्र के पहले दिन एक जुलाई को स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करा दिया जाएगा। शासन ने भर्ती के संबंध में तीन अक्तूबर 2012 को जारी विज्ञापन निरस्त कर दिया है।

चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम

बीएसए द्वारा विज्ञापन प्रकाशित कराने की तिथि : 25 फरवरी
आनलाइन आवेदन पत्र (ई-आवेदन) भरने की अंतिम तिथि : 23 मार्च
ई-चालान द्वारा आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि : 21 मार्च
एनआईसी द्वारा बीएसए को मेरिट सूची उपलब्ध कराने की तिथि : 08 अप्रैल
जिला चयन समिति द्वारा काउंसिलिंग : 30 अप्रैल
जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदन : 10 मई
अनुदेशकों की तैनाती : 15 मई
अंशकालिक अनुदेशकों का प्रशिक्षण :16 मई से 30 जून
आवंटित विद्यालय में अंशकालिक अनुदेशकों का कार्यभार ग्रहण : 01 जुलाई 2013

शिक्षक भर्ती: खोया आवेदन का प्रिंट पा सकेंगे दोबारा

उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने के बाद अगर प्रिंट गायब हो गया है या फिर पंजीकरण फार्म गायब हो गया है तो ऐसे आवेदकों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने आवेदकों की सुविधा के लिए इसे दुबारा ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा दे दी है। आवेदकों को इसके लिए www.upbasiceduboard.nic.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) स्लिप या फिर अपना भरा हुआ आवेदन पत्र पर जाकर उसे क्लिक कर प्रिंट प्राप्त करना होगा।
उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बार ऑनलाइन आवेदन लिया है। ऑनलाइन आवेदन से पहले आवेदकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी था। इसके बाद ही आवेदक फार्म भर सकता था।
काउंसिलिंग के समय पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन की कापी दिखाना जरूरी है। प्रदेश में 69 लाख युवाओं ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया है। इसमें लाखों आवेदकों के या तो फार्म गायब हो गए हैं या फिर उनका पंजीकरण। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इसे दुबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता था। इसको लेकर आवेदक काफी परेशान थे।
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव कार्यालय से भी इस संबंध में कुछ आवेदकों ने संपर्क साधा था। इसके बाद यह यह निर्णय किया गया है कि काउंसलिंग के दौरान आवेदन करने वाले किसी भी युवा को परेशानी न हो।

सोमवार से शुरू होगी काउंसिलिंग

प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने इसके लिए सभी जिलों से तैयारियां पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए हैं। काउंसिलिंग के लिए आवेदक को अपने साथ आवेदन के लिए किए गए पंजीकरण का प्रिंट, बैंक चालान की कापी, ई-आवेदन का प्रिंट आउट, सभी शैक्षिक मूल प्रमाण पत्र, सभी कागजात की दो सेट फोटो कापी, दो पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो, 10 रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र, दो बिना टिकट लगा लिफाफा साथ लेकर जाना होगा।