Tuesday, 17 September 2013

डायट में होगी प्रवक्ताओं की भर्ती : एससीईआरटी शीघ्र ही लोक सेवा आयोग को भेजेगा प्रस्ताव

लखनऊ (ब्यूरो)। प्रदेश में वर्षों बाद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रवक्ता के रिक्त पदों पर भर्तियां शुरू होने जा रही हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने रिक्त पदों का जिलेवार ब्यौरा मांगा है। इसके अनुमान के मुताबिक प्रदेश भर के डायट में करीब 1250
पद रिक्त हैं। जिलों से स्पष्ट ब्यौरा मिलने के बाद एससीईआरटी इन पदों पर भर्तियां शुरू करने के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजेगा।

शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए जिला स्तर पर डायट की स्थापना की गई है। प्रदेश में करीब 20 साल पहले डायट में प्रवक्ता पदों पर भर्तियां की गई थीं। इसके बाद से भर्तियां बंद हैं। रिक्त पदों पर राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों या बीएसए स्तर के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवक्ता पदों पर तैनाती करते हुए काम चलाया जा रहा है। इसके चलते शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। राज्य सरकार ने रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग से नियमावली बनाई है। इसे उत्तर प्रदेश शिक्षक शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग) सेवा नियमावली नाम दिया गया है। इसमें प्रवक्ता पद का वेतनमान 4800 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य पदों की विसंगतियां भी समाप्त कर दी गई हैं।
अब नई नियमावली के आधार पर भर्तियां की जाएंगी। एससीईआरटी की तैयारी है कि लोक सेवा आयोग भर्ती प्रक्रिया इसी साल शुरू कर दे, ताकि नया साल शुरू होते ही डायट को नए प्रवक्ता मिल जाएं।

Monday, 16 September 2013

उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती : विधानसभा में गूंजेगा उम्र घटाने का मुद्दा

इलाहाबाद : उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान एवं गणित विषय के शिक्षकों की नई भर्ती में आयु सीमा कम होने मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों ने प्रदेशभर में जनसंपर्क कर सबको एक मंच पर लाने की मुहिम छेड़ी है। इसके साथ ही शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी से मुलाकात की। उन्होंने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए विधानसभा में मामले को उठाने की घोषणा की।

कहा कि शिक्षकों की भर्ती में पूर्व की भांति आयुसीमा 40 वर्ष हो इसके लिए वह बेसिक शिक्षा मंत्री एवं सचिव से मुलाकात कर चुके हैं। सरकार पर दबाव बनाने के लिए वह मामले को विधानसभा में उठाएंगे, क्योंकि आयु सीमा पांच साल कम होने से हजारों अभ्यर्थियों का सपना टूटेगा। वर्षो से रोजगार की आस में दिनरात मेहनत कर रहे अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना उनका ध्येय है, जरूरत पड़ी तो इसके लिए धरना पर बैठेंगे। अभ्यर्थियों के दल में अरविंद शुक्ल, वाईएन पांडेय, डीपी मिश्र, अमित तिवारी, विमलेश कटियार, दयाशंकर, राजेश राय, संतोष राय, पवन उपाध्याय शामिल रहे।

विज्ञान व गणित शिक्षक के लिए 40 वर्ष वाले पा सकते हैं मौका

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती की आयु सीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष करने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। जानकारों की माने तो इस पर शीघ्र ही निर्णय करते हुए शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। उच्च प्राइमरी स्कूलों में पहली बार विज्ञान व गणित के 29,334 शिक्षक के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन लिये जा रहे हैं। इसके लिए 21 से 35 वर्ष की आयु वालों को पात्र माना गया है। शिक्षक बनने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 24 सितंबर, ई-चालान 26 सितंबर तक बनवाने के बाद आवेदन 30 सितंबर तक किए जा सकते हैं।

Tuesday, 19 March 2013

CTET-July_2013


UPTET 2013 :मोअल्लिम धारक तैयार हों तो हो टीईटी

लखनऊ (ब्यूरो)।सूबे के प्राथमिक स्कूलों में करीब पौने तीन लाख शिक्षकों की कमी है, इसके बावजूद सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। दरअसल इसके पीछे मुख्य वजह मोअल्लिम वाले माने जा रहे हैं। मोअल्लिम धारक शिक्षक तो बनना चाहते हैं मगर बगैर टीईटी के। इस पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मोअल्लिम धारकों को मनाने में जुटे हैं कि वे टीईटी के लिए राजी हो जाएं ताकि इसका आयोजन कराया जा सके।
शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के चलते कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश को 31 मार्च 2014 तक का समय दे रखा है। पर स्थिति यह है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी ही नहीं हो पा रही है।
सूबे में पिछली बार टीईटी नवंबर 2011 में आयोजित कराई गई थी। इसके बाद से प्रस्ताव कई बार बना लेकिन परीक्षा नहीं हो पाई। इसमें सबसे बड़ी समस्या मोअल्लिम धारक हैं। दरअसल सपा सरकार मुसलमानों को अपना मुख्य वोट बैंक मानती है और मोअल्लिम धारक इसी का लाभ उठा रहे हैं। वे बगैर टीईटी पास किए शिक्षक बनना चाहते हैं। लिहाजा एनसीटीई की नियमावली हर बार आड़े आ रही है। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि मोअल्लिम धारक वाले मान जाएं ताकि टीईटी आयोजित कराई जा सके